Trump extends his deadline for Iran to reopen Strait of Hormuz US to hold off on power plant strikes for 5 days 48 घंटे वालेअपने ही अल्टीमेटम से पलटे ट्रंप, 5 दिन की लगाई ब्रेक; ईरान के बिजली संयंत्रों पर क्यों टाले हमले?, International Hindi News - Hindustan
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48 घंटे वालेअपने ही अल्टीमेटम से पलटे ट्रंप, 5 दिन की लगाई ब्रेक; ईरान के बिजली संयंत्रों पर क्यों टाले हमले?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ही 48 घंटे वाले अल्टेमीटम पर पलटी मार दी है। ट्रंप ने अब ईरान को होर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलने के लिए दी गई समय-सीमा को बढ़ा दिया है और फिलहाल ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमले की योजना को 5 दिनों के लिए टाल दिया है।

Mon, 23 March 2026 05:27 PMPramod Praveen एपी, वॉशिंगटन
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48 घंटे वालेअपने ही अल्टीमेटम से पलटे ट्रंप, 5 दिन की लगाई ब्रेक; ईरान के बिजली संयंत्रों पर क्यों टाले हमले?

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच टकराव एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ही 48 घंटे वाले अल्टेमीटम पर पलटी मार दी है। ट्रंप ने अब ईरान को होर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलने के लिए दी गई समय-सीमा पर ब्रेक लगा दिया है और उसे अगले पांच दिनों के लिए बढ़ा दिया है। यानी अमेरिका ने फिलहाल ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमले की योजना को 5 दिनों के लिए टाल दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने हमले टालने का ऐलान करते हुए कहा है कि दोनों देश पिछले दो दिनों से बातचीत कर रहे हैं, इसलिए बिजली संयंत्रों पर हमले को टाला जा रहा है।

हाल ही में ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर उसने 48 घंटे के भीतर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को नहीं खोला, तो अमेरिका उसके ऊर्जा ढांचों खासकर बिजली संयंत्रों पर हमला करेगा लेकिन 48 घंटे की अवधि पूरी होने से पहले ही ट्रंप ने उस अल्टीमेटम पर ब्रेक लगा दी है। ट्रंप ने कहा है कि वह फिलहाल पांच दिनों के लिए ईरानी ऊर्जा ठिकानों पर हमले टाल रहे हैं।

ईरान की क्या चेतावनी?

अमेरिकी राष्ट्रपति का ईरानी ठिकानों पर हमले टालने का फैसला ऐसे वक्त में हुआ है, जब ईरान ने दो टूक चेतावनी दी है कि अगर उसके तटीय क्षेत्रों या द्वीपों पर हमला किया गया तो वह पूरी फारस की खाड़ी में बारूदी सुरंगें बिछाकर सभी समुद्री मार्गों को बंद कर देगा। अर्ध सरकारी समाचार एजेंसी फारस की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की रक्षा परिषद ने कहा कि गैर-युद्धरत देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने का एकमात्र तरीका ईरान के साथ समन्वय करना होगा। परिषद ने कहा कि “ईरान के तटों या द्वीपों पर किसी भी शत्रु हमले की स्थिति में फारस की खाड़ी और तटीय क्षेत्रों के सभी मार्गों तथा संचार लाइनों को विभिन्न प्रकार की नौसैनिक बारूदी सुरंगों से भर दिया जाएगा।”

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अब नरम रुख या रणनीतिक विराम?

यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अब नवीनतम घटनाक्रम में ट्रंप प्रशासन ने सैन्य कार्रवाई को फिलहाल रोकते हुए ईरान को अतिरिक्त समय देने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि यह कदम कूटनीतिक बातचीत के लिए मौका देने, वैश्विक तेल बाजार को स्थिर रखने और संभावित बड़े युद्ध को टालने के उद्देश्य से उठाया गया है क्योंकि ईरान ने भी साफ कर दिया है कि अगर उस पर हमला हुआ, तो वह न केवल होर्मुज़ को पूरी तरह बंद कर सकता है बल्कि क्षेत्र के ऊर्जा ठिकानों को भी निशाना बना सकता है।

ट्रंप का यह फैसला अस्थायी राहत देने वाला

अगर ऐसा होता है तो इससे वैश्विक ऊर्जा संकट और गहरा सकता है। तेल की कीमतें पहले ही 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा चुकी हैंस, वह नई ऊंचाई पर पहुंच सकता है और दुनियाभर के शेयर बाजारों में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। ऐसी स्थिति में ट्रंप का यह फैसला अस्थायी राहत देने वाला लगता है। हालांकि, लेकिन स्थिति अब भी बेहद नाजुक बनी हुई है। अगले 5 दिन तय करेंगे कि यह संकट कूटनीति से सुलझेगा या एक बड़े सैन्य टकराव में बदल जाएगा।

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