Five new judges appointed to Supreme Court V Mohana Sheel Nagu Shree Chandrashekhar Sanjeev Sachdeva Arun Palli सुप्रीम कोर्ट को मिले 5 नए जज, सरकार ने दी मंजूरी, जानिए कौन हैं इतिहास रचने वालीं सीनियर एडवोकेट वी मोहना?, India News in Hindi - Hindustan
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सुप्रीम कोर्ट को मिले 5 नए जज, सरकार ने दी मंजूरी, जानिए कौन हैं इतिहास रचने वालीं सीनियर एडवोकेट वी मोहना?

वी मोहना सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में सिर्फ 12वीं महिला जज होंगी। वहीं जस्टिस बी.वी. नागरत्ना के साथ वह सुप्रीम कोर्ट की दूसरी मौजूदा महिला जज होंगी। SC जज की पदोन्नति के साथ उन्होंने इतिहास रच दिया है।

Mon, 1 June 2026 09:14 AMJagriti Kumari लाइव हिन्दुस्तान
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सुप्रीम कोर्ट को मिले 5 नए जज, सरकार ने दी मंजूरी, जानिए कौन हैं इतिहास रचने वालीं सीनियर एडवोकेट वी मोहना?

सुप्रीम कोर्ट को 5 नए जज मिल गए हैं। केंद्र सरकार ने सोमवार को चार राज्यों के हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों और सुप्रीम कोर्ट की एक वरिष्ठ महिला वकील को देश की शीर्ष अदालत का जज बनाने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इसकी जानकारी खुद साझा की है। इससे पहले हाल ही में एक अध्यादेश के जरिए सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी गई थी। अब 5 जजों की नियुक्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की मौजूदा संख्या 37 हो गई है।

इससे पहले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने इन नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी। अब SC में जज के रूप में नियुक्ति के साथ ही सीनियर एडवोकेट वी मोहना ने इतिहास रच दिया है। वी मोहना के अलावा पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू, बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री चंद्रशेखर, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण पल्ली भी की नियुक्ति को मंजूरी मिली है।

वी. मोहना ने रचा इतिहास

सीनियर एडवोकेट वी मोहना ने कई मोर्चे पर इतिहास रचा है। जस्टिस इंदु मल्होत्रा के बाद वे देश के इतिहास में केवल दूसरी ऐसी महिला वकील बन गई हैं, जिन्हें वकील से सीधे सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया है। वहीं सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में वह महज 12वीं महिला जज होंगी। वर्तमान में जस्टिस बी.वी. नागरत्ना के साथ वह सुप्रीम कोर्ट की दूसरी मौजूदा महिला जज होंगी। इसके अलावा सीधे बार से नियुक्त होने के कारण उनका कार्यकाल भी 5 साल का लंबा होगा। वह जून 2031 में रिटायर होंगी।

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कर्नाटक हिजाब मामले में कर चुकी हैं बहस

वी मोहना कोयंबटूर की रहने वाली हैं। उनका जन्म 27 जून 1966 को हुआ था। उन्होंने 1988 में कोयंबटूर लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने सीनियर एडवोकेट अधिवक्ता सी एस विद्यानाथन के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग ली और 1996 में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड बनीं। बाद में 2015 में सुप्रीम कोर्ट में उन्हें सीनियर एडवोकेट का दर्जा मिला। दिलचस्प बात यह है कि वे सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के वी विश्वनाथन की क्लासमेट रही हैं और उन्होंने उनके साथ भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल के ऑफिस में भी काम किया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में कई अहम मामलों में पैरवी की है। इनमें सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन, वरिष्ठ नागरिकों के संपत्ति अधिकार और कर्नाटक हिजाब प्रतिबंध से संबंधित मामले भी शामिल हैं।

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4 हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को भी मिली पदोन्नति

वी मोहना के अलावा 4 अन्य जजों को भी सुप्रीम कोर्ट भेजा गया है। वे अपने-अपने राज्यों के हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के रूप में सेवा दे रहे थे।

1. जस्टिस शील नागु-

जस्टिस शील नागु पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में मुख्य न्यायधीश थे। उन्होंने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पर्यावरण से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसले दिए हैं। इसके अलावा वे जस्टिस यशवंत वर्मा कैश कांड की जांच करने वाली इन-हाउस कमेटी के सदस्य भी रहे हैं। वे दिसंबर 2029 में रिटायर होंगे।

2. जस्टिस श्री चंद्रशेखर-

जस्टिस श्री चंद्रशेखर बॉम्बे हाईकोर्ट में मुख्य न्यायधीश के रूप में कार्यरत थे। झारखंड की राजधानी रांची में जन्मे जस्टिस चंद्रशेखर ने सोहराबुद्दीन शेख कथित फर्जी एनकाउंटर, मालेगांव ब्लास्ट और वर्सोवा-भायंदर कोस्टल रोड प्रोजेक्ट जैसे बेहद हाई-प्रोफाइल मामलों की सुनवाई की है। उनकी नियुक्ति इसलिए भी अहम है क्योंकि वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में झारखंड का कोई प्रतिनिधित्व नहीं था।

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3. जस्टिस संजीव सचदेवा-

वर्तमान में वे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश के पद पर थे। दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई करने वाले जस्टिस सचदेवा दो दशकों से अधिक समय तक बार काउंसिल ऑफ इंडिया के स्थायी वकील रहे हैं। उन्होंने 1995 में सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड के रूप में योग्यता हासिल की और 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट बने। इसके बाद अप्रैल 2013 में उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और मार्च 2015 में स्थायी न्यायाधीश बना दिया गया। 2024 में उनका ट्रांसफऱ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट हो गया, जहां उन्होंने जुलाई 2025 में मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। सुप्रीम कोर्ट में उनका कार्यकाल करीब साढ़े तीन साल का होगा।

4. जस्टिस अरुण पल्ली-

जस्टिस अरुण पल्ली जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद पर कार्यरत थे। वे पंजाब के एडिशनल एडवोकेट जनरल रह चुके हैं। उन्हें दिसंबर 2013 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था और बाद में अप्रैल 2025 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। उन्होंने मध्यस्थता और लोक अदालतों के जरिए सालों से लंबित मामलों को निपटाने में अहम काम किया है।