ईरान की US को सीधी धमकी, बिजली ढांचे पर हुआ हमला तो अमेरिकी सैनिक बनेंगे टारगेट
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ईरान की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर हमला करता है तो तेहरान पूरे क्षेत्र के बिजली ग्रिड को निशाना बना सकता है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ईरान की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर हमला करता है तो तेहरान पूरे क्षेत्र के बिजली ग्रिड को निशाना बना सकता है। लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अगर ऐसा हुआ तो पूरे क्षेत्र में आधे घंटे से भी कम समय में अंधेरा छा जाएगा और यही अंधेरा सुरक्षा के लिए भाग रहे अमेरिकी सैनिकों का पीछा करने का अवसर देगा।
ट्रंप की धमकी के बाद चेतावनी
लारीजानी का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि ईरान संघर्ष को बढ़ाता है तो अमेरिका एक घंटे के भीतर ईरान की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह नष्ट कर सकता है। ट्रंप ने कहा था कि हम एक घंटे के भीतर उनकी बिजली आपूर्ति प्रणाली को ध्वस्त कर सकते हैं और उसे दोबारा बनाने में उन्हें 25 साल लगेंगे। हालांकि हम आदर्श रूप से ऐसा नहीं करना चाहते। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि हालिया अमेरिकी अभियानों के बाद ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है।
लारीजानी ने ट्रंप को दी थी सीधी धमकी
इससे पहले भी अली लारीजानी ने ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी थी। मंगलवार को उन्होंने कहा था कि ट्रंप को 'खत्म' किया जा सकता है। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि आपसे कहीं अधिक शक्तिशाली लोग भी ईरान को खत्म नहीं कर सके। सावधान रहें, कहीं आप खुद ही खत्म न हो जाएं।
दरअसल, ट्रंप ने भी ईरान और उसके नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर सख्त बयान दिए हैं। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा था कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आपूर्ति रोकने की कोशिश करता है तो अमेरिका पहले के मुकाबले 'बीस गुना ज्यादा कठोर जवाब' देगा। उन्होंने कहा कि ऐसे हमलों के बाद ईरान के लिए अपनी सैन्य क्षमता का पुनर्निर्माण करना लगभग असंभव हो जाएगा।
कौन हैं अली लारीजानी?
अली लारीजानी ईरान की सत्ता के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं और वे परमाणु वार्ताओं से लेकर क्षेत्रीय कूटनीति और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई अहम मामलों की निगरानी करते रहे हैं। अमेरिका ने जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर कथित कठोर कार्रवाई के आरोप में लारीजानी पर प्रतिबंध भी लगा दिए थे।
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