शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध; मिडिल ईस्ट तनाव के बीच PM मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से की बात
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बातचीत की है। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा हालात पर चर्चा की।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से बातचीत की है। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा हालात पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति से क्षेत्र में पैदा हुई गंभीर स्थिति पर बातचीत की।
पीएम मोदी ने लिखा सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि मैंने राष्ट्रपति डॉ मसूद पेज़ेश्कियन से क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। बढ़ते तनाव, नागरिकों की जानमाल की हानि और नागरिक बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और ऊर्जा व माल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना भारत की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए सभी पक्षों से संवाद और कूटनीति के रास्ते पर लौटने का आग्रह भी किया। गौरतलब है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है, जिसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ रहा है।
ईरान युद्ध के बीच पहली बार बोले मोजतबा खामेनेई
बता दें कि अपने दिवंगत पिता की जगह संभालने के बाद ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने पहला बयान जारी कर गुरुवार को कहा कि ईरान अपने खाड़ी अरब के पड़ोसियों पर हमले जारी रखेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के रणनीतिक लाभ का इस्तेमाल अमेरिका व इजराइल के खिलाफ दबाव के लिये करेगा। सरकारी टेलीविजन पर शीर्ष नेता खामेनेई (56) का बयान एक समाचार प्रस्तोता द्वारा पढ़ा गया। खामेनेई कैमरे के सामने नहीं आए और इजराइली आकलन से पता चलता है कि युद्ध की शुरुआती गोलीबारी में वह घायल हो गए थे।
उन्होंने एक स्कूल पर हुए हमले में मारे गए 165 लोगों समेत युद्ध में मारे गए लोगों का बदला लेने का संकल्प जताया। इस बयान से उस युद्ध को जारी रखने की इच्छा का संकेत मिलता है जिसने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय यात्रा और खाड़ी अरब देशों को प्राप्त सापेक्ष सुरक्षा को बाधित किया है, और जिसने ईरान के नेतृत्व, सैन्य और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर भी भारी असर डाला है।
इससे पहले ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि जब तक ईरान को किसी अन्य हमले के खिलाफ सुरक्षा गारंटी नहीं मिल जाती, तब तक उसके हमले जारी रहेंगे, जिससे यह संकेत मिलता है कि युद्धविराम या अमेरिका द्वारा जीत की घोषणा के बावजूद संघर्ष रुकेगा नहीं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'काम पूरा करने' का वादा किया है, हालांकि उन्होंने दावा किया है कि ईरान लगभग पूरी तरह से नष्ट हो चुका है।




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