विजय ही नहीं, उनके ड्राइवर के बेटे ने भी मारा मैदान, DMK विधायक को हराया; जानें कौन हैं
तमिलनाडु के नए ‘सिकंदर’ थलापति विजय इतिहास रच चुके हैं। उन्होंने ही नहीं उनके ड्राइवर के बेटे ने भी तमिलनाडु चुनाव में मैदान मार दिया। डीएमके विधायक को 27 हजार से अधिक के मार्जिन से हरा दिया है।

Thalapathy Vijay Driver Son: तमिलनाडु की राजनीति में इस बार का चुनाव नतीजा किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं..। 60 से अधिक वर्षों तक तमिलनाडु राज्य में जहां राजनीति डीएमके और एआईएडीएमके के बीच ही रही। वहां सुपरस्टार थलापति विजय ने धमाकेदार एंट्री ली और विरोधियों को पहले ही वार में चारों खाने चित कर दिया। तमिलनाडु में इस बार विजय सरकार बनने जा रही है। थलापति की पार्टी टीवीके में सिर्फ विजय ने ही नहीं, उनके ड्राइवर के बेटे ने भी चुनाव लड़कर डीएमके विधायक को धूल चटा दी है।
विजय थलापति के ड्राइवर के बेटे का नाम आर सबरिनाथन है। उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में डीएमके विधायक एएमवी प्रभाकर राजा को 27 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। सबरीनाथन की जीत ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।
कौन हैं सबरिनाथन
तमिलगा वेट्री कझगम यानी टीवीके उम्मीदवार आर सबरिनाथन ने विरुगम्बक्कम सीट पर मौजूदा डीएमके विधायक एएमवी प्रभाकर राजा को 27,086 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया। सबरिनाथन के पिता राजेंद्रन विजय के ड्राइवर हैं। जीत के बाद सबरिनाथन काफी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि वह जीत से काफी उत्साहित हैं और यह नतीजा “डीएमके के अंत की शुरुआत” का संकेत है।
सबरिनाथन के विधायक बनने की कहानी काफी इमोशनल
ड्राइवर राजेंद्रन शुरुआत से ही विजय के साथ रहे हैं। विजय जब चुनाव में टीवीके उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर रही थी, तब विजय ने खुद अपने हाथ से सबरिनाथन को टिकट सौंपा था। सबरिनाथन काफी इमोशनल हो गए थे। उन्होंने पैर छूकर विजय का आशीर्वाद लिया और जीत का संकल्प लिया था।
तमिलनाडु के नए सिकंदर विजय
तमिलगा वेट्री कझगम यानी टीवीके ने 234 सीटों में 100 से ज्यादा सीटें जीतकर राजनीतिक पंडितों को अपनी ताकत का एहसास करा दिया है। हालांकि बहुमत के लिए 118 सीटों का आंकड़ा अभी दूर है, लेकिन छोटे दलों के समर्थन की संभावनाओं ने सियासी समीकरणों को बेहद रोचक बना दिया है।
एमजीआर के बाद ऐसा करने वाले दूसरे सुपरस्टार
तमिलनाडु की राजनीति में ऐसा उलटफेर करने वाले विजय दूसरे बड़े सुपरस्टार हैं। इससे पहले साउथ के सुपरस्टार एमजीआर ने एआईएडीएमके का नेतृत्व करते हुए पहली बार 1977 में तमिलनाडु का चुनाव जीता था और मुख्यमंत्री बने थे। में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव जीता और मुख्यमंत्री बने। उन्होंने 1980 और 1984 के चुनावों में भी लगातार जीत हासिल की और 1987 में अपनी मृत्यु तक पद पर बने रहे।
विजय का राजनीति में ‘ब्लॉकबस्टर’ डेब्यू
खुद थलापति विजय ने भी तमिलनाडु चुनाव में पेरंबूर सीट से 53000 से ज्यादा वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। पार्टी नेताओं का दावा है कि जनता ने विजय के विजन को स्वीकार किया है और वह राज्य के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
डीएमके को बड़े झटके
तमिलनाडु में डीएमके को करारी हार के साथ दो बड़े झटके लगे हैं। पहला मुख्यमंत्री एमके स्टालिन खुद कोलाथुर सीट से हार गए। उन्हें टीवीके के वीएस बाबू ने करीब 9,000 वोटों से हराया। वहीं, कांग्रेस पार्टी जो पहले डीएमके गठबंधन का हिस्सा थी, भी सिर्फ कुछ सीटों तक सिमट गई। साथ ही कांग्रेस ने टीवीके के साथ सरकार बनाने की इच्छा जाहिर की है। खुद राहुल गांधी ने विजय को फोन कर बधाई दी है।




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