IDFC FIRST Bank Fraud Two Haryana Government Officials Arrested हरियाणा सरकार के दो अ​धिकारी गिरफ्तार, एफडी में जमा करने के बजाय शेल कंपनियों में डायवर्ट किए करोड़ों, India News in Hindi - Hindustan
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हरियाणा सरकार के दो अ​धिकारी गिरफ्तार, एफडी में जमा करने के बजाय शेल कंपनियों में डायवर्ट किए करोड़ों

सरकारी कर्मियों के फ्रॉड में शामिल होने व रिश्वत की रकम लेने के तथ्य सामने आने पर एसीबी ने केस में 7 पीसी एक्ट की धारा भी जोड़ी है। अभी तक पंचायत विभाग के सुपरिडेंट व दो अकाउंट अफसर की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिन्होंने फ्रॉड में साथ देने के लिए रिश्वत की रकम ली है।

Sun, 15 March 2026 08:00 PMMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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हरियाणा सरकार के दो अ​धिकारी गिरफ्तार, एफडी में जमा करने के बजाय शेल कंपनियों में डायवर्ट किए करोड़ों

चंडीगढ़ के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हरियाणा के सरकारी विभागों के खातों में हुए 590 करोड़ घोटाले में दो अफसरों को आज यानी रविवार को गिरफ्तार किया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के कार्यालय में तैनात नियंत्रक वित्त एवं लेखा राजेश सांगवान और हरियाणा विद्यालय शिक्षा परियोजना परिषद के नियंत्रक वित्त एवं लेखा रणधीर सिंह को गिरफ्तार किया है। दोनों ने बैंक फ्रॉड की बैंक कर्मियों साथ साजिश रची थी। दोनों को कोर्ट में पेश कर 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। दोनों अधिकारियों ने हरियाणा सरकार के वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देशों का उल्लंघन किया और फ्रॉड करने वाले बैंक के आरोपियों के साथ मिलकर सरकारी धन की हेराफेरी करने की साजिश रची। दोनों ने बैंक मैनेजर को पहले तो विभागों का पैसा एफडी में निवेश करने की मंजूरी दी और फिर रकम को एफडी में जमा करने के बजाय शेल कंपनियों में डायवर्ट कर दिया। सरकारी कर्मियों के फ्रॉड में शामिल होने व रिश्वत की रकम लेने के तथ्य सामने आने पर एसीबी ने केस में 7 पीसी एक्ट की धारा भी जोड़ी है। अभी तक पंचायत विभाग के सुपरिडेंट व दो अकाउंट अफसर की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिन्होंने फ्रॉड में साथ देने के लिए रिश्वत की रकम ली है।

​रिश्वत के रूप में बड़ी रकम ली

गिरफ्तार दोनों अफसरों ने अपराध में सक्रिय रूप से भाग लिया और रिश्वत के रूप में बड़ी रकम पाई। दोनों से पूछताछ के साथ-साथ जब्त किए गए दस्तावेजों के आधार पर डिटेल ली जाएगी, ताकि बैंक अधिकारियों, निजी व्यक्तियों और सरकारी कर्मचारियों के बीच बने पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके। इसके अलावा सरकारी खातों से कंपनियों के खातों में हुए क्रेडिट और डेबिट लेन-देन की हर एंट्री के बारे में आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।

कैश कन्वर्जन करने वाला ज्वेलर भी काबू

आई.डी.एफ.सी. बैंक घोटाले मामले में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ए.सी.बी.) ने शनिवार को सावन ज्वैलर्स के मालिक राजन कटोदिया को गिरफ्तार किया था। ढाई सौ करोड़ रुपए से अधिक की राशि सावन ज्वैलर्स के जरिये आरोपी रिभव रिषी, अभय कुमार, अभिषेक सिंगला, स्वाति सिंगला व अन्य आरोपियों की विभिन्न कंपनियों से प्राप्त की गई। इन कंपनियों में पैसा सरकारी खातों से गैर-कानूनी तरीके से ट्रांसफर किए गए थे। सावन ज्वैलर्स के मालिक राजन ने मुख्य आरोपियों के लिए कैश कन्वर्जन का काम किया गया व इसके लिए भारी कमीशन प्राप्त किया। आरोपी के द्वारा इन कंपनियों के नाम सोने के आइटम्स बेचे हुए दिखाए गए। सावन ज्वेलर के मालिक राजन भी 4 दिन के पुलिस रिमांड पर है। वहीं, मामले में आरोपी एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अंकुर शर्मा को रिमांड खत्म होने के बाद डयूटी मेजिस्ट्रेट के समक्ष किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

ईडी ने 19 ठिकानों पर चलाया था सर्च ऑपरेशन

590 करोड़ के बैंक फ्रॉड में ईडी की भी एंट्री हो चुकी है। ईडी के चंडीगढ़ जोन ने केस से जुड़े लोगों के 19 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया था। हरियाणा सरकार की विभिन्न एजेंसियों द्वारा लगभग 590 करोड़ रुपए की राशि बैंक में जमा कराई गई थी। यह राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने के लिए दी गई थी, लेकिन आरोप है कि बैंक के कुछ अधिकारियों और अन्य आरोपियों ने मिलकर इस रकम को एफडी में जमा करने के बजाय अपने निजी फायदे के लिए डायवर्ट कर दिया। चंडीगढ़ के सेक्टर-32 की आईडीएफसी बैंक का मैनेजर रिभव ऋषि घोटाले का सूत्रधार है, जिसने रिलेशनशिप मैनेजर के साथ मिलकर फ्रॉड किया। 6 महीने पहले आरोपी ने बैंक की नौकरी छोड़ दी थी।

रिपोर्ट: मोनी देवी