ममता बनर्जी की TMC के लिए कांग्रेस से खुलकर आ गया विलय वाला ऑफर
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि कांग्रेस से अलग हुई पार्टियों को दोबारा इसमें मिल जाना चाहिए। कांग्रेस में टीएमसी के विलय को लेकर चल रही अटकलों के बीच उन्होंने इस तरह का बयान दिया है।

तृणमूल कांग्रेस में मचे भगदड़ के बीच क्या ममता बनर्जी कांग्रेस में विलय करके अपनी पार्टी का अस्तित्व खत्म कर लेंगी? इसका जवाब उनकी ओर से आना बाकी है। लेकिन कांग्रेस की ओर से विलय का प्रस्ताव अब खुलकर दिया जाने लगा है। अब तक जो बात सूत्रों के हवाले से चल रही थी उस पर अब पार्टी के दिग्गज नेता और गांधी परिवार के बेहद करीबी माने जाने वाले अशोक गहलोत ने भी मुहर लगा दी है। राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने टीएमसी समेत ऐसे सभी दलों को भी विलय का सुझाव दिया है, जो कांग्रेस से टूटकर अस्तित्व में आए। यह पहली बार है जब कांग्रेस में इतने ऊंचे कद के नेता ने विलय की बात सार्वजनिक रूप से कही है। माना जा रहा है कि अब टीएमसी की ओर से भी कुछ जवाब आ सकता है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद ममता बनर्जी चौतरफा मुश्किलों में घिरी हुई हैं। एक तरफ उनके विधायकों ने अलग गुट बना लिया तो दूसरी तरफ करीब 20 लोकसभा सांसद भी बागी हो गए हैं। राज्यसभा के तीन सांसदों ने भी इस्तीफा दे दिया है। इस बीच पिछले दिनों जब ममता बनर्जी इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली आईं तो कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कांग्रेस नेतृत्व की ओर से ममता बनर्जी को कांग्रेस में विलय और उपाध्यक्ष का पद लेने का प्रस्ताव दिया गया है। सूत्रों के हवाले से चली इन खबरों का टीएमसी ने भी सूत्रों के जरिए ही खंडन किया।
टीएमसी का नाम लिए बिना दिया साफ मैसेज
अब बात एक कदम और आगे बढ़ गई है। शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत की ओर से दिए गए विलय के सुझाव का समर्थन करते हुए अशोक गहलोत ने टीएमसी का सीधे तौर पर नाम तो नहीं लिया, लेकिन कांग्रेस से अलग होकर बने सभी दलों के लिए यह अपील करते हुए विलय का प्रस्ताव दिया और राहुल गांधी को दिल से नेता स्वीकार करने की बात कही। गहलोत ने कहा, 'संजय राउत की बात में दम है। यह लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है, हम लोग युद्ध के मैदान में। जो पार्टियां बन गईं कांग्रेस से अलग होकर उन सबको वापस शामिल होना चाहिए और राहुल गांधी को नेता स्वीकार करना चाहिए दिल से। पूरे मुल्क में मैसेज होना चाहिए कि इंडिया गठबंधन के नेता राहुल गांधी हैं, तब जनता आपको कामयाब करेगी। एक तरफ नरेंद्र मोदी जी हैं और एक तरफ राहुल गांधी, यह साफ संदेश होगा तो आप देखेंगे कि वोटिंग पैटर्न बदल जाएगा।'
कहा- कांग्रेस से अलग हुए दल सोचें
गहलोत ने कहा कि शिवसेना, सीपीएम, सीपीआई, समाजवादी पार्टी... ये पार्टियां अलग ही हैं, उन पर दावा नहीं कर सकते हैं, आग्रह ही कर सकते हैं, लेकिन जो कांग्रेस से अलग होकर बनी हैं उनको सोचना चाहिए। पूर्व सीएम ने कहा, 'देश में लोकतंत्र खतरे में है। मैं बार बार युवा पीढ़ी को कहता हूं कि आप विचारधारा के आधार पर राजनीति में आइए। भाग लीजिए राजनीति में जिसकी विचारधारा अच्छी लगे उसके साथ जुड़िए।'




साइन इन