बदल रहे हैं रूस-अमेरिका समीकरण? व्यापार को लेकर मॉस्को ने दिया बड़ा ऑफर
Russia US Relation: मॉस्को-कीव तनाव के बीच क्रेमलिन ने स्पष्ट किया है कि अगर आर्थिक और व्यापारिक संबंध यूक्रेन विवाद के समाधान से अलग रखे जाएं, तो रूस अमेरिका के साथ व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

मॉस्को-कीव तनाव के बीच क्रेमलिन ने स्पष्ट किया है कि अगर आर्थिक और व्यापारिक संबंध यूक्रेन विवाद के समाधान से अलग रखे जाएं, तो रूस अमेरिका के साथ व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है। संभावित संयुक्त परियोजनाओं का जिक्र करते हुए भी मॉस्को ने यूक्रेनी सैनिकों की वापसी और युद्धविराम की अपनी मूल मांगों को दोहराया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि रूस अमेरिका के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने को इच्छुक है, लेकिन इसके लिए वाशिंगटन को यूक्रेन शांति समझौते को व्यापारिक संबंधों से जोड़ना बंद करना होगा।
इस दौरान पेस्कोव ने कहा कि अगर अमेरिकी पक्ष व्यापार और आर्थिक संबंधों को सामान्य बनाने की संभावनाओं को यूक्रेनी समझौते से अलग करने के लिए तैयार है, या अगर यूक्रेनी समझौता हो जाता है तो हमें उम्मीद है कि आर्थिक परियोजनाओं की एक पूरी श्रृंखला लागू करने का मार्ग खुल जाएगा।
युद्ध समाप्ति के बाद व्यापार खोलने की तैयारी
पेस्कोव ने कहा कि रूस और अमेरिका के बीच निवेश एवं व्यापार क्षेत्र में पारस्परिक लाभप्रद सहयोग की आशाजनक परियोजनाएं मौजूद हैं। हालांकि, उन्होंने इसकी कोई जानकारी नहीं दी। बता दें कि पुतिन पहले ही आर्कटिक के खनिज भंडारों और ऊर्जा क्षेत्र में संयुक्त परियोजनाओं की संभावना जता चुके हैं। उन्होंने अलास्का में सहयोग की भी चर्चा की है, जो शीत युद्ध समाप्ति के बाद लगभग भुलाई जा चुकी बातों को फिर से जिंदा कर रहा है। पुतिन के निवेश दूत किरिल दिमित्रीव ने हाल ही में बेरिंग स्ट्रेट के नीचे 'पुतिन-ट्रंप' रेल सुरंग का प्रस्ताव रखा है, जो रूस और अमेरिका को सीधे जोड़ेगी।
रूस की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोनों ने हाल ही में यूक्रेन में किसी न किसी रूप का समझौता संभव होने के संकेत दिए हैं। हालांकि, 2022 में यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने के आक्रमण के बाद अमेरिका द्वारा लगाए गए व्यापक प्रतिबंध अभी भी लागू हैं, जिनके कारण दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और वित्तीय सहयोग में भारी कमी आई है।
यूक्रेन पर सख्त रुख बरकरार
आर्थिक मोर्चे पर नरम रुख के बावजूद क्रेमलिन ने यूक्रेन संबंधी अपनी मूल मांगों से कोई समझौता करने का संकेत नहीं दिया है। पेस्कोव ने जून 2024 में पुतिन द्वारा घोषित शर्तों को दोहराते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों पर रूस का नियंत्रण है, वहां से यूक्रेनी सेनाओं को वापस जाना होगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी युद्धविराम के लिए यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की को सैनिकों को लड़ाई रोकने और डोनबास क्षेत्र से पीछे हटने का आदेश देना होगा, तभी वार्ता शुरू हो सकती है। यूक्रेन ने इन मांगों को अस्वीकार्य बताते हुए खारिज कर दिया है और कहा है कि मॉस्को शांति की बजाय आत्मसमर्पण की शर्तें थोप रहा है।
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