Bengal Election Mamata Banerjee 3 Trump Cards Will Play Role This Time Or Not BJP Also Promise Many Things बंगाल में ममता बनर्जी के तीन ट्रंप कार्ड्स का इस बार चलेगा जादू? भाजपा भी ले आई थी काट, India News in Hindi - Hindustan
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बंगाल में ममता बनर्जी के तीन ट्रंप कार्ड्स का इस बार चलेगा जादू? भाजपा भी ले आई थी काट

पिछले 15 साल में सत्ता में रहकर ममता बनर्जी ने टीएमसी का एक बड़ा वोटबैंक तैयार किया है। इसमें महिला वोटर्स, अल्पसंख्यक मतदाता और वेलफेयर स्कीम्स शामिल हैं। इस बार भाजपा भी इन तीनों की काट लेकर आई और तमाम वादे किए हैं।

Sun, 3 May 2026 07:28 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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बंगाल में ममता बनर्जी के तीन ट्रंप कार्ड्स का इस बार चलेगा जादू? भाजपा भी ले आई थी काट

Bengal Election: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में दो चरणों में बंपर मतदान हुआ है। अब सोमवार को बंगाल समेत पांच राज्यों के नतीजों का इंतजार है। पिछले डेढ़ दशक से राज्य की सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी के लिए इस बार का चुनाव सबसे टफ माना जा रहा है। एक दशक पहले सिर्फ तीन विधायक वाली भाजपा इस बार सरकार बनाने के दावे तक पहुंच गई है। ज्यादातर एग्जिट पोल्स में भी भाजपा की सरकार बनने से ममता बनर्जी की टेंशन बढ़ गई। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि ये पोल्स भाजपा के निर्देश पर करवाए गए हैं और सरकार टीएमसी की ही बनने वाली है।

पिछले 15 साल में सत्ता में रहकर ममता बनर्जी ने टीएमसी का एक बड़ा वोटबैंक तैयार किया है। इसमें महिला वोटर्स, अल्पसंख्यक मतदाता और महिलाओं-बुजुर्गों-युवाओं को सरकार की तरफ से दी जाने वाली वेलफेयर स्कीम्स शामिल हैं। इन तीनों ‘ट्रंप कार्ड्स’ की बदौलत तृणमूल कांग्रेस को 45 फीसदी के करीब या उससे अधिक वोट मिलते रहे हैं। इस बार भी ममता इन्हीं अपने वोटबैंक के जरिए सत्ता में वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं। दूसरी ओर, पिछली बार भाजपा कई महीनों पहले से ही आक्रामक होकर चुनावी मैदान में उतरी, लेकिन इसके विपरीत इस बार पार्टी ने पहले गुपचुप तरीके से रणनीति तैयार की और आखिरी के कुछ समय में पूरा जोर लगाकर चुनाव लड़ा। तमाम राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ढेरों रैलियां कीं और टीएमसी सरकार पर जमकर हमला बोला। गृह मंत्री अमित शाह आखिरी के दो हफ्ते तक बंगाल में ही डटे रहे और पार्टी को हर हाल में जीत मिले, इसकी पुरजोर कोशिश करते रहे।

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पहला ट्रंप कार्ड- महिलाओं के लिए योजनाएं

जैसा पहले बताया ममता बनर्जी अपने तीनों ट्रंप कार्ड्स- महिला वोटर्स, अल्पसंख्यक, वेल्फेयर स्कीम्स के सहारे इस बार भी हैं। खुद महिला होने की वजह से ममता बनर्जी राज्य की महिलाओं का खास ध्यान रखती हैं। उनके लिए कई स्कीम्स चलाती हैं, जिससे डायरेक्ट आर्थिक फायदा होता है। ‘लक्ष्मी भंडार’ जैसी योजनाओं ने ग्रामीण और शहरी गरीब महिलाओं के बीच टीएमसी की मजबूत पकड़ बनाई है। इस योजना के तहत महिलाओं को हर महीने आर्थिक मदद दी जाती है, जिससे सीधे तौर पर उनके जीवन स्तर पर असर पड़ा है। साल 2021 में शुरू की गई इस योजना के तहत 25-60 साल की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाता है। SC/ST महिलाओं को 1200 रुपये और सामान्य वर्ग को 1000 रुपये प्रति माह सीधे बैंक खाते में मिलते हैं। इसे बढ़ाकर क्रमश: 1700 और 1500 प्रति माह करने का वादा किया गया है। इसके अलावा, महिलाओं के लिए सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कई कार्यक्रम भी ममता सरकार की प्राथमिकता में रहे हैं। पिछले चुनावों में महिला वोटिंग फीसदी में बढ़ोतरी और उसका झुकाव टीएमसी की ओर जाना इस रणनीति की सफलता का संकेत देता है।

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दूसरा- अल्पसंख्यक वोट

विभिन्न चुनावों में देखा गया है कि अल्पसंख्यक वोट उसी दल को जाता है, जो भाजपा को हराने की स्थिति में होता है। बंगाल की राजनीति में पहले यह वोट लेफ्ट और कांग्रेस को मिलता था, लेकिन 2011 से बड़ा हिस्सा ममता की पार्टी को जाने लगा। पहले एक-दो चुनावों में कुछ फीसदी कांग्रेस और लेफ्ट को मिला, लेकिन 2021 के चुनाव में ज्यादातर अल्पसंख्यक वोट तृणमूल कांग्रेस को ही गए। इसी वजह से ममता को भी चुनाव में फायदा हुआ और लगातार तीन बार जीत दर्ज की। बंगाल में अल्पसंख्यक आबादी लगभग 27-30 फीसदी के आसपास है, जो कई सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाती है। ममता सरकार ने मदरसों, छात्रवृत्ति योजनाओं और धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने जैसे कदमों के जरिए इस वर्ग का भरोसा हासिल किया हुआ है।

तीसरा ट्रंप कार्ड- वेलफेयर योजनाएं

पिछले कुछ चुनावों में टीएमसी की जीत के पीछे कई तरह की वेलफेयर योजनाएं भी हैं, जिसके तहत हर महीने एक अच्छी खासी रकम लोगों को मिलती है। कन्याश्री, रूपश्री, स्वास्थ्य साथी जैसी योजनाओं ने समाज के अलग-अलग वर्गों को कवर किया है। कन्याश्री योजना का उद्देश्य लड़कियों की कम उम्र में शादी को रोकना और उन्हें पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। बंगाल सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करके राज्य की लड़कियों की जिंदगी में सुधार लाने का दावा कर रही है। इसके जरिए प्रति वर्ष हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिलती है और एकमुश्त अनुदान के रूप में 25 हजार रुपये मिलते हैं। इसके अलावा, युवाओं को साधते हुए बंगला युवा साथी योजना के तहत 21 से 40 साल की उम्र के बेरोजगार शिक्षित युवाओं को हर महीने डेढ़ हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। वहीं, रूपश्री योजना के तहत गरीब परिवारों की व्यस्क बेटियों की शादी के लिए एकमुश्त 25 हजार रुपये प्रदान किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त भी ममता सरकार ने कई अन्य वर्गों के लिए तमाम योजनाओं को चलाया है, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ मिला।

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ट्रंप कार्ड की भाजपा के पास क्या काट?

ममता बनर्जी के तीनों ट्रंप कार्ड की भाजपा काट लेकर आई। पूरा चुनावी कैंपेन इन्हीं तीनों मुद्दों के इर्द-गिर्द चला। महिलाओं के लिए भाजपा ने कई अहम वादे किए, जबकि सत्ता में आने पर वेलफेयर स्कीम्स के जरिए अलग-अलग वर्गों को फायदा देने की बात की। भाजपा ने बंगाल चुनाव में ममता बनर्जी पर बांग्लादेशी मुस्लिमों को पनाह देने का आरोप लगाया और घुसपैठिया मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। खुद प्रधानमंत्री मोदी ने भी कई रैलियों में इसके जरिए ममता सरकार पर हमला बोला और दावा किया कि भाजपा सरकार आने पर घुसपैठियों को राज्य से बाहर कर दिया जाएगा। पार्टी ने आरोप लगाया है कि अवैध घुसपैठ से राज्य की जनसंख्या संतुलन और संसाधनों पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा, एसआईआर प्रक्रिया ने भी राज्य में अहम रोल निभाया है। इसके तहत, वोटर लिस्ट की जांच और शुद्धिकरण की बात की जा रही है, लेकिन यह मुद्दा भाजपा के लिए सीमावर्ती इलाकों में भाजपा के लिए फायदेमंद हो सकता है।

महिलाओं-युवाओं को हर महीने पैसे

बंगाल चुनाव के लिए भाजपा ने जो मेनिफेस्टो जारी किया था, उसमें कई अहम वादे किए गए। भाजपा सरकार बनने पर हर महिला को 3000 रुपये हर महीने की आर्थिक सहायता दी जाएगी। ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वाड’ का गठन कर माताओं-बहनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। 45 दिनों के भीतर महंगाई भत्ते का सारा बकाया चुकाया जाएगा। विधवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग जनों की सहायता को दोगुना किया जाएगा। बंगाल के युवाओं को परीक्षाओं की तैयारी के लिए 15 हजार रुपये की आर्थिक मदद और स्वरोजगार करने के लिए 10 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं, युवाओं को साधने के लिए युवाशक्ति भरोसा कार्ड लॉन्च किया गया, जिसमें बेरोजगार युवाओं को हर महीने तीन हजार रुपये देने का वादा किया गया है। इस तरह राज्य में ममता सरकार की योजनाओं की काट के लिए भाजपा ने कई बड़े वादे किए हैं। हालांकि, चार मई को ही कन्फर्म हो सकेगा कि राज्य में अगली किसकी सरकार बनने जा रही है।