कौन हैं ADJ राजीव गोयल? HC ने कर दिया सस्पेंड, करप्शन केस में पूर्व जज को किया था बरी
राजीव गोयल की सेवाओं को निलंबित करने का यह कड़ा निर्णय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों की उपस्थिति में हुई एक फुल कोर्ट बैठक के दौरान लिया गया।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए एडीजे राजीव गोयल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। राजीव गोयल वर्तमान में कैथल में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) के पद पर तैनात थे। इससे पहले वे पंचकूला में सीबीआई (CBI) कोर्ट के विशेष न्यायाधीश के रूप में कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई कर चुके हैं।
राजीव गोयल की सेवाओं को निलंबित करने का यह कड़ा निर्णय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों की उपस्थिति में हुई एक फुल कोर्ट बैठक के दौरान लिया गया। यह निलंबन उनके खिलाफ संभावित अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने के मद्देनजर किया गया है।
सीबीआई कोर्ट के विशेष जज रहते हुए राजीव गोयल ने कई बड़े और संवेदनशील मामलों में फैसले सुनाए थे। उन्होंने इसी साल 20 अप्रैल को एक अन्य न्यायिक अधिकारी सुधीर परमार को भ्रष्टाचार के एक मामले में बरी कर दिया था। सुधीर परमार का मामला कानूनी और प्रशासनिक हलकों में काफी चर्चा में रहा था।
फिलहाल हाईकोर्ट ने राजीव गोयल के निलंबन आदेश जारी करते हुए उन्हें कैथल मुख्यालय में ही रहने के निर्देश दिए हैं, जब तक कि उनके खिलाफ चल रही विभागीय जांच पूरी नहीं हो जाती।
हाईकोर्ट के आदेश में क्या-क्या?
रजिस्ट्रार जनरल द्वारा 29 मई को जारी आदेश में कहा गया, “मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीशों ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 225 के तहत मिली शक्तियों का प्रयोग करते हुए राजीव गोयल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने के विचार से की गई है। निलंबन की अवधि के दौरान राजीव गोयल का मुख्यालय कैथल रहेगा। इस अवधि के दौरान वे कैथल के जिला और सत्र न्यायाधीश की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। राजीव गोयल को निर्वाह भत्ता उस अवकाश वेतन के बराबर मिलेगा जो उन्हें तब मिलता यदि वे आधे वेतन पर अवकाश पर होते। इसके अतिरिक्त यदि नियमों के अनुसार पात्र हों तो उन्हें इस अवकाश वेतन के आधार पर अन्य भत्ते भी मिलेंगे। यह सब हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के अध्याय VII के तहत बनाए गए नियमों के अनुसार उनके निलंबन की तारीख से लागू होगा।”
गोयल के पूर्ववर्ती सुधीर परमार को भी अप्रैल 2023 में उच्च न्यायालय द्वारा निलंबित कर दिया गया था। यह कार्रवाई हरियाणा के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा उनके आवास पर की गई छापेमारी के बाद की गई थी। परमार के आवास पर छापेमारी भ्रष्टाचार के आरोपों और एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग के कारण की गई थी, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि वे कथित तौर पर रियल-एस्टेट डेवलपर्स के प्रति पक्षपात दिखा रहे थे।
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