ममता बनर्जी के हाथ से फिसलती जा रही बाजी, अब सांसद प्रसून बनर्जी भी हुए बागी
TMC Crisis Latest News: बंगाल की सियासत में बड़ा उलटफेर! TMC सांसद प्रसून बनर्जी ने बागी 'काकोली गुट' का दामन थाम लिया है। अब ममता बनर्जी के पास लोकसभा में सिर्फ 8 सांसद बचे हैं, जबकि 20 बागी सांसदों ने अलग ब्लॉक की मांग की है।

TMC Crisis Latest News: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में चल रहे आंतरिक संकट के बीच ममता बनर्जी के खेमे को एक और बड़ा झटका लगा है। हावड़ा से लगातार तीसरी बार लोकसभा सांसद चुने गए प्रसून बनर्जी ने भी पार्टी आलाकमान के खिलाफ बगावती रुख अपनाते हुए बागी सांसदों के 'काकोली ग्रुप' का दामन थाम लिया है। यह घटनाक्रम पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि बागी सांसद लोकसभा में अलग समूह के रूप में मान्यता और एनडीए के साथ जुड़ने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, प्रसून बनर्जी समेत कई बागी सांसदों ने हाल ही में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के दिल्ली स्थित आवास पर बैठक की थी। इस बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी शामिल हुए थे। बैठक की एक कथित तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है। इस तस्वीर में, सुखेंदु शेखर राय, सांसद अबू ताहिर, असित मल, अरूप चक्रवर्ती, कालीपद खेरवाल, जगदीश बसुनिया, प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार और शताब्दी रॉय के साथ दिखाई दे रहे हैं।
बैठक के बाद टीएमसी के बागी गुट ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर टीएमसी संसदीय दल से अलग होने और अलग सीटिंग की मांग की है। विद्रोहियों का दावा है कि टीएमसी की 28 लोकसभा सीटों में से करीब 20 सांसद उनके साथ हैं।
संसद में अलग ब्लॉक बनाने की तैयारी
प्रसून बनर्जी ने उस अहम पत्र पर अपने हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिसमें संसद के भीतर टीएमसी के बागी गुट को एक अलग ब्लॉक (स्वतंत्र गुट) के रूप में मान्यता देने की मांग की गई है। काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाला यह गुट लोकसभा स्पीकर से अलग सीटिंग अरेंजमेंट की मांग कर रहा है।
ममता के पाले में सिर्फ 8 सांसद
प्रसून के इस कदम से टीएमसी के संसदीय दल में हुआ विभाजन अब पूरी तरह साफ हो गया है। इस नए घटनाक्रम के बाद काकोली ग्रुप में शामिल होने वाले लोकसभा सांसदों की कुल संख्या बढ़कर 20 हो गई है। वहीं, पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी के साथ अब सिर्फ 8 सांसद ही खड़े नजर आ रहे हैं। बागी गुट अपने कुनबे को और मजबूत करने के लिए लगातार बाकी सांसदों का भी समर्थन जुटाने में लगा है।
राज्यसभा में भी झटके पर झटके
टीएमसी में इस्तीफों और बगावत की झड़ी सिर्फ लोकसभा तक सीमित नहीं है। कुछ ही घंटे पहले तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रकाश चिक बराइक ने उच्च सदन की सदस्यता के साथ-साथ पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता द्वारा भाजपा को दिए गए जनादेश को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया है। सुखेंदु शेखर राय और सुष्मिता देव के बाद, इस हफ्ते पार्टी छोड़ने वाले बराइक तीसरे टीएमसी सांसद हैं। सूत्रों के मुताबिक, बराइक ने राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन से मुलाक़ात की और अपना इस्तीफा सौंपा।
बाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता निशिकांत दुबे के आवास के बाहर पत्रकारों से बातचीत में बराइक ने कहा, "पश्चिम बंगाल की जनता ने भाजपा के पक्ष में जनादेश दिया है। तृणमूल कांग्रेस को जनता का समर्थन नहीं मिला। पश्चिम बंगाल के लोगों द्वारा दिए गए जनादेश का सम्मान करते हुए मैं पार्टी से इस्तीफा दे रहा हूं।"




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