'एसी में बैठकर तमाशा नहीं देखूंगा', शुभेंदु का अल्टीमेटम; बंगाल में 'नमाज बैन' पर मचा बवाल
कोलकाता के पार्क सर्कस में नमाज पर रोक और अतिक्रमण अभियान को लेकर हिंसक प्रदर्शन। पुलिस पर पथराव के बाद 40 गिरफ्तार। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने दी कड़ी चेतावनी, कहा- बर्दाश्त नहीं होगी पत्थरबाजी।

पश्चिम बंगाल में सड़क पर नमाज पढ़ने पर लगी पाबंदी और अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ रविवार को कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में जमकर बवाल हुआ था। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर कड़ी कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों (CAPF) पर पथराव भी किया गया, जिसमें कम से कम 10 जवान घायल हो गए हैं। पुलिस ने हिंसक झड़प के मामले में अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पार्क सर्कस का दौरा किया और उपद्रवियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने साफ कहा कि धार्मिक नारों की आड़ में किसी भी तरह की गुंडागर्दी और पत्थरबाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बवाल के बाद एक्शन में पुलिस और सरकार
पुलिस वाहनों पर हमले और हिंसा के आरोप में पुलिस ने अब तक 40 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने घायल जवानों से मुलाकात की। उन्होंने कश्मीर का जिक्र करते हुए उपद्रवियों को चेतावनी दी, "पत्थरबाजी की घटनाएं कश्मीर में खत्म हो चुकी हैं, और अब इसे बंगाल में भी हर हाल में खत्म होना ही होगा।" पार्क सर्कस सेवन पॉइंट क्रॉसिंग और आसपास के संवेदनशील इलाकों (जैसे तिलजला) में चौकसी बढ़ा दी गई है। सोमवार को भी भारी पुलिस बल और सीआरपीएफ (CRPF) ने इलाके में फ्लैग मार्च किया। जगह-जगह बैरिकेडिंग कर गश्त की जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में पश्चिम बंगाल सरकार ने सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने पर पाबंदी लगा दी थी। साथ ही अजान और ईद पर कुर्बानी को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की गई थीं। इसके अलावा कोलकाता में अतिक्रमण हटाओ अभियान भी शुरू किया गया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार को इन्हीं फैसलों के विरोध में पार्क सर्कस सेवन पॉइंट क्रॉसिंग के पास भारी भीड़ जुट गई। पार्क सर्कस सेवन पॉइंट क्रॉसिंग कोलकाता के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक है। प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी और नारेबाजी की। जब पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की, तो हालात बेकाबू हो गए। भीड़ की तरफ से पुलिसकर्मियों और सीआरपीएफ की बस सहित कई सरकारी वाहनों पर पत्थर फेंके गए। स्थिति पर काबू पाने और ट्रैफिक बहाल करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
सीएम ने की केंद्रीय बलों की तैनाती बरकरार रखने की मांग
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पास ही राज्य के गृह विभाग का भी जिम्मा है। उन्होंने पूर्व सीएम ममता बनर्जी पर उपद्रवियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला। अधिकारी ने कहा, "अब ऐसा नहीं होगा कि पुलिस पिटती रहे और मुख्यमंत्री एसी कमरे में बैठकर तमाशा देखें। लोग सवाल पूछ सकते हैं, पुलिस स्टेशन जाकर जवाब मांग सकते हैं, लेकिन भीड़ जुटाकर धार्मिक नारे लगाना और पत्थर मारना बर्दाश्त नहीं होगा।"
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि वे राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) को बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार के संपर्क में हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया है कि 23 और 29 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों के लिए जो 40 पैरामिलिट्री कंपनियां राज्य में तैनात की गई थीं, उन्हें यहीं रुकने दिया जाए ताकि पुलिस बल की कमी न हो। शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा कि पहले पुलिस घायल होती थी और मुख्यमंत्री एसी कमरे में बैठकर तमाशा देखती थीं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
टीएमसी का पलटवार
दूसरी तरफ, बीजेपी नेताओं ने जहां पार्क सर्कस हिंसा के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) को जिम्मेदार ठहराया है, वहीं ममता बनर्जी की पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ममता बनर्जी ने सरकार के अतिक्रमण हटाओ अभियान पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल टैगोर और नेताजी की धरती है, यहां 'बुलडोजर की राजनीति' में कोई विश्वास नहीं करता है।




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