भारत को मध्यस्थता की जरूरत नहीं, पाकिस्तान का जिक्र कर बोला रूस; तेल पर किया वादा
रूस के विदेश मंत्री ने कहा, 'भारत का मानना है कि यह मुख्य रूप से दो देशों के बीच का आपसी मामला है और उसे किसी भी तरह की मध्यस्थता या बाहरी दखल में कोई दिलचस्पी नहीं है। हम भारत के इस रुख का पूरा सम्मान करते हैं और हमारा मानना है कि यह बिल्कुल सही और समझदारी भरा है।'

रूस ने भारत को एनर्जी सप्लाई जारी रखने का वादा किया है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान विदेश मंत्री सार्गेई लावरोव ने कहा है भारत के हित किसी भी तरह प्रभावित नहीं होंगे। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान का जिक्र कर कह यह भी कहा कि भारत को किसी भी तरह की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है। खास बात है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार दावा करते रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम उन्होंने कराया था। जबकि, भारत ने इस दावे से साफ इनकार किया है और कहा है कि फैसला द्विपक्षीय था।
आरटी इंडिया को दिए इंटरव्यू में लावरोव ने कहा, 'रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि सोवियत संघ के समय से ही हमने हमेशा भारत और पाकिस्तान की मदद करने की कोशिश की है ताकि वे अपने मतभेदों को दूर कर सकें। जब ब्रिटिश साम्राज्य खत्म हुआ और भारत, पाकिस्तान और बाद में बांग्लादेश जैसे देश आजाद हुए, तो ऐसी स्थितियों में मतभेद होना स्वाभाविक था।'
आतंकवादी हमलों पर भी बोले
इस दौरान उन्होंने जम्मू और कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले पर भी बात की। उन्होंने कहा, 'अप्रैल 2025 में हुए आतंकवादी हमले के बाद राष्ट्रपति पुतिन उन पहले नेताओं में से एक थे जिन्होंने इसकी कड़े शब्दों में निंदा की और भारतीय नेता और वहां की जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। भारत में जो कुछ भी होता है, उसके प्रति हमारी पूरी सहानुभूति है। भारत में अक्सर प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं और ऐसे आतंकवादी हमलों का दर्द हम भारतीय जनता के साथ पूरी तरह महसूस करते हैं।'
भारत और पाकिस्तान से की थी रूस ने बात
लावरोव ने बताया के उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों ही मुल्कों से संपर्क किया था। उन्होंने कहा, 'हमने हमेशा संकटों को दूर करने और बातचीत शुरू करने में मदद की कोशिश की है। मैंने इस बारे में भारत के विदेश मंत्री जयशंकर और मंत्री डार से भी बात की है। हम अपने भारतीय दोस्तों के रुख को जानते हैं...।'
रूस के विदेश मंत्री ने कहा, 'भारत का मानना है कि यह मुख्य रूप से दो देशों के बीच का आपसी मामला है और उसे किसी भी तरह की मध्यस्थता या बाहरी दखल में कोई दिलचस्पी नहीं है। हम भारत के इस रुख का पूरा सम्मान करते हैं और हमारा मानना है कि यह बिल्कुल सही और समझदारी भरा है।'
तेल को लेकर भी कर दिया बड़ा वादा
लावरोव ने कहा, 'मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि जहां तक रूस से होने वाली सप्लाई का सवाल है, भारत के हितों पर कोई आंच नहीं आएगी। हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश करेंगे कि इस तरह के गलत व्यवहार या अनुचित मुकाबले का असर हमारे आपसी समझौतों पर न पड़े।'




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