High Court judges will be transferred before the position becomes vacant why the collegium changed the policy पद खाली होने से पहले ही हाईकोर्ट जजों का हो जाएगा ट्रांसफर, क्यों कॉलेजियम ने बदली पॉलिसी, India News in Hindi - Hindustan
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पद खाली होने से पहले ही हाईकोर्ट जजों का हो जाएगा ट्रांसफर, क्यों कॉलेजियम ने बदली पॉलिसी

इस नई व्यवस्था से नए मुख्य न्यायाधीश को फाइलों और कोर्ट की कार्यशैली को समझने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। नेतृत्व परिवर्तन के दौरान कोर्ट के कामकाज में कोई रुकावट नहीं आएगी।

Fri, 27 Feb 2026 12:47 PMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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पद खाली होने से पहले ही हाईकोर्ट जजों का हो जाएगा ट्रांसफर, क्यों कॉलेजियम ने बदली पॉलिसी

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के विभिन्न हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीशों के स्थानांतरण और कार्यभार ग्रहण करने की प्रक्रिया में एक क्रांतिकारी बदलाव किया है। नई नीति के तहत अब किसी उच्च न्यायालय के भावी मुख्य न्यायाधीश को उस पद के रिक्त होने से करीब दो महीने पहले ही संबंधित न्यायालय में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

कॉलेजियम का मानना है कि अचानक नई जिम्मेदारी संभालने के बजाय, यदि भावी मुख्य न्यायाधीश को कुछ समय पहले वहां भेज दिया जाए तो उन्हें उस उच्च न्यायालय के कामकाज, प्रशासनिक ढांचे और स्थानीय मुद्दों को समझने का पर्याप्त अवसर मिलेगा।

कॉलेजियम द्वारा जारी आधिकारिक नोट में कहा गया है, “इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रस्तावित न्यायाधीश उस उच्च न्यायालय के मामलों से अच्छी तरह परिचित हो जाएं और मुख्य न्यायाधीश का पद संभालते ही बिना किसी व्यवधान के कार्य शुरू कर सकें।”

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अक्सर देखा जाता है कि एक मुख्य न्यायाधीश के सेवानिवृत्त होने और दूसरे के कार्यभार संभालने के बीच प्रशासनिक कार्यों में कुछ धीमापन आ जाता है। इस नई व्यवस्था से नए मुख्य न्यायाधीश को फाइलों और कोर्ट की कार्यशैली को समझने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। नेतृत्व परिवर्तन के दौरान कोर्ट के कामकाज में कोई रुकावट नहीं आएगी। बेहतर प्रशासनिक समझ से न्याय वितरण की गुणवत्ता में सुधार होगा।

इस नई नीति को अमलीजामा पहनाते हुए कॉलेजियम ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की न्यायाधीश जस्टिस लीसा गिल के स्थानांतरण की सिफारिश की है। उन्हें आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है।

यदि केंद्र सरकार इस सिफारिश को मंजूरी देती है, तो जस्टिस गिल शुरुआती दो महीनों के लिए आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में में कार्य करेंगी। दो महीने के इस परिचय काल के बाद, वह 25 अप्रैल, 2026 को आधिकारिक तौर पर आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का पद संभालेंगी।