ओडिशा में ऑपरेशन लोटस का दावा; राज्यसभा चुनाव से पहले विधायकों को रिश्वत देने का आरोप, बवाल
भाजपा ने 2 उम्मीदवारों मनमोहन समाल और सुजीत कुमार व निर्दलीय दिलीप राय को समर्थन दिया है। बीजेडी ने संतृप्त मिश्रा और दत्तेश्वर होटा को उतारा है, जिसका कांग्रेस समर्थन कर रही है। बीजेपी को 2 सीटें मिलने की संभावना है।

राज्यसभा चुनाव के ठीक एक दिन पहले ओडिशा में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कर्नाटक पुलिस ने बेंगलुरु के पास एक रिजॉर्ट में 2 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर ओडिशा कांग्रेस के विधायकों को रिश्वत देने की कोशिश का आरोप है। कांग्रेस ने इसे भाजपा का 'ऑपरेशन लोटस' करार दिया है, जिसमें भाजपा के चुनाव चिह्न कमल का जिक्र कर हार्स ट्रेडिंग का इल्जाम लगाया गया है। ओडिशा कांग्रेस के 8 विधायक 12 मार्च से ही बेंगलुरु के इस रिजॉर्ट में ठहरे हुए थे ताकि पार्टी एकजुट रहे और किसी भी लालच से बचा जा सके। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में से 4 लोग विधायकों से संपर्क करने आए थे, जिनमें से दो को पकड़ा गया।
कांग्रेस का दावा है कि विधायकों को प्रति वोट 5 करोड़ रुपये की पेशकश की गई और एक ब्लैंक चेक भी दिया गया। एक विधायक ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया और पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कार्रवाई हुई। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इसे भाजपा का बड़ा षड्यंत्र बताया और कहा कि केंद्र की सत्ताधारी पार्टी ओडिशा में कांग्रेस विधायकों को खरीदने की कोशिश कर रही है। ओडिशा में 16 मार्च 2026 को राज्यसभा की चार सीटों के लिए मतदान होना है, जिनकी गिनती शाम 5 बजे होगी। ओडिशा विधानसभा में कुल 147 सदस्य हैं, जिसमें भाजपा के 79 विधायक और 3 निर्दलीय समर्थक (कुल 82 वोट), बीजेडी के 50 (प्रभावी 48), कांग्रेस के 14 और सीपीआई(एम) का 1 विधायक है। एक उम्मीदवार को कम से कम 30 प्रथम प्राथमिकता वाले वोट चाहिए।
किसे कितने सीट मिलने की संभावना
भाजपा ने 2 आधिकारिक उम्मीदवार मनमोहन समाल और सुजीत कुमार व निर्दलीय दिलीप राय को समर्थन दिया है। बीजेडी ने संतृप्त मिश्रा और दत्तेश्वर होटा को उतारा है, जिसका कांग्रेस समर्थन कर रही है। गणित के अनुसार भाजपा को 2 सीटें मिलने की संभावना है, बीजेडी को एक, जबकि चौथी सीट दिलीप राय और होटा के बीच मुकाबला है। यह 24 वर्षों में पहली बार बीजेडी-कांग्रेस का भाजपा विरोधी गठजोड़ जैसा दिख रहा है। 2002 में भी दिलीप राय ने क्रॉस वोटिंग से जीत हासिल की थी। कांग्रेस ने ओडिशा के इन विधायकों को सुरक्षा और एकता के लिए बेंगलुरु लाकर रखा है।
डीके शिवकुमार ने कहा कि विधायकों ने खुद उनसे मिलने की इच्छा जताई और पार्टी ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की। ओडिशा कांग्रेस के उपनेता अशोक कुमार दास ने बताया कि विधायकों की सुरक्षा के लिए उन्हें बेंगलुरु लाया गया। गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर घोड़ा व्यापार का गंभीर आरोप लगाया है। भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ओडिशा भाजपा प्रवक्ता अनिल बिस्वाल ने कहा कि कांग्रेस हार का अहसास होने पर ऐसे आधारहीन आरोप लगा रही है और कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग की पुरानी आदत है। भाजपा ने अपने कुछ विधायकों को ओडिशा के पारादीप में रखा और वोटिंग की प्रैक्टिस कराई, जिसे विधायक अश्विनी सारंगी ने पहली बार विधानसभा में वोटिंग के अभ्यास के रूप में बताया।




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