लॉक-अप में लंबे कपड़े पहनने की नहीं होगी इजाजत, मुंबई पुलिस ने क्यों लिया यह फैसला
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये कपड़े खासतौर पर इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति उनका इस्तेमाल फंदा बनाकर आत्महत्या करने के लिए न कर सके। लंबे कपड़े, कॉलर या पैंट के हिस्सों को जोखिम भरा माना गया है।

मुंबई पुलिस ने हिरासत में होने वाली आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत अब लॉक-अप में बंद आरोपियों को लंबे कपड़े पहनने की इजाजत नहीं होगी। मुंबई पुलिस ने यह फैसला सुरक्षा कारणों से लिया है, ताकि हिरासत में मौजूद लोगों की जान बचाई जा सके और ऐसे मामलों में कमी लाई जा सके। नई पॉलिसी के अनुसार, अब लॉक-अप में रखे गए आरोपियों को तय यूनिफॉर्म पहननी होगी। इसमें आधी बाजू की मरून टी-शर्ट और काले रंग के शॉर्ट्स शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये कपड़े खासतौर पर इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि कोई भी व्यक्ति उनका इस्तेमाल फंदा बनाकर आत्महत्या करने के लिए न कर सके। लंबे कपड़े, कॉलर या पैंट के हिस्सों को जोखिम भरा माना गया है। इस कदम के पीछे एक बड़ा कारण पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े हैं। महाराष्ट्र में 2020 से 2023 के बीच 54 से ज्यादा कस्टोडियल मौतें दर्ज की गईं, जिनमें कई मामलों में आत्महत्या शामिल थी।
केवल कपड़ों में बदलाव तक ही सीमित नहीं
इन घटनाओं ने पुलिस प्रशासन को सुरक्षा उपायों की समीक्षा करने के लिए मजबूर किया। इसके बाद यह पाया गया कि आरोपी अक्सर अपने ही कपड़ों का इस्तेमाल आत्महत्या के लिए करते हैं। पुलिस केवल कपड़ों में बदलाव तक ही सीमित नहीं है, बल्कि लॉक-अप की बनावट में भी सुधार किए जा रहे हैं। बाथरूम के दरवाजों में बदलाव किया जा रहा है, जैसे ऊपर और नीचे के हिस्से हटाए जा रहे हैं, ताकि कोई व्यक्ति खुद को अंदर बंद करके नुकसान न पहुंचा सके।
इसके अलावा, हिरासत में लिए गए लोगों की मानसिक स्थिति पर भी ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है और उन्हें सुरक्षित माहौल देने की कोशिश की जा रही है। हाल ही में एक आरोपी की हिरासत में आत्महत्या के बाद यह मुद्दा और गंभीर हो गया था, जिससे इस तरह के सख्त कदम उठाने की जरूरत महसूस हुई। अब पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के तुरंत बाद ही आरोपियों को यह सुरक्षित यूनिफॉर्म दी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।




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