BJP files complaint with police, EC against Mallikarjun Kharge for hate speech at poll rally in Assam मल्लिकार्जुन खरगे ने क्या कह दिया कि तिलमिला उठी भाजपा? EC और पुलिस दोनों में शिकायत, India News in Hindi - Hindustan
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मल्लिकार्जुन खरगे ने क्या कह दिया कि तिलमिला उठी भाजपा? EC और पुलिस दोनों में शिकायत

मल्लिकार्जुन खरगे ने असम में चुनाव प्रचार के अंतिम दिन मंगलवार को श्रीभूमि जिले के नीलमबाजार में एक रैली के दौरान भाजपा और आरएसएस की विचारधारा को जहरीला बताया था और उनकी तुलना जहरीले सांप से की थी।

Tue, 7 April 2026 07:26 PMPramod Praveen पीटीआई, गुवाहाटी
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मल्लिकार्जुन खरगे ने क्या कह दिया कि तिलमिला उठी भाजपा? EC और पुलिस दोनों में शिकायत

केंद्र और चुनावी राज्य असम की सत्ताधारी पार्टी भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) ने मंगलवार को असम में एक चुनावी रैली के दौरान "हेट स्पीच" देने के आरोप में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ चुनाव आयोग और स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी के अनुसार, खरगे ने ऐसी टिप्पणियां की हैं जो हिंदू मान्यताओं का अपमान करने वाली हैं और सामाजिक सौहार्द के लिए खतरनाक हैं। असम BJP के प्रवक्ता प्रांजल कलिता ने एक बयान में कहा कि जहां कांग्रेस नेता बार-बार संविधान का पालन करने का दावा करते हैं, वहीं उनके काम "संवैधानिक स्वतंत्रता और सभी धर्मों के प्रति सम्मान की मूल भावना के बिल्कुल विपरीत होते हैं।"

उन्होंने बताया कि एक शिकायत गुवाहाटी के वशिष्ठ पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है, और दूसरी शिकायत चुनाव आयोग में दी गई है। कलिता ने कहा कि "खरगे की ओर से RSS-BJP पर प्रतिबंध लगाने की हालिया मांग न केवल राजनीतिक असहिष्णुता को दर्शाती है, बल्कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की बौद्धिक दिवालियापन को भी उजागर करती है।" उन्होंने आगे कहा, “असम प्रदेश भारतीय जनता पार्टी 6 अप्रैल को श्रीभूमि जिले के नीलाबाजार में एक चुनावी रैली के दौरान की गई बेहद आपत्तिजनक और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियों की कड़ी निंदा करती है। ये टिप्पणियां हिंदू मान्यताओं और परंपराओं का सीधा अपमान थीं।”

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खरगे ने क्या कहा था?

कलिता ने कहा कि ऐसे बयान न केवल निंदनीय हैं, बल्कि "सामाजिक सौहार्द के लिए खतरनाक भी हैं।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस जानबूझकर "सनातन संस्कृति को कमजोर करने" की कोशिश कर रही है, जबकि "अन्य धर्मों को श्रेष्ठ दिखाने" का प्रयास कर रही है। ऐसा वह केवल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए कर रही है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के विभाजनकारी रवैये को असम की जनता और पूरे देश ने पहले ही खारिज कर दिया है। बता दें कि खरगे ने चुनाव प्रचार के अंतिम दिन श्रीभूमि जिले के नीलमबाजार में एक रैली के दौरान भाजपा और आरएसएस की विचारधारा को "जहरीला" बताया था और उनकी तुलना "जहरीले सांप" से की थी। इसके अलावा खरगे ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को "अत्यधिक भ्रष्ट और अहंकारी" बताया।

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भाजपा बोली- बयान भड़काऊ और विभाजनकारी

कलिता ने कहा, "इस भड़काऊ और विभाजनकारी बयानबाजी का गंभीर संज्ञान लेते हुए, असम BJP ने गुवाहाटी के वशिष्ठ पुलिस स्टेशन में एक औपचारिक FIR दर्ज कराई है और असम राज्य चुनाव आयोग के समक्ष भी एक शिकायत प्रस्तुत की है।" उन्होंने बताया कि सत्ताधारी पार्टी ने चुनावी अभियान के दौरान कथित तौर पर भड़काऊ और सामाजिक रूप से अशांति फैलाने वाले बयान देने के लिए खड़गे के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है। असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए चुनाव 9 अप्रैल को होंगे और वोटों की गिनती 4 मई को होगी।

खरगे से माफी की मांग

दूसरी तरफ, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में खरगे से माफी की मांग करते हुए उनके बयान को "अशोभनीय और आपत्तिजनक" बताया। पार्टी ने खरगे के गुजरात के लोगों के अनपढ़ वाले बयान पर तीखा हमला बोलकर घेरा। प्रसाद ने कहा कि किसी राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष द्वारा पूरे राज्य को "अनपढ़" कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल किया कि क्या महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, विक्रम साराभाई और मोरारजी देसाई जैसे महान व्यक्तित्व भी अनपढ़ थे। उन्होंने कहा कि गुजरात देश की महान भूमि है, जिसने कई महापुरुषों को जन्म दिया और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

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प्रसाद ने कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और नेता प्रियंका गांधी वाड्रा से इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख बताने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने अध्यक्ष के बयान से खुद को अलग करना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए। प्रसाद ने खरगे के एक अन्य बयान का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इस तरह की भाषा देश में सांप्रदायिक तनाव पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान अल्पसंख्यक समाज को भड़काने और धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करने वाले हैं।