'पिछले साल ही छोड़ने वाला था भाजपा', फिर क्यों रुक गए अन्नामलाई? अब खोले कई राज
Annamalai BJP News: तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा भूचाल! पूर्व BJP अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा देकर नए राजनीतिक दल का एलान किया। जानिए इस्तीफे की इनसाइड स्टोरी।

Annamalai BJP News: तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और एक नए राजनीतिक "आंदोलन" (पार्टी) की शुरुआत करने की आधिकारिक घोषणा की है। यह नया दल आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगा। करीब छह वर्ष तक भाजपा से जुड़े रहे अन्नामलाई ने सोशल मीडिया के जरिए कहा, ''मैंने गरिमापूर्ण तरीके से भाजपा छोड़ी है ताकि एक नई तरह की राजनीति की शुरुआत की जा सके।'' इस दौरान उन्होंने एक खुलासा करते हुए कहा कि वे पिछले साल ही भाजपा छोड़ने वाले थे लेकिन नहीं छोड़ सके।
इस्तीफे की मुख्य वजह पर क्या बोले?
अन्नामलाई के अनुसार, उनके इस्तीफे के पीछे मुख्य रूप से तमिलनाडु को लेकर पार्टी आलाकमान के साथ विचारों में मतभेद था। उन्होंने बताया कि उनके मन में लंबे समय से यह वैचारिक द्वंद्व चल रहा था कि वह खुद को 'एक भाजपा कार्यकर्ता मानें या एक तमिलियन'। उन्होंने कहा, "मैंने पिछले साल 4 दिसंबर 2025 को ही पार्टी को बता दिया था कि मैं इस्तीफा देने जा रहा हूं। हालांकि, पार्टी ने मुझसे चुनाव खत्म होने तक रुकने का आग्रह किया था।" पार्टी के कहने पर ही अन्नामलाई तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 तक रुके रहे।
इस्तीफा हो गया मंजूर
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज अन्नामलाई का पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। यह घटनाक्रम उनके नई दिल्ली दौरे के तीन दिन बाद हुआ है, जहां उन्होंने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अहम मुलाकात की थी। अपने त्यागपत्र में अन्नामलाई ने वर्षों तक मिले निरंतर समर्थन के लिए वरिष्ठ नेतृत्व को धन्यवाद दिया, लेकिन स्पष्ट किया कि "तमिलनाडु के संबंध में हमारे विचार अब मेल नहीं खाते।"
भाजपा का चुनावी प्रदर्शन और बदलाव
अन्नामलाई के नई पार्टी बनाने की अटकलें हालिया विधानसभा चुनावों में भाजपा की करारी हार के बाद से ही तेज होने लगी थीं। अन्नाद्रमुक (AIADMK) के साथ गठबंधन में 27 सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद भाजपा केवल 3% वोट शेयर ही हासिल कर सकी। अन्नामलाई के नेतृत्व में 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने शानदार वृद्धि दर्ज की थी और उसका वोट शेयर 3% से बढ़कर 11% हो गया था। हालांकि, पार्टी एक भी संसदीय सीट जीतने में विफल रही थी।
बीजेपी की प्रतिक्रिया- कोई नुकसान नहीं
तमिलनाडु के वर्तमान बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने अन्नामलाई के जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके पार्टी छोड़ने से बीजेपी को "कोई नुकसान नहीं" हुआ है। नागेंद्रन ने कहा- मैं अन्नामलाई के इस्तीफे पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। बीजेपी कोई ऐसी पार्टी नहीं है जो हाल ही में बनी हो। यह विचारधारा पर आधारित पार्टी है और इस घटनाक्रम का निश्चित रूप से कोई असर नहीं पड़ेगा। कोई भी व्यक्ति राजनीतिक पार्टी शुरू करने के लिए स्वतंत्र है। लोकतंत्र में सभी को यह अधिकार है। बीजेपी से अन्नामलाई के इस्तीफे का पार्टी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह आरोप गलत है कि राज्य-स्तरीय अधिकारों को महत्व नहीं दिया जा रहा है। जब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी देश का दौरा करते हैं, तो वे तमिल लोगों, उनकी विरासत और उनकी महानता के बारे में बात करते हैं। उन्होंने हमारे प्राचीन शिलालेखों को वापस लाने में भी मदद की है। बीजेपी लगातार तमिल भाषा के प्रति सच्ची चिंता के साथ काम कर रही है।
अध्यक्ष पद से हटाया जाना
संसदीय चुनाव में शून्य सीटें जीतने और AIADMK के साथ तल्ख होते रिश्तों के कारण, साल 2025 में अन्नामलाई को हटाकर नैनार नागेंद्रन को तमिलनाडु का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। अन्नामलाई ने यह साफ कर दिया है कि उनका नया राजनीतिक आंदोलन अगले विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेगा। उनके इस कदम से पहले ही जमीनी स्तर पर हलचल शुरू हो गई थी। कोयंबटूर में 4 जून को उनके जन्मदिन से पहले सड़कों पर बड़े-बड़े पोस्टर देखे गए, जिन पर नारा लिखा था- हमारे नेता, आइए और हमारा नेतृत्व कीजिए।




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