ट्रंप के दावे को ईरान ने बताया 'फर्जी', ईरानी स्पीकर बोले- बाजार में हेरफेर के लिए फैलाई फेक न्यूज
ईरान ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच मध्य पूर्व में जारी शत्रुता को समाप्त करने के लिए सार्थक बातचीत हो रही है। ईरान ने इसे तेल और वित्तीय बाजारों में हेरफेर करने की साजिश बताते हुए फर्जी खबर करार दिया।

ईरान ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच मध्य पूर्व में जारी शत्रुता को समाप्त करने के लिए 'बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत' हो रही है। ईरान ने इसे तेल और वित्तीय बाजारों में हेरफेर करने की साजिश बताते हुए 'फर्जी खबर' करार दिया। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गलीबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है। ये फर्जी खबरें वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने तथा अमेरिका और इजरायल के फंसे दलदल से बचने के लिए फैलाई जा रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि ईरानी जनता हमलावरों को पूर्ण और दंडात्मक सजा देने की मांग करती है। इस लक्ष्य की प्राप्ति तक सभी ईरानी अधिकारी सर्वोच्च नेता और जनता के साथ एकजुट खड़े हैं।
ईरान की ओर से यह खंडन ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर दावा किया कि पिछले दो दिनों में वाशिंगटन और तेहरान के बीच 'पूर्ण और समग्र समाधान' की दिशा में 'बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत' हुई है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने युद्ध विभाग को ईरानी बिजली संयंत्रों और ऊर्जा अवसंरचना पर सभी सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए स्थगित करने का निर्देश दिया है। यह विराम चल रही 'बैठकों और चर्चाओं' की सफलता पर निर्भर करेगा। ट्रंप ने आगे एयर फोर्स वन के पास पत्रकारों से बातचीत में वार्ता को 'बहुत मजबूत' बताया और कहा कि उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर इसमें शामिल थे।
इस दौरान उन्होंने दावा किया कि कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति है, लगभग सभी बिंदुओं पर सहमति है। ट्रंप ने अस्थायी विराम का जिक्र करते हुए कहा कि हम पांच दिनों का विराम ले रहे हैं और देखेंगे कि क्या होता है। अगर यह ठीक रहा तो मामला सुलझ जाएगा, अन्यथा हम लगातार बमबारी जारी रखेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान शांति के बदले अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ सकता है और अमेरिका ईरान के नेतृत्व में एक 'अत्यंत सम्मानित' व्यक्ति से संपर्क में है, हालांकि उनका नाम नहीं बताया।
इधर, ईरानी सरकारी मीडिया और विदेश मंत्रालय ने भी इन दावों को खारिज किया। ईरानी विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के फैसले को ऊर्जा कीमतों को कम करने और सैन्य योजनाओं के लिए समय खरीदने का प्रयास बताया। फार्स और तसनीम समाचार एजेंसियों ने इसे 'दबाव में झुकना' करार दिया। तसनीम ने रिपोर्ट किया कि युद्ध शुरू होने से ही कुछ मध्यस्थों के माध्यम से संदेश आए, लेकिन ईरान की स्पष्ट प्रतिक्रिया है कि वह अपेक्षित प्रतिरोधक क्षमता हासिल होने तक अपनी रक्षा जारी रखेगा। कोई बातचीत नहीं हुई है और न ही हो रही है। ऐसे मनोवैज्ञानिक युद्ध से न होर्मुज स्ट्रेट युद्ध-पूर्व स्थिति में लौटेगा और न ही ऊर्जा बाजारों में शांति आएगी।
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