इनके पास कोई प्लान नहीं... ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप प्रशासन पर भड़के US सांसद
ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने ट्रंप प्रशासन पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एक ब्रीफिंग के बाद उन्हें समझ आया है कि ट्रंप प्रशासन के पास इस युद्ध को लेकर कोई खास योजना नहीं है। ऐसा लगता है कि इसका लक्ष्य केवल ईरानी मिसाइलों, जहाजों को बर्बाद करना है।

पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। शुरुआत में सत्ता परिवर्तन का लक्ष्य लेकर ईरान पर हमला करने वाला अमेरिका अब इस युद्ध में फंसता हुआ नजर आ रहा है। होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नाकेबंदी हो गई है, जिसके बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार बुरी तरह प्रभावित हुआ है और तेहरान भी लगातार लंबे युद्ध की धमकी दे रहा है। इस बीच अमेरिका के डेमोक्रेटिक सांसद क्रिस मार्फी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऊपर निशाना साधते हुए कहा कि इनके पास न तो होर्मुज खोलने की कोई योजना है और न ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह से नष्ट करने की कोई योजना है।
सोशल मीडिया पर लिखे पोस्ट में मर्फी ने दावा किया कि मंगलवार को उन्हें ईरान युद्ध पर दो घंटे की क्लोज्ड डोर ब्रीफिंग दी गई। इसके बाद उन्हें समझ में आया कि अमेरिका और इजरायल द्वारा लड़े जा रहे इस युद्ध के लिए ट्रंप प्रशासन के पास कोई खास योजना नहीं है। कनेक्टिकट से डेमोक्रेटिक सीनेटर मर्फी ने कहा कि इस युद्ध का परिणाम पहले से सोचा जा सकता था, लेकिन प्रशासन ने ऐसा नहीं किया। यह एक अक्षम्य अपराध है। मर्फी ने कहा कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि अमेरिका के पास स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज को सुरक्षित तरीके से दोबारा खोलने की कोई स्पष्ट योजना नहीं है।
मर्फी ने कहा कि ईरान इस समुद्री मार्ग को कैसे बाधित कर सकता है, इस पर वे विस्तार से नहीं बता सकते, लेकिन इतना साफ है कि फिलहाल इसे सुरक्षित तरीके से खोलने का कोई स्पष्ट तरीका सरकार के पास नहीं है। सोशल मीडिया साइट एक्स पर मर्फी ने लिखा कि युद्ध का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करना नहीं है, जो कि चौंकाने वाली बात है क्योंकि ट्रंप बार-बार यही लक्ष्य बताते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हवाई हमलों से ईरान के परमाणु सामग्री को पूरी तरह खत्म करना संभव नहीं है।
सत्ता परिवर्तन भी ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य नहीं: मर्फी
मर्फी ने सभी को चौंकाते हुए लिखा कि ट्रंप प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि ईरान में शासन परिवर्तन अब उनकी लक्ष्य की सूची में नहीं है। उन्होंने कहा, "इसका मतलब है कि अरबों डॉलर खर्च होंगे, कई अमेरिकी सैनिक मारे जा सकते हैं, लेकिन अंत में ईरान में वही या शायद उससे भी ज्यादा अमेरिका-विरोधी सख्त सरकार सत्ता में रहेगी।”
इस युद्ध का लक्ष्य केवल अमेरिकी और ईरानी मिसाइलों को बर्बाद करना: मर्फी
मर्फी ने ट्रंप प्रशासन पर सवाल दागते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा शुरू किए गए इस युद्ध का मुख्य उद्देश्य केवल ईरान की मिसाइलों, जहाजों और ड्रोन फैक्ट्रियों को नष्ट करना है। उन्होंने कहा, “सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर आज बमबारी बंद हो जाए, और ईरान फिर से इन चीजों का उत्पादन शुरू कर दे, तो फिर क्या होगा? मर्फी ने कहा कि ट्रंप प्रशासन की योजना इस बात का संकेत है कि यह एक तरह का अंतहीन युद्ध शुरू हो गया है।”
आपको बता दें, बातचीत के बीच अमेरिका और इजरायल की तरफ से किए गए हमले के बाद इस युद्ध ने कई करवट बदली हैं। अमेरिका और इजरायल शुरुआत में कुछ हमले करके सत्ता परिवर्तन का सपना देखकर युद्ध में कूदे थे। लेकिन खामेनेई के मारे जाने के बाद ईरान ने पलटवार करना शुरू कर दिया। इसकी वजह से पूरे पश्चिम एशिया में अशांति पैदा हो गई। ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिका के तमाम ठिकानों और उसके सहयोगी देशों पर हमला करना शुरू कर दिया। ट्रंप और नेतन्याहू की तरफ से लगातार ईरान की जनता को सत्ता के खिलाफ प्रदर्शन करने का आह्वान किया गया, लेकिन हमलों के बीच तेहरान में कोई बड़ा आंदोलन शुरू नहीं हुआ। अब ट्रंप भी सत्ता परिवर्तन के अपने पहले उद्देश्य से पीछे हटते हुए नजर आ रहे हैं।
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