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भारत वफादारी और इंसानियत की भूमि है... खामेनेई के करीबी ने दिल खोलकर की तारीफ

ईरान ने अयातुल्ला खामेनेई की शोक सभा में शामिल होने के लिए भारत का आभार जताते हुए इसे 'वफादारी की भूमि' कहा है। इस बीच, नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने देश के पुनर्निर्माण का आह्वान किया है।

Thu, 2 April 2026 11:18 AMAmit Kumar लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ
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भारत वफादारी और इंसानियत की भूमि है... खामेनेई के करीबी ने दिल खोलकर की तारीफ

भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. आयतुल्लाह अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने लखनऊ में दिवंगत अयातुल्ला अली खामेनेई की शोक सभा में शामिल होने वाले भारतीयों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। उन्होंने भारत को 'वफादारी और इंसानियत' की भूमि बताया। बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'वह (अयातुल्ला अली खामेनेई) उन लोगों की आवाज थे जिनकी अपनी कोई आवाज नहीं थी। वह अंतरात्मा की आवाज थे। जो लोग यहां आए हैं, वे अपनी मर्जी से आए हैं; किसी ने उन्हें मजबूर नहीं किया। यह स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि भारत की भूमि वफादारी, मानवता और नैतिकता की भूमि है।'

इलाही ने छोटे इमामबाड़े में देर रात जनसमूह को भी संबोधित। उन्होंने कहा कि ईरान जंग में मजबूती के साथ खड़ा है। ईरान किसी कीमत पर नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि यह जंग ईरान पर थोपी गई है। इस मौके पर आल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने डॉ. हकीम इलाही को एक पत्र सौंपा, जिसमें मांग की गई कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मोज से भारतीय जहाजों को बिना रोक-टोक गुजरने की अनुमति दी जाए।

उन्होंने कहा कि खामेनेई की शहादत पर हमें गहरा सदमा और दुख है। मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि 'हिंदुस्तान और ईरान के सदियो पुराने रिश्ते हैं। आज जब पूरी दुनिया समुदरी रास्तों पर जंग की वजह से एनर्जी क्राइसिस का सामना कर रही है, तो हम दरख्वास्त करते हैं कि जम्हूरिया-ए-इस्लामी ईरान अपनी रहनुमाई और सरपरस्ती में हिंदुस्तान आने वाले जहाजों को गुजरने की इजाजत देकर हमारे मुल्क के लिए पेट्रोलियम सप्लाई को बिना किसी रुकावट के जारी रखे।'

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पश्चिम एशिया में जारी है जंग

गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त सैन्य हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की जान चली गई थी। इस घटना ने पश्चिम एशिया में एक बड़े संघर्ष की शुरुआत कर दी। इसके जवाब में ईरान ने भी क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर जवाबी हमले किए, जिससे युद्ध का दायरा काफी बढ़ गया। इस घटनाक्रम के बाद पूरे भारत में शिया समुदाय द्वारा अमेरिका और इजरायल के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए गए थे।

ईरान के नए सर्वोच्च नेता का राष्ट्रव्यापी पुनर्निर्माण का आह्वान

बुधवार को, ईरान के नए सर्वोच्च नेता और दिवंगत अयातुल्ला के बेटे मोजतबा खामेनेई ने देश के बुनियादी ढांचे को बहाल करने और युद्ध से हुई तबाही से उबरने के लिए एक व्यापक राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा की। ईरान के सरकारी चैनल 'प्रेस टीवी' के अनुसार, उनकी यह अपील 'इस्लामिक रिपब्लिक डे' और 'नेशनल नेचर डे' के अवसर पर दिए गए संदेश का हिस्सा थी।

अपने संदेश में उन्होंने कहा कि हालिया संघर्ष के बाद अब पूरा ध्यान देश की निरंतर प्रगति और समृद्धि सुनिश्चित करने पर होना चाहिए। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि बाहरी हमलों ने न केवल आम जनता को प्रभावित किया है, बल्कि देश की भूमि और प्राकृतिक पर्यावरण को भी विशेष रूप से निशाना बनाया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि ऐसे समय में जब नीच और क्रूर अमेरिकी तथा यहूदीवादी (जायोनी) दुश्मन अपनी बर्बरता में किसी भी मानवीय, नैतिक या अस्तित्वगत सीमाओं को नहीं मानते, तब देश को पूरी तरह से अपने आंतरिक विकास और एकजुटता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

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डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को कड़ी चेतावनी

एक तरफ जहां ईरान पुनर्निर्माण की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा है कि इस चल रहे संघर्ष के बीच आने वाले हफ्तों में ईरान को गंभीर सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वाशिंगटन की कार्रवाई अमेरिका और दुनिया के लिए तेहरान के भयावह खतरे को खत्म करने की कगार पर है।