सहमित से बनाए संबंध, कोर्ट ने नाबालिग से रेप के आरोपी को कर दिया बाइज्जत बरी
ठाणे की एक विशेष अदालत ने नाबालिग से रेप के मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि संबंध सहमति से बनाया गया था। आरोपी पर शादी का झांसा देकर रेप करने का आरोप था।

ठाणे की एक अदालत ने रेप के मामले में हैरान करने वाला फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नाबालिग से रेप के आरोपी को बरी कर दिया है। 28 साल के शख्स पर आरोप था कि उसने शादी का झांसा देकर नाबालिग से से रेप किया था। वहीं कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि संबंध सहमित से बनाया गया था। स्पेशल जज एसपी अग्रवाल ने कहा कि आरोपी समशेर राइस खान पर धारा 376 (2) (n) के तहत बार-बार रेप करने का आरोप है। इसके अलावा उसके खिलाफ पॉक्सो के तहत भी केस दर्ज किया गया है।
बचाव पक्ष के मुताबिक खान और पीड़िता पड़ोस में ही रहते थे और लंबे समय से दोनों का प्रेम संबंध था। बचाव पक्ष ने दावा किया कि नवंबर 2019 में खान कोई लालच देकर नाबालिग को एक खाली मकान में ले गया और फिर रेप किया। जनवरी में पीड़िता का मेडिकल टेस्ट करवाया गया तो सारी बातें सामने आईं। जांच में पता चला कि पीड़िता 8 महीने की गर्भवती थी।
कोर्ट ने पाया कि पीड़िता की उम्र के बारे में किए गए दावे और सबूतों में काफी अंतर है। पीड़िता का मां ने जो बर्थ सर्टिफिकेट कोर्ट में पेश किया उसमें भी ओवर राइटिंग की गई थी। मेडिकल टीम ने दावा किया कि पीड़िता की उम्र घटना के वक्त 16 से 17 साल की बेची थी। वहीं सुनवाई के दौरान पीड़िता ने माना था कि वह आरोपी को पसंद करती थी और अपनी इच्छा से ही उससे मिलने गई थी।कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि पीड़िता और आरोपी के बीच प्रेम संबंध था और दोनों के बीच शारीरिक संबंध भी सहमति से बने थे।
नाबालिग से रेप के आरोपी को 20 साल की सजा
पश्चिमी चम्पारण में रेप और पॉक्सो एक्ट के अनन्य विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार गुप्ता ने गुरुवार को नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के एक मामले की सुनवाई पूरी करते हुए युवक सूरज कुमार को बीस वर्ष कठोर कारावास की सजा के साथ 85 हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया है।
विशेष न्यायाधीश ने पीड़िता को बिहार पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत पांच लाख रुपए की सहायता राशि देने का भी आदेश दिया है। इस मामले में सजायाफता सूरज कुमार गोवर्धना थाने के बखरी बाजार का रहने वाला है। विशेष लोक अभियोजक जयशंकर तिवारी ने बताया कि घटना 19 जनवरी वर्ष 2024 की है। एक नाबालिग बच्ची गांव में खेल रही थी। इसी दौरान सूरज कुमार उसे मोटरसाइकिल पर जबरदस्ती बैठ कर जंगल की ओर ले गया और उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। इस संबंध में पीड़ित बच्ची की मां ने गोवर्धना थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसी मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के माध्यम से पूरी करते हुए विशेष न्यायाधीश ने भादवि की धारा 363, 376 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 के तहत दोषी पाते हुए उसे यह सजा सुनाई है।




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