कभी US जाते हैं, कभी UK जाते हैं... खर्चा कौन देता है; राहुल गांधी पर निशिकांत दुबे हमलावर
एपस्टीन फाइल्स पर राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि अमेरिकी न्याय विभाग ने पूरी जानकारी जारी की है और उसमें किसी भारतीय का नाम नहीं है। उन्होंने कहा कि वे BJP में हैं, इसलिए राहुल उनके नेता नहीं हैं।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के भारत-अमेरिका व्यापार समझौते संबंधी बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। दुबे ने कहा कि कांग्रेस खुद समझौतावादी है और गांधी परिवार की आय का स्रोत संदिग्ध है। उन्होंने सवाल उठाया कि गांधी परिवार की रोजाना यात्राओं का खर्च कौन उठाता है? अगर सम पित्रोदा या कोई फाउंडेशन भुगतान करता है, तो वे समझौता कर चुके हैं। निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस रोजाना चुनाव आयोग, सेना, लोकतंत्र, लोकसभा और अग्निवीरों पर सवाल खड़े करती है, लेकिन सेना पर कभी गंभीर चर्चा नहीं हुई।
बीजेपी नेता ने याद दिलाया कि 2014 से पहले सीएजी रिपोर्ट में भारतीय सेना के पास चार दिनों का भी गोला-बारूद नहीं होने की बात कही गई थी, लेकिन भाजपा ने इसे संसद में नहीं उठाया, बल्कि व्यक्तिगत रूप से प्रधानमंत्री से चर्चा की। निशिकांत दुबे का दावा कि कांग्रेस देश को नष्ट करने की कोशिश कर रही है और यह उसकी अंतिम लड़ाई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता के पद को लेकर भी दुबे ने राहुल गांधी पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि 1977 तक 25 वर्षों तक लोकसभा में विपक्ष के नेता का कोई पद नहीं था। भाजपा सत्ता में आने के बाद ही इस पद का सृजन किया गया। राहुल को इतिहास की जानकारी नहीं है, क्योंकि 1952 से 1977 तक ऐसा कोई पद नहीं था।
एपस्टीन फाइल्स का मुद्दा भी उठाया
एपस्टीन फाइल्स पर राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए निशिकांत दुबे ने कहा कि अमेरिकी न्याय विभाग ने पूरी जानकारी जारी की है और उसमें किसी भारतीय का नाम नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे भाजपा में हैं, इसलिए राहुल गांधी उनके नेता नहीं हैं। उनकी जवाबदेही प्रधानमंत्री के प्रति है, कांग्रेस के गुस्से से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की दिल्ली पुलिस की ओर से गिरफ्तारी पर दुबे ने कांग्रेस की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने एआई समिट का सफल नेतृत्व किया, जो फ्रांस से कहीं अधिक सफल रहा। 51 देशों ने रिजॉल्यूशन पर हस्ताक्षर किए और पूरी दुनिया इसमें शामिल हुई थी। इसे जश्न मनाना चाहिए था, लेकिन कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया।
कॉमनवेल्थ गेम्स की दिलाई याद
निशिकांत दुबे ने कॉमनवेल्थ गेम्स का उदाहरण दिया, जब दुनिया भारत आई थी, तब भी भाजपा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन किया, लेकिन गेम्स समाप्त होने के बाद 14 मार्च को प्रदर्शन किया। दुबे ने कहा कि भाजपा देश के अंदर और बाहर उचित व्यवहार करना जानती है, जबकि कांग्रेस जैसी घटिया पार्टी ही ऐसी निंदनीय हरकतें कर सकती है। जनता कांग्रेस से पूरी तरह विमुख हो चुकी है। देश की जितनी भी समस्याएं हैं, उनकी जड़ में कांग्रेस है। संसद में मूल प्रस्ताव पर वे स्पष्टता से अपनी बात रखेंगे।




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