NEET UG : नीट का पेपर लीक होने का शक, 120 प्रश्न हूबहू मैच, क्या 720 में से 600 नंबर के सवाल पहले ही हुए आउट
NEET UG Paper leak: राजस्थान पुलिस एसओजी ने बताया है कि नीट यूजी परीक्षा से पहले से एक गैस पेपर नीट अभ्यर्थियों के बीच सर्कुलेट हो रहा था। इस गेस पेपर में करीब 410 सवाल हैं जिसमें से 120 सवाल नीट एग्जाम के केमिस्ट्री सेक्शन में हूबहू आए हैं।

NEET UG Paper Leak : एमबीबीएस व बीडीएस जैसे कोर्सेज में दाखिला दिलाने वाली देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी पेपर लीक के संदेह के चलते 2024 के बाद एक बार फिर विवादों के घेरे में है। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के खुलासे के बाद नीट यूजी 2026 परीक्षा के पेपर लीक का शक और गहरा गया है। राजस्थान पुलिस एसओजी ने बताया है कि नीट यूजी परीक्षा से 15 से 1 महीने पहले से एक गैस पेपर नीट अभ्यर्थियों के बीच सर्कुलेट हो रहा था। इस गेस पेपर में करीब 410 सवाल हैं जिसमें से 120 सवाल नीट एग्जाम के केमिस्ट्री सेक्शन में हूबहू आए हैं। पूरे मैच होते हैं। देश के मेडिकल, डेंटस व आयुष कॉलेजों में दाखिले के लिए नीट 2026 एग्जाम 3 मई 2026 को देश भर में आयोजित किया गया था।
क्या 600 नंबर के सवाल पहले ही पहुंच गए
एसओजी की जांच में ऐसे खुलासे सामने आ रहे हैं जिन्होंने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि नीट यूजी के 720 नंबर में से 600 नंबर के सवाल कुछ छात्रों तक पहले ही पहुंच गए थे।
राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) के एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) विशाल बंसल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'नीट यूजी परीक्षा को लेकर फैली तरह-तरह की भ्रांतियों के बारे में मैं आपको बताऊं, तो एक गेस पेपर है, जिसमें करीब 410 सवाल हैं। उन 410 सवालों में से तकरीबन 120 सवाल केमिस्ट्री में आए हुए बताए जाते हैं। बताया जा रहा है कि यह गेस पेपर स्टूडेंट्स के बीच काफी पहले से सर्कुलेट हो रहा था। यह असली एग्जाम से 15 दिन पहले, एक महीने पहले ही उन तक पहुंचना शुरू हो गया था। इसलिए, हमारी इन्वेस्टिगेशन का अभी इस बात पर फोकस है कि क्या इस गेस पेपर के आधार पर कोई चीटिंग या क्रिमिनल एक्टिविटी हुई है। हम इस मामले की एक्टिवली जांच कर रहे हैं और अभी इन्वेस्टिगेशन प्रोसेस में लगे हुए हैं।'
क्या गेस पेपर 5-5 लाख रुपये में बिका?
इंडिया टुडे की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि गेस पेपर परीक्षा से दो दिन पहले 5-5 लाख रुपये में बिका लेकिन परीक्षा से एक रात पहले इसकी 30-30 हजार रुपये में बिक्री हुई। एसओजी ने यह भी बताया है कि हिरासत में लिए गए लोगों के मोबाइल में मैसेज पर फॉर्वर्डेड मेनी टाइम्स दिख रहा है, यानी ये पेपर बहुत लोगों तक आगे पहुंचा है।
जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ का लिंक चूरू के एक युवक से जुड़ रहा है, जो फिलहाल केरल के एक मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई कर रहा है. उसने 1 मई को ये सवाल सीकर में अपने एक दोस्त को भेजे थे. इसके बाद यह दस्तावेज एक पीजी संचालक तक पहुंचा और फिर वहां रहने वाले छात्रों, करियर काउंसलर्स और अन्य अभ्यर्थियों के बीच तेजी से फैलता चला गया. SOG अब इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है.
केरल से आउट, राजस्थान के सीकर तक पहुंचा
नीट यूजी पेपर लीक मामले में कहा जा रहा है कि जो गेस पेपर नीट अभ्यर्थियों के बीच पहुंच रहा था, वह केरल से आउट हुआ था और राजस्थान तक पहुंचा था। राजस्थान के सीकर में कंसलटेंसी चलाने वाले झुंझुनूं के एक शख्स के पास परीक्षा से करीब 1 महीना पहला गैस पेपर आया था।
कई संदिग्धों को पकड़ा
एसओजी ने ने पिछले चार दिन में देहरादून, सीकर व झुंझुनूं से 13 संदिग्धों को पकड़ा है। एजेंसी से जुड़े विश्वस्त सूत्रों ने इसकी पुष्टि भी की है। जिन्हें पकड़ा है, उनमें से ज्यादातर करियर काउंसलर हैं। देहरादून से पकड़े गए संदिग्धों में एक सीकर का राकेश मंडावरिया है। उसका पीपराली रोड पर एक नामी कोचिंग संस्थान के सामने कंसल्टेंसी का ऑफिस है। राकेश की निशानदेही पर देहरादून से शनिवार देर शाम 4 और लोगों को पकड़ा है।
NTA ने मानी परीक्षा में गड़बड़ी की बात
3 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा से चार दिन बाद एग्जाम कराने वाली सरकारी एजेंसी एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) को गड़बड़ी की जानकारी मिल गई थी। एनटीए के मुताबिक 7 मई को कथित गड़बड़ी से जुड़े इनपुट मिलने के बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंप दिया गया। एसओजी सहित जांच एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं, जबकि एनटीए ने नीट देने वाले छात्रों से अफवाहों से बचने और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखने की अपील की है।




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