42 संपत्तियां, टैक्स कितने दिए? जिस पर TMC का राज, उसी ने अभिषेक बनर्जी पर कसा शिकंजा; अब चलेगा बुलडोजर?
बंगाल में नई ‘प्रॉपर्टी पॉलिटिक्स’ पर TMC नेताओं ने कहा कि KMC के इस कदम से बनर्जी परिवार परेशान है और इसे कानूनी तौर पर लड़ने का फैसला किया है। सूत्रों ने कहा कि पार्टी के कई नेता परिवार के संपर्क में हैं और आगे की रणनीति बना रहे हैं।

West Bengal Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन होते ही वहां की राजनीति में सियासी टकराव अब सीधे संपत्ति और भ्रष्टाचार के मोर्चे पर पहुंच गया है। शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली पहली भाजपा सरकार ने विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी और उनके करीबी सहयोगियों की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है, जिसके बाद राज्य की सियासत में जबरदस्त हलचल मच गई है। इस बीच, सोमवार (18 मई) को कोलकाता नगर निगम की टीम अभिषेक बनर्जी से जुड़ी कई संपत्तियों पर पहुंची और वहां कोलकाता नगर निगम (KMC) एक्ट की धारा 401 के तहत नोटिस चस्पा किए।
कोलकाता सिविक के अधिकारी सोमवार की दोपहर में हरीश मुखर्जी रोड पर ‘शांति निकेतन’ समेत अभिषेक बनर्जी की कई प्रॉपर्टी पर गए और कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट के सेक्शन 401 के तहत नोटिस चिपकाए। यह नोटिस KMC का पहला कदम है जब वह किसी प्रॉपर्टी में कथित गड़बड़ियों की जांच शुरू करती है। KMC के एक अधिकारी ने कहा, “हमने अभिषेक बनर्जी समेत कई लोगों की कई प्रॉपर्टी पर नोटिस चिपकाए हैं।” सिविक बोर्ड 2010 से तृणमूल के कंट्रोल में है।
क्या गिराई जाएंगी ये इमारतें?
केएमसी अधिकारियों के अनुसार, धारा 401 के तहत नोटिस तब जारी किया जाता है जब किसी इमारत का कोई हिस्सा बिना नागरिक निकाय की मंजूरी के बनाया गया हो। एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह नोटिस ध्वस्तीकरण (Demolition) का मार्ग भी प्रशस्त करता है। यदि जांच में नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया, तो निगम इन अवैध निर्माणों को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। गौरतलब है कि 'शांतिनिकेतन' पर लगाया गया नोटिस बाद में फटा हुआ पाया गया।
42 संपत्तियां और टैक्स का पेच
KMC के सिविक असेसमेंट डिपार्टमेंट ने 42 ऐसी प्रॉपर्टी की पहचान की है जो या तो बनर्जी की हैं या उनके को-ओनरशिप में हैं। विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इन संपत्तियों का कोई टैक्स बकाया है या नहीं? एक अधिकारी ने कहा, “हमें बनर्जी और उनके साथियों की हर प्रॉपर्टी के रिकॉर्ड का असेसमेंट करने और अनक्लियर्ड प्रॉपर्टी टैक्स इकट्ठा करने के लिए कहा गया है।” मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एक रैली के दौरान इन संपत्तियों का विवरण देते हुए बताया था कि 14 संपत्तियां 'लीप्स एंड बाउंड्स' कंपनी के नाम पर हैं। इसके अलावा 4 संपत्तियां खुद अभिषेक बनर्जी के नाम पर हैं और 6 संपत्तियां उनके पिता के नाम पर दर्ज हैं। इसके अलावा, राजू लश्कर के नाम पर 18 संपत्तियां, सोना पप्पू के नाम 24 संपत्तियां और जावेद खान के बेटे के नाम पर दर्ज 90 संपत्तियां भी KMC के रडार पर हैं।
राजनीतिक घमासान
बंगाल में अब नई प्रॉप्रटी पॉलिटिक्स शुरू हुई है। प्रतिशोध की राजनीति बनाम भ्रष्टाचार पर वार की इस कथित कार्रवाई पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार भ्रष्ट लोगों को सलाखों के पीछे डालेगी। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने इसे "प्रतिशोध की राजनीति" करार दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार, बनर्जी परिवार इस कदम से आहत है और अब कानूनी लड़ाई की तैयारी कर रहा है। वकीलों से सलाह ली जा रही है और सभी आवश्यक दस्तावेजों को इकट्ठा किया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि केएमसी का बोर्ड 2010 से तृणमूल के नियंत्रण में है, और अब उसी के द्वारा अपने शीर्ष नेता के खिलाफ की जा रही यह कार्रवाई राज्य में एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत दे रही है।




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