डीके शिवकुमार के डिप्टी होंगे बड़े दलित नेता, कांग्रेस ने जी परमेश्वर पर चला बड़ा दांव, कुल कितने मंत्री लेंगे शपथ
कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पार्टी कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) का सदस्य नियुक्त किया है। पार्टी के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सिद्धरमैया की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से की है।

कर्नाटक में बुधवार (03 जून) को डीके शिवकुमार की ताजपोशी होने जा रही है। वह शाम 4.05 बजे के करीब लोकभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ 12 अन्य लोगों के शपथ लेने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष जी परमेश्वर को उप मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाएगा। इस फैसले से उन अटकलों पर विराम लग गया है कि मुख्यमंत्री-पद के लिए नामित DK शिवकुमार के कितने डिप्टी होंगे। परमेश्वर एक प्रभावशाली और प्रमुख दलित नेता हैं। वह सिद्धारमैया सरकार में राज्य के गृह मंत्री भी रह चुके हैं।
सूत्रों ने बताया कि परमेश्वर चाहते हैं कि वह शिवकुमार के एकमात्र डिप्टी हों। हालाँकि कुछ अन्य लोग अभी भी एक से ज़्यादा उपमुख्यमंत्री बनाने की ज़ोरदार वकालत कर रहे हैं। जी परमेश्वर को उप मुख्यमंत्री पद तक प्रोन्नति देकर कांग्रेस नेतृत्व सिद्धारमैया के उस सामाजिक न्याय के समीकरण को और मजबूत करना चाहती है, जिसकी वकालत मल्लिकार्जुन खरगे से लेकर राहुल गांधी तक करते रहे हैं। दरअसल, कांग्रेस नेतृत्व दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को सत्ता में उचित प्रतिनिधित्व की बात करता रहा है ताकि इसी बहाने उस वर्ग को साधा जा सके। इसी कड़ी में कांग्रेस ने जी परमेश्वर पर बड़ा दांव चला है।
वोक्कालिगा समुदाय से आते हैं DKS
दूसरी तरफ, डीके शिवकुनार राज्य के प्रभावशाली वोक्कालिगा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। उन्हें 30 मई को ही कांग्रेस विधायक दल के नेता चुना लिया गया था। अब राज्यपाल थावरचंद गहलोत लोक भवन के 'ग्लास हाउस' में शाम 4.05 बजे उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। हालांकि, आधिकारिक तौर पर यह ज्ञात नहीं है कि बुधवार को कितने मंत्री शपथ लेंगे। आठ बार के विधायक शिवकुमार निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ लंबे समय से चले आ रहे सत्ता संघर्ष के बाद अब राज्य में शासन की बागडोर संभालेंगे।
सिद्धरमैया ने पिछले सप्ताह कांग्रेस आलाकमान के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे दक्षिण भारत में पार्टी के संकटमोचक माने जाने वाले शिवकुमार के लिए इस प्रतिष्ठित पद पर आसीन होने का रास्ता साफ हो गया। खबरों के मुताबिक, राज्य भर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों के पहुंचने की संभावना के कारण बेंगलुरु में व्यस्त समय के दौरान यातायात अवरूद्ध होने की आशंका को लेकर शपथ ग्रहण समारोह सादे तरीके से आयोजित किया जा रहा है। शपथ ग्रहण समारोह पहले विधान सौध की भव्य सीढ़ियों पर विशाल जनसमूह की उपस्थिति में आयोजित करने की योजना थी।
खरगे, राहुल होंगे शपथ समारोह में शामिल
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पार्टी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला के इस कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ-साथ केंद्रीय नेताओं, गणमान्य व्यक्तियों और आमंत्रित मेहमानों के भी उपस्थित रहने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, विभिन्न मठों के महंतों सहित सभी प्रमुख समुदायों के धर्म गुरुओं को आमंत्रित किया गया है।
मंत्रिपरिषद की संरचना को लेकर गहन बातचीत
इस बीच, मंगलवार को नयी दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान, शिवकुमार और सिद्धरमैया के बीच मंत्रिपरिषद की संरचना को लेकर गहन बातचीत जारी रही। खरगे और राहुल गांधी भी बैठकों में शामिल हुए। कर्नाटक की मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री समेत 34 मंत्रियों की स्वीकृत संख्या है। लोक भवन में शपथ ग्रहण समारोह के लिए व्यापक इंतजाम किये गए हैं। विधानसभा सौध और लोक भवन परिसर के आसपास कांग्रेस के झंडे तथा सोनिया गांधी, राहुल गांधी, शिवकुमार, वेणुगोपाल, सुरजेवाला और निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धरमैया सहित अन्य नेताओं की तस्वीरों वाले बैनर लगाए गए हैं।
बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने संवादताओं को बताया कि सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गए हैं। केवल आमंत्रित किये गए व्यक्तियों को ही प्रवेश मिलेगा।'' लोक भवन के आसपास भारी यातायात को देखते हुए, विधान सौध, विकास सौध और बहुमंजिला सरकारी कार्यालय भवन में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 3 जून को आधे दिन की छुट्टी घोषित की गई है। (भाषा इनपुट्स के साथ)




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