ईरान युद्ध में पाकिस्तान ने खुद को बनाया 'चौधरी', मुनीर और ट्रंप के बीच हो गई डील?
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने खुद को अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए प्रमुख मध्यस्थ के तौर पर पेश करने की कोशिश की है। यूं कहें तो वह अपने आप को चौधरी मान लिया है या मनाने की कोशिश कर रहा है।

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान ने खुद को अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए प्रमुख मध्यस्थ के तौर पर पेश करने की कोशिश की है। यूं कहें तो वह अपने आप को 'चौधरी' मान लिया है या मनाने की कोशिश कर रहा है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से टेलीफोन पर बातचीत की। यह जानकारी उन दो लोगों के हवाले से दी गई है, जिन्हें इस फोन कॉल की जानकारी थी।
हालांकि, इस बातचीत की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। सूत्रों के मुताबिक, इस कॉल में ईरान-इजरायल संघर्ष को लेकर चर्चा हुई, जिसमें पाकिस्तान ने युद्धविराम और तनाव कम करने में मध्यस्थता की भूमिका निभाने की इच्छा जताई। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब मध्य पूर्व में इजरायल-ईरान के बीच तनाव चरम पर है और अमेरिका क्षेत्रीय स्थिरता के लिए विभिन्न विकल्प तलाश रहा है।
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए दी गई समयसीमा सोमवार को बढ़ा दी और कहा कि अमेरिका पांच दिन के लिए ईरानी बिजली संयंत्रों पर हमले टाल रहा है। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' साइट पर युद्ध के समाधान की संभावना भी जताई। हालांकि, ईरानी अधिकारियों ने बातचीत होने से इनकार किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति के रुख में आए बदलाव से अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का कुछ समाधान निकलने की उम्मीद जगी है।
बाद में ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी दूत एक 'सम्मानित' ईरानी नेता के साथ बातचीत कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि पश्चिम एशिया के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके (ट्रंप के) दामाद जेरेड कुशनर ने रविवार शाम तक बातचीत की तथा वार्ता जारी रहेगी। ट्रंप ने तेहरान का प्रतिनिधित्व करने वाले किसी भी अधिकारी का नाम नहीं लिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई से बात नहीं की है।
ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता हो जाता है, तो अमेरिका ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण संवर्धित यूरेनियम को अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई करेगा। सोशल मीडिया पर ट्रंप की घोषणा के ठीक बाद ईरानी सरकारी टेलीविजन ने कहा कि ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति पीछे हटे।
बता दें कि ईरान युद्ध चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। इस संघर्ष में 2000 से अधिक लोग मारे गए हैं, वैश्विक अर्थव्यवस्था हिल गई है, तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और दुनिया के कुछ सबसे व्यस्त हवाई मार्गों को खतरा पैदा हो गया है। ईरान ने कहा था कि वह पूरे पश्चिम एशिया में बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएगा। वहीं ट्रंप ने कहा था कि महत्वपूर्ण जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोले जाने पर अमेरिका, ईरान में ऊर्जा संयंत्रों पर हमले करेगा।
लेकिन, सोमवार सुबह ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच 'बहुत अच्छी और सार्थक बातचीत' हुई है, जिससे युद्ध का 'पूर्ण और निर्णायक समाधान' निकल सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि बातचीत 'पूरे सप्ताह' जारी रहेगी। ट्रंप ने कहा कि बिजली संयंत्रों पर हमला करने की उनकी धमकी को स्थगित करना जारी बैठकों और चर्चाओं की सफलता पर निर्भर है।
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