Amid political rivalry with AIADMK Tamil Nadu Chief Minister Vijay Orders Revamp Of Amma Canteens AIADMK से भले सियासी बैर, पर उसके ड्रीम प्रोजेक्ट को CM विजय देंगे नई धार; एक तीर से कितने शिकार?, India News in Hindi - Hindustan
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AIADMK से भले सियासी बैर, पर उसके ड्रीम प्रोजेक्ट को CM विजय देंगे नई धार; एक तीर से कितने शिकार?

अम्मा कैंटीन तमिलनाडु सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक बहुत ही लोकप्रिय और किफायती भोजनालय योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य गरीब, दिहाड़ी मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सस्ते दामों पर पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना है।

Mon, 18 May 2026 07:58 PMPramod Praveen पीटीआई, चेन्नई
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AIADMK से भले सियासी बैर, पर उसके ड्रीम प्रोजेक्ट को CM विजय देंगे नई धार; एक तीर से कितने शिकार?

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार (18 मई) को अधिकारियों को राज्य में अम्मा कैंटीन के बुनियादी ढांचे में सुधार करने और लोगों को स्वादिष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध करने का निर्देश दिया है।अम्मा कैंटीन में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वाद संतोषजनक नहीं होने की शिकायतें मिलने के बाद, मुख्यमंत्री ने शीर्ष अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और उन्हें इस बाबत निर्देश दिए। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने सुविधाओं, बुनियादी ढांचे में सुधार करने, अधिक खाना पकाने के बर्तन/उपकरण खरीदने और लोगों को गुणवत्तापूर्ण एवं स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध करने के आदेश दिए हैं।

योजना का इतिहास

अम्मा कैंटीन योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2013 को तत्कालीन मुख्यमंत्री और सीएम विजय की पार्टी TVK के विरोधी AIADMK की नेता जे. जयललिता के जन्मदिन पर और उनके नाम पर की गई थी, जिन्हें उनके समर्थक प्यार से 'अम्मा' कहते थे। शुरुआत में ये कैंटीन सिर्फ चेन्नई में खोली गई थीं, लेकिन बाद में इनका विस्तार राज्य के विभिन्न शहरों और कस्बों में किया गया। 2021 में जब विपक्षी दल द्रमुक (DMK) सत्ता में आया, तब भी इस योजना का नाम नहीं बदला गया और इसे जारी रखा गया। अब मुख्यमंत्री विजय ने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इसके सुधार पर बल दिया है।

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कैंटीन का नेटवर्क

वृहद चेन्नई नगर निगम के अंतर्गत 383 अम्मा कैंटीन और राज्य में अन्य स्थानीय निकायों के तहत 237 कैंटीन हैं। मुख्यमंत्री के इस नए आदेश से इन सभी 620 कैंटीनों की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। अम्मा कैंटीन में भोजन रियायती दर पर उपलब्ध कराया जाता है। इस कैंटीन मॉडल की सफलता से प्रभावित होकर कई राज्यों में इसे अपनाया गया है।

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क्या है अम्मा कैंटीन

अम्मा कैंटीन को तमिल में 'अम्मा उनावगम' कहा जाता है। यह तमिलनाडु सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक बहुत ही लोकप्रिय और किफायती भोजनालय योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के गरीब, दिहाड़ी मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को बेहद सस्ते दामों पर पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराना है। इस कैंटीन में मात्र पांच रुपये में खाना मिलता है, जिससे सैकड़ों दिहाड़ी मजदूर और मेहनतकश लोग अपना गुजारा करते हैं। इसमें एक रुपये में इडली, तीन रुपये में दही-चावल, पांच रुपये में सांभर-चावल या लेमन राइस या करी पत्ता चावल मिलता है।

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विजय क्यों मेहरबान

दरअसल, मुख्यमंत्री विजय अम्मा कैंटीन का कायापलट कर ना सिर्फ सियासी विरोधियों को संदेश देने चाहते हैं बल्कि डीएमके सरकार को उखाड़ फेंकने और उफनके हाथों में राज्य की बागडोर देने वाले करोड़ों लोगों को बी सख्त संदेश देना चाहते हैं कि वह जन कल्याणकारी योजनाओं के पक्षधर है, भले ही वे योजनाएं विपक्षी दलों द्वारा ही क्यों न शुरू की गई हों। वह नई कवायद के जरिए आम जनमानस का भरोसा बनाए रखना चाहते हैं कि वह गरीबों और समाज के हाशिए पर रह रहे लोगों के शुभचिंतक हैं।