कांग्रेस में विलय का तो सवाल ही नहीं उठता; 'असली TMC' का दावा- अभी और इस्तीफे होंगे
TMC: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद से ममता बनर्जी को लगातार झटके मिल रहे हैं। पहले विधायकों ने बगावत कर दिया। अब सांसदों का अलग गुट तैयार हो रहा है।

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) में चल रहा आंतरिक विद्रोह अब पूरी तरह से बेकाबू हो चुका है। राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव के इस्तीफे के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में बागी गुट के नेता और नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि पार्टी अब बिखरने की कगार पर है और जल्द ही कई अन्य बड़े इस्तीफे होने वाले हैं।
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और विशेष रूप से ममता बनर्जी के भतीजे और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर सीधा हमला बोलते हुए ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, "पार्टी के भीतर के हालातों की वजह से लोग सामूहिक इस्तीफे के बारे में सोच रहे हैं। संसद में खासकर राज्यसभा में कुछ लोग संगठन को एक सर्कस की तरह चलाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हम सर्कस के जानवर नहीं हैं। सुष्मिता देव के बाद कई और सांसद कतार में हैं।"
ऋतब्रत ने साफ किया कि डायमंड हार्बर से लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी की तानाशाही कार्यशैली के कारण संगठन में एकता से ज्यादा टकराव की स्थिति पैदा हो चुकी है।
20 सांसदों ने मांगी अलग सीट
विद्रोह सिर्फ राज्यसभा में सुखेंदु शेखर राय और सुष्मिता देव के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकसभा में भी बड़ी टूट हो चुकी है। वरिष्ठ टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने समाचार एजेंसी ANI से पुष्टि की है कि पार्टी के 20 लोकसभा सांसदों के एक धड़े ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की है।
नया गुट बनाने का दावा
नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी का दावा है कि लोकसभा में टीएमसी के दो-तिहाई से अधिक सांसद पार्टी की तानाशाही कार्यशैली के खिलाफ एक अलग गुट बनाने का फैसला कर चुके हैं। केंद्र सरकार के साथ काम करने का संकेत दे रहे हैं। काकोली घोष दस्तिदार ने कहा, "हम 20 सांसद पश्चिम बंगाल के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे।"
"हम ही असली TMC हैं"
जब ऋतब्रत बनर्जी से पूछा गया कि क्या बागी गुट आगे चलकर कांग्रेस में शामिल होने जा रहा है, तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "हमारा कांग्रेस में विलय करने का कोई इरादा नहीं है। हमारा गुट ही असली टीएमसी है।" उन्होंने यह भी कहा कि जो भी तानाशाही के खिलाफ और लोकतंत्र के पक्ष में आवाज उठा रहा है, उसे हर तरफ से समर्थन मिलना तय है।
कांग्रेस के साथ विलय की खबरें बेबुनियाद
दिल्ली में चल रही राजनीतिक हलचलों के बीच टीएमसी और कांग्रेस के विलय की अटकलों को दोनों ही पार्टियों के सूत्रों ने पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया है। यह अफवाहें तब शुरू हुईं जब टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने दिल्ली में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी से मुलाकात की। हालांकि विलय का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि भविष्य में किसी चुनावी या राजनीतिक गठबंधन के दरवाजे खुले हुए हैं।
अभिषेक की राहुल से मुलाकात
इसी सिलसिले में अभिषेक बनर्जी ने भी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की है। ममता और अभिषेक दोनों ही विपक्षी गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे हुए हैं। यदि काकोली घोष दस्तिदार के नेतृत्व वाले 20 सांसदों का यह बागी गुट लोकसभा में अलग बैठने में कामयाब रहता है तो संसद के निचले सदन में ममता बनर्जी की पार्टी का संख्या बल और राष्ट्रीय प्रभाव बेहद कम हो जाएगा।




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