Iran War Breaking Tehran reveals secret underground base filled with missiles amid Trump claims अभी और बाकी है... ट्रंप के दावों के बीच ईरान ने दिखाया मिसाइलों से भरा सीक्रेट अंडरग्राउंड बेस, Middle-east Hindi News - Hindustan
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अभी और बाकी है... ट्रंप के दावों के बीच ईरान ने दिखाया मिसाइलों से भरा सीक्रेट अंडरग्राउंड बेस

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपनी सैन्य ताकत का जोरदार प्रदर्शन किया है। ईरान के सरकारी प्रसारक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें एक विशाल भूमिगत सैन्य परिसर दिखाया गया है।

Mon, 23 March 2026 05:06 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान, तेहरान
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अभी और बाकी है... ट्रंप के दावों के बीच ईरान ने दिखाया मिसाइलों से भरा सीक्रेट अंडरग्राउंड बेस

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपनी सैन्य ताकत का जोरदार प्रदर्शन किया है। ईरान के सरकारी प्रसारक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें एक विशाल भूमिगत सैन्य परिसर दिखाया गया है। इस वीडियो में उन्नत हथियारों और मिसाइलों की कतारें साफ नजर आ रही हैं। आईआरआईबी न्यूज ने इस भंडार को 'हिमशैल का सिरा' करार देते हुए दावा किया है कि यह ईरान के गुप्त शस्त्रागार का केवल एक छोटा हिस्सा है। यह वीडियो ऐसे समय में जारी किया गया है जब अमेरिकी दावों के विपरीत ईरान अपनी सैन्य क्षमताओं को बरकरार और मजबूत बताने की कोशिश कर रहा है।

इस बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने 'ट्रू प्रॉमिस 4' अभियान के तहत अपनी 75वीं लहर के हमलों की घोषणा की है। आईआरजीसी के आधिकारिक बयान के अनुसार, इन हमलों में इजरायली सैन्य ठिकानों के साथ-साथ सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाया गया। प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अभियान 'शहीद कमांडरों के सम्मान में' चलाया जा रहा है और इजरायल तथा अमेरिका की जारी आक्रामकता का करारा जवाब है। हमलों में उन्नत बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया, जो आईआरजीसी की खुफिया इकाइयों द्वारा की गई सटीक टोही पर आधारित थे।

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आईआरजीसी ने दावा किया कि निशाने पर इजरायली सैनिकों की नई तैनाती और छिपने के स्थान शामिल थे। प्रिंस सुल्तान एयर बेस को इसलिए लक्ष्य बनाया गया क्योंकि यह ईरान के खिलाफ अमेरिकी सेनाओं की तैनाती और हवाई अभियानों का प्रमुख केंद्र है। आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि इजरायली और अमेरिकी सेनाएं लगातार निगरानी में हैं। बयान में कहा गया है कि कोई भी छिपने की जगह या रक्षात्मक उपाय हमलावरों को जवाबदेही से नहीं बचा पाएगा।

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गौरतलब है कि ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके तटीय क्षेत्रों या द्वीपों पर हमला किया गया तो वह पूरी फारस की खाड़ी में बारूदी सुरंगें बिछाकर सभी समुद्री मार्गों को बंद कर देगा। अर्ध सरकारी समाचार एजेंसी फारस की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की रक्षा परिषद ने कहा कि गैर-युद्धरत देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने का एकमात्र तरीका ईरान के साथ समन्वय करना होगा। परिषद ने कहा कि ईरान के तटों या द्वीपों पर किसी भी शत्रु हमले की स्थिति में फारस की खाड़ी और तटीय क्षेत्रों के सभी मार्गों तथा संचार लाइनों को विभिन्न प्रकार की नौसैनिक बारूदी सुरंगों से भर दिया जाएगा।

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बयान में आगे कहा गया कि ऐसी स्थिति में पूरी फारस की खाड़ी प्रभावी रूप से बंद हो जाएगी और इसकी जिम्मेदारी उस पक्ष पर होगी जो हमला करेगा। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब ईरान की सेना पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने और क्षेत्रीय ढांचे को निशाना बनाने की बात कह चुकी है, यदि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी उस चेतावनी को अमल में लाते हैं, जिसमें जलडमरूमध्य नहीं खोलने पर ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमले की बात कही गयी है।

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