'अगर विपक्ष ने परिसीमन बिल को 50% प्रावधान से पारित किया तो...', क्या बोले अमित शाह
अमित शाह ने बताया कि इस अहम संवैधानिक संशोधन विधेयक पर करीब 133 सांसदों ने चर्चा में भाग लिया, जिनमें 56 महिला सदस्य थीं जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। शाह ने कहा कि महिला आरक्षण का किसी ने खुलकर विरोध नहीं किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर जोरदार भाषण दिया। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष परिसीमन बिल को 50% प्रावधान के साथ पारित करने पर सहमत होता है, तो वह आधिकारिक संशोधन लाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने साफ किया कि यदि 2029 तक महिला आरक्षण लागू करना है तो परिसीमन जरूरी है। शाह के अनुसार, 50% परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों का प्रतिशत 23.76% से बढ़कर 23.87% हो जाएगा। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल की ओर से राज्यों के हितों को लेकर आश्वासन मांगने पर शाह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस की मांग के अनुसार संशोधन लाने को तैयार हैं और इसके लिए उन्होंने सदन से थोड़े समय के लिए स्थगन भी मांगा ताकि एक घंटे में संशोधन प्रसारित किया जा सके।
अमित शाह ने बताया कि इस अहम संवैधानिक संशोधन विधेयक पर करीब 133 सांसदों ने चर्चा में भाग लिया, जिनमें 56 महिला सदस्य थीं जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। शाह ने कहा कि महिला आरक्षण का किसी ने खुलकर विरोध नहीं किया, लेकिन इंडी गठबंधन के सदस्यों ने ‘अगर-मगर’ लगाकर इसका विरोध किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जो लोग परिसीमन का विरोध कर रहे हैं, वे वास्तव में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC/ST) की सीटों में वृद्धि का विरोध कर रहे हैं।
आपातकाल को याद करके क्या बोले शाह
गृह मंत्री शाह ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि 1972 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सरकार ने परिसीमन बिल लाकर लोकसभा सीटों की संख्या 525 से बढ़ाकर 545 कर दी थी और बाद में इसे स्थिर कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि 1976 में आपातकाल के दौरान 42वें संविधान संशोधन के जरिए परिसीमन पर रोक लगा दी गई थी। शाह के अनुसार, उस समय भी कांग्रेस ने देश को परिसीमन से वंचित किया था और आज भी वही पार्टी इसे लागू होने से रोक रही है।
अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल - इन पांच राज्यों की 543 संसदीय सीटों में वर्तमान हिस्सेदारी 129 सीटें है, जो 23.76% बनती है। उन्होंने बताया कि 50% सीटों की वृद्धि के बाद जब इन राज्यों को नई सीटें आवंटित की जाएंगी, तो उनकी संख्या 129 से बढ़कर 195 हो जाएगी, जो 816 सीटों में 23.87% के बराबर होगी। शाह ने जोर देकर कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा।




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