Arvind Kejrieal tried to stop mps from switching sides but Raghav Chadha and 7 others chose to join bjp राघव चड्ढा नहीं, इस एक सांसद ने दिया केजरीवाल को सबसे बड़ा झटका; भरोसा था नहीं छोड़ेंगे साथ, India News in Hindi - Hindustan
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राघव चड्ढा नहीं, इस एक सांसद ने दिया केजरीवाल को सबसे बड़ा झटका; भरोसा था नहीं छोड़ेंगे साथ

आप सांसद संजय सिंह ने रविवार को राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन को एक पत्र भेजकर उच्च सदन के उन सात सांसदों को अयोग्य घोषित करने का अनुरोध किया है। सिंह ने दावा किया कि राज्यसभा के सात सदस्यों द्वारा उठाया गया कदम दल-बदल के समान है।

Mon, 27 April 2026 05:43 AMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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राघव चड्ढा नहीं, इस एक सांसद ने दिया केजरीवाल को सबसे बड़ा झटका; भरोसा था नहीं छोड़ेंगे साथ

AAP यानी आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका उस समय लगा, जब अचानक 7 राज्यसभा सांसदों ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। मामला शुक्रवार का है। अब खबरें हैं कि इसकी जानकारी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल को पहले ही लग गई थी और उन्होंने सांसदों को रोकने की कोशिश भी की थी, लेकिन अंत में राघव चड्ढा समेत 7 सांसदों ने पाला बदल लिया। कहा जा रहा है कि केजरीवाल के लिए सबसे बड़ा झटका संदीप पाठक का पार्टी छोड़ना है। हालांकि, इसे लेकर उन्होंने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।

फोन पर बात, मीटिंग भी हुई

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, केजरीवाल ने सांसदों से बात भी की थी। मामले के जानकारों ने अखबार को बताया कि केजरीवाल के लिए सबसे बड़ा सरप्राइज पाठक का भाजपा में शामिल होना रहा, क्योंकि केजरीवाल उन्हें ऐसे वफादार के तौर पर देखते थे जो दल नहीं बदल सकता। इधर, आप पार्टी बदलने वाले सांसदों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने पर भी विचार कर रही है।

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22 अप्रैल से ही ऐक्टिव हो गए थे केजरीवाल

रिपोर्ट के मुताबिक, दल बदल से पहले के घटनाक्रमों से पता चलता है कि केजरीवाल ने 22 अप्रैल से ही सांसदों से बात करना शुरू कर दिया था। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि उन्होंने विक्रमजीत साहनी, अशोक मित्तल और संदीप पाठक से मुलाकात भी की थी। वहीं, मुंबई में मौजूद हरभजन सिंह से भी संपर्क साधा था।

अखबार के अनुसार, 22 अप्रैल को साहनी से मुलाकात के दौरान केजरीवाल ने उन्हें पूछा था कि क्या उन्हें भाजपा में शामिल होने के लिए फोन आया है। सूत्रों ने अखबार को बताया कि आप के राष्ट्रीय संयोजक ने पाठक के साथ करीब डेढ़ घंटे तक मुलाकात की थी और इस बात का भरोसा था कि वह पार्टी नहीं बदलेंगे। खबर है कि शुक्रवार को भी साहनी से केजरीवाल ने बात की थी और शाम को मिलने के लिए कहा था।

बद बदल की वजह

रिपोर्ट के मुताबिक, पाठक भी लंबे समय से पार्टी से असंतुष्ट चल रहे थे। सूत्रों ने अखबार से कहा कि दिल्ली चुनाव में हार के बाद पाठक धीरे धीरे हाशिए पर आ गए थे।

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सांसदों के खिलाफ ऐक्शन में आप

आप सांसद संजय सिंह ने रविवार को राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन को एक पत्र भेजकर उच्च सदन के उन सात सांसदों को अयोग्य घोषित करने का अनुरोध किया है। सिंह ने दावा किया कि राज्यसभा के सात सदस्यों द्वारा उठाया गया कदम दल-बदल के समान है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर पार्टी इस मामले में कानूनी कदम उठाएगी।

सिंह ने कहा, 'जरूरत पड़ने पर आम आदमी पार्टी इस मामले को अदालत में ले जाएगी। इन सदस्यों को पार्टी ने चुना था, लेकिन बाद में उन्होंने पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होने का फैसला किया। यह पंजाब की जनता और भारत के संविधान के साथ विश्वासघात है।'

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इन सांसदों ने छोड़ा साथ

आप को शुक्रवार को उस समय बड़ा झटका लगा जब राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल ने पार्टी छोड़ दी तथा भाजपा में शामिल हो गए। इन सांसदों ने आरोप लगाया कि केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी अपने सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से भटक गई है।