Canada declares Khalistani extremists a threat to national security Report कनाडा ने खालिस्तानी चरमपंथियों पर लिया एक्शन, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घोषित किया खतरा, India News in Hindi - Hindustan
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कनाडा ने खालिस्तानी चरमपंथियों पर लिया एक्शन, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घोषित किया खतरा

रिपोर्ट में कहा गया, 'कुछ खालिस्तानी चरमपंथी कनाडाई नागरिकों से अच्छी तरह से जुड़े हुए हैं, जो हिंसक चरमपंथी एजेंडे को बढ़ावा देने लगे हैं। ये भोले-भाले समुदाय के सदस्यों से धन इकट्ठा करने के लिए कनाडाई संस्थानों का लाभ उठाते हैं।'

Sun, 3 May 2026 09:01 PMNiteesh Kumar भाषा
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कनाडा ने खालिस्तानी चरमपंथियों पर लिया एक्शन, राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घोषित किया खतरा

कनाडा की खुफिया एजेंसी ने खालिस्तानी चरमपंथियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित किया है। इसने कहा कि यह समूह देश में अपने हिंसक चरमपंथी एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए संस्थानों का इस्तेमाल करता है। देश की खुफिया एजेंसी कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस ने 2025 की अपनी रिपोर्ट पेश की है। इसमें बताया गया कि कनाडा में मौजूद खालिस्तानी चरमपंथियों की हिंसक गतिविधियों में संलिप्तता कनाडा और कनाडाई हितों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा बनी हुई है।

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कनाडा सरकार की वेबसाइट पर शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया, 'कुछ खालिस्तानी चरमपंथी कनाडाई नागरिकों से अच्छी तरह से जुड़े हुए हैं, जो अपने हिंसक चरमपंथी एजेंडे को बढ़ावा देने लगे हैं। ये भोले-भाले समुदाय के सदस्यों से धन इकट्ठा करने के लिए कनाडाई संस्थानों का लाभ उठाते हैं, जिसे बाद में हिंसक गतिविधियों की ओर मोड़ दिया जाता है।' खालिस्तानी चरमपंथी समूह भारत के भीतर खालिस्तान नाम से एक अलग देश की मांग करते रहे हैं और अलगाववादी गतिविधियों में उनकी संलिप्तता के कारण नई दिल्ली ने उन्हें आतंकवादी संगठनों के रूप में दर्ज है।

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कनाडा सरकार ने कैसे उठाया यह कदम

यह रिपोर्ट एअर इंडिया उड़ान संख्या 182 में हुए बम विस्फोट की 40वीं वर्षगांठ के एक साल बाद आई है। इस विस्फोट में कनाडा में मौजूद खालिस्तानी तत्वों का हाथ था। इसमें कहा गया, 'यह आज भी कनाडा के इतिहास का सबसे घातक आतंकवादी हमला बना हुआ है, जिसमें 329 लोग मारे गए। इनमें अधिकतर कनाडाई नागरिक थे।' हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया कि खालिस्तान निर्माण के लिए अहिंसक तरीके से बात रखने को उग्रवाद नहीं माना जाता और कुछ कनाडाई लोग खालिस्तान अलगाववादी आंदोलन का वैध व शांतिपूर्ण तरीके से समर्थन करते हैं।

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रिपोर्ट में कहा गया, 'केवल मुट्ठी भर लोग कनाडा को आधार बनाकर मुख्य रूप से भारत में हिंसा को बढ़ावा देते हैं। वे इसके लिए धन जुटाते हैं या उसकी योजना बनाते हैं, जिन्हें खालिस्तानी चरमपंथी माना जाता है।' भारत-कनाडा संबंध 2023 में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए। जब तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा में सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत की संभावित संलिप्तता का आरोप लगाया। भारत ने इन आरोपों को खारिज किया था। पिछले साल पदभार संभालने वाले प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के नेतृत्व में भारत और कनाडा ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को फिर से मजबूत करने की कोशिश की है।