10 लाख में खरीदा 15 में बेचा; NEET पेपर लीक में नासिक से BAMS छात्र गिरफ्तार, बदल लिया था हुलिया
NEET UG paper leak: नीट यूजी पेपर लीक मामले में पुलिस ने नासिक से एक बीएमएएस छात्र को गिरफ्तार किया है। उसके ऊपर आरोप है कि उसने पुणे के एक संदिग्ध से 10 लाख में पेपर खरीदा बाद में उसे 15 लाख में हरियाणा के एक खरीददार को बेच दिया।

NEET Paper leak news: मंगलवार को देश भर के मेडीकल छात्रों को उस वक्त झटका लगा, जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट-यूजी के पेपर को रद्द कर दिया। एजेंसी द्वारा बताया गया कि 22 लाख बच्चों द्वारा दिया गया यह पेपर लीक हो गया था इस वजह से इसे रद्द किया गया है। अब इस पेपर लीक को लेकर एजेंसिया एक्टिव हो गई हैं। कथित तौर पर यह पूरा घोटाला महाराष्ट्र के नासिक से शुरू हुआ, जहां पर नीट पेपर की पहली कॉपी सामने आई है। कड़ी से कड़ी मिलाते हुए सीबीआई ने नासिक से एक बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडीकल एंड सर्जरी (BAMS) के छात्र को गिरफ्तार किया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक सीबीआई ने मंगलवार दोपहर को शुभम खैरनार नामक इस 30 वर्षीय व्यक्ति को नासिक से गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक शुभम ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बाल मुंडवाकर अपना हुलिया बदल लिया था। लेकिन पुराने फोटोज के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया है। शुभम के परिवार ने अपने बेटे को बेकसूर बताया है। उनका कहना है कि उनके बेटे का किसी भी पेपर लीक रैकेट के साथ संबंध नहीं है, लेकिन अगर यह मामला सामने आया है, तो इसकी जांच होने चाहिए।
वहीं, सूत्रों के मुताबिक नासिक निवासी शुभम ने पुणे के एक शख्स से 10 लाख रुपए में लीक हुआ पेपर खरीदा था। इसके बाद उसने रात ही रात में इसे हरियाणा के एक खरीददार को 15 लाख रुपए में बेच दिया। इस तरीके से उसे 5 लाख रुपए का फायदा हुआ। सूत्रों के मुताबिक यह पूरा पेपर इस समय तक सोशल मीडिया के जरिए फैल रहा था। सुभम के हाथ से निकलने के बाद पेपर फिर हरियाणा, महाराष्ट्र, गुरुग्राम सीकर, जयपुर और इसके साथ ही साथ जम्मू-कश्मीर, बिहार और केरल तक फैल गया।
कैसे खुला पूरा मामला
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पूरे पेपर कांड का खुलासा केरल से हुआ। सीकर का एक छात्र केरल में पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता राजस्थान के सीकर में एक लड़कियों के लिए पीजी सुविधा केंद्र चलाते हैं। नीट यूजी पेपर के एक रात पहले लड़के ने अपने पिता को गेस पेपर के नाम से एक पीडीएफ भेजा। देर रात होने की वजह से पिता ने इस पर ध्यान नहीं दिया लेकिन बाद में उन्होंने सुबह हॉस्टल की लड़कियों से इसे साझा करने की कोशिश की। परीक्षा के खत्म होने के बाद पेपर को केमिस्ट्री और बायोलॉजी के शिक्षकों को दिखाया गया। जहां सामने आया कि केमिस्ट्री के 108 में से 45 सवाल और बायोलॉजी के 204 में 90 सवाल उस कथित गेस पेपर से मेल खा रहे थे।
सूत्रों ने दावा किया कि सीकर के कुछ कोचिंग संस्थानों ने चुनिंदा छात्रों को इन तथाकथित गेस पेपर के आधार पर NEET-UG की तैयारी करने के लिए कहा था, जबकि कुछ अभ्यर्थियों को पीडीएफ कॉपी दी गई।
मामला सामने आने पर कुछ शिक्षकों ने प्रारंभ में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। लेकिन आरोप है कि सीकर पुलिस ने मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद में उन्होंने NTA को ईमेल किया, जिसने कथित तौर पर खुफिया ब्यूरो (IB) को सूचित किया। इसके बाद IB ने राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) को मामले की जांच का निर्देश दिया। जांच में इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है। अभी तक एक दर्जन से ज्यादा लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।




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