Vijay Government Will Fall in 6 Months Stalin to Become Chief Minister Again Who Made This Prediction 6 महीने में गिरेगी विजय सरकार, स्टालिन फिर बनेंगे मुख्यमंत्री; किसने की भविष्यवाणी, India News in Hindi - Hindustan
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6 महीने में गिरेगी विजय सरकार, स्टालिन फिर बनेंगे मुख्यमंत्री; किसने की भविष्यवाणी

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद मुख्य विपक्षी दल द्रमुक ने एक समिति का गठन किया है। यह 36 सदस्यीय समिति हार के कारणों का विश्लेषण और आत्मनिरीक्षण करेगी। राज्य में फिलहाल टीवीके की अगुवाई वाली सरकार है।

Mon, 18 May 2026 11:52 AMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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6 महीने में गिरेगी विजय सरकार, स्टालिन फिर बनेंगे मुख्यमंत्री; किसने की भविष्यवाणी

तमिलनाडु के तिरुचेंदुर से विधायक अनीता राधाकृष्णन ने राज्य सरकार को लेकर बड़ा दावा कर दिया है। उन्होंने कहा है कि TVK यानी तामिलागा वेत्री कझगम की अगुवाई वाली मौजूदा सरकार 6 महीनों में गिर जाएगी। साथ ही दावा किया है कि राज्य में द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम नेता एमके स्टालिन की वापसी होगी। हाल ही में मुख्यमंत्री जोसेफ विजय की गठबंधन सरकार ने दक्षिण भारतीय राज्य की सत्ता संभाली है।

चुनौती भी दे दी

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, डीएमके विधायक राधाकृष्णन ने रविवार को दावा किया है, 'थलाईवर अगले मुख्यमंत्री हैं। 4 या 6 महीनें के बाद हमारे नेता मुख्यमंत्री बनेंगे।' हालांकि, अब तक इन दावों को लेकर टीवीके ने प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस दौरान डीएमके विधायक ने टीवीके विधायक आधव अर्जुन को भी दोबारा चुनाव लड़ने की चुनौती दे दी है।

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उन्होंने कहा, 'यह सरकार सिर्फ 4 और महीने टिक पाएगी। एक आधव अर्जुन नाम का शख्स है। अगर आप में हिम्मत है, तो अपने विधायक पद से इस्तीफा दें। मैं भी ऐसा ही करूंगा। तिरुचेंदुर में मुकाबला करते हैं। यह हमारा शहर है। हम किसी को भी हरा सकते हैं।' खास बात है कि तिरुचेंदुर को बीते 25 सालों से राधाकृष्णन का गढ़ माना जाता है। यहां पहली बार उन्होंने साल 2001 में जीत हासिल की थी।

DMK ने बनाई समिति

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद मुख्य विपक्षी दल द्रमुक ने एक समिति का गठन किया है। यह 36 सदस्यीय समिति हार के कारणों का विश्लेषण और आत्मनिरीक्षण करेगी। स्टालिन ने इस समिति से हार की वजहों पर एक निष्पक्ष और स्पष्ट रिपोर्ट मांगी है। राज्य में सत्ता विरोधी लहर न होने के बावजूद मिली इस अप्रत्याशित हार को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने समीक्षा पैनल को कड़े निर्देश दिए हैं।

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उन्होंने समिति के सदस्यों को शनिवार को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि यह अभ्यास महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि पार्टी की चुनावी गिरावट के मूल कारणों को समझने का एक प्रयास है। इस पैनल को तमिलनाडु के सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक जमीनी अध्ययन करने और कार्यकर्ताओं और स्थानीय पदाधिकारियों से सीधे फीडबैक लेने का काम सौंपा गया है।

स्टालिन ने इस समीक्षा प्रक्रिया की तुलना 'मेडिकल डायग्नोसिस' से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह एक डॉक्टर को प्रभावी इलाज के लिए मरीज की बीमारी के बारे में सही और ईमानदार जानकारी चाहिए होती है, उसी तरह पार्टी नेतृत्व को सुधारात्मक कदम उठाने के लिए जमीनी हकीकत की पूरी जानकारी चाहिए।

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समिति को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 5 जून तक की समय सीमा दी गई है। खुद अपनी पारंपरिक सीट कोलाथुर से हार का सामना करने वाले स्टालिन ने जोर देकर कहा कि यह समीक्षा आंतरिक राजनीति, पक्षपात या दोषारोपण से मुक्त होनी चाहिए। उन्होंने पैनल के सदस्यों से कहा, 'आपका कर्तव्य न तो किसी को बचाना है और न ही किसी को निशाना बनाना है।'