शादी में आई महिला की ओर किए गंदे इशारे, मनचलों को पकड़ने गया युवक गड्ढे में गिरा; दर्दनाक मौत
मुंबई के भांडुप वेस्ट में शादी के दौरान बड़ा हादसा। मनचलों का पीछा कर रहे 25 वर्षीय युवक की 30 फुट गहरे सेप्टिक टैंक में गिरने से मौत, जबकि उसे बचाने गए 10 अन्य लोग घायल। पुलिस ने बिल्डर पर दर्ज की FIR। पढ़ें पूरी खबर।

भांडुप वेस्ट के मातोश्री हॉल में चल रहा एक शादी समारोह गुरुवार रात उस वक्त मातम में बदल गया, जब एक 25 वर्षीय युवक की 30 फुट गहरे सेप्टिक टैंक में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा पास ही स्थित एक निर्माणाधीन एसआरए इमारत में रात करीब 11:30 बजे हुआ। इस पूरी घटना में मृतक को बचाने के प्रयास में 10 अन्य लोग भी घायल हो गए।
घटना की शुरुआत कैसे हुई?
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, डीसीपी (जोन VII) हेमराज राजपूत ने बताया कि शादी में शामिल 21 वर्षीय एक महिला सहित कुछ लोगों का समूह हॉल के बाहर खड़ा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे तीन-चार युवकों ने समूह की तरफ हाथ हिलाया। इस बात को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो गई कि वे युवक महिला की तरफ आपत्तिजनक इशारे कर रहे थे। इस गलतफहमी के कारण दोनों गुटों में झगड़ा हो गया। हॉल के बाहर खड़े लोगों ने इशारे करने वाले युवकों का पीछा करना शुरू कर दिया।
भागदौड़ के बीच, एक युवक पास ही बन रही निर्माणाधीन एसआरए इमारत के अंदर घुस गया। उसका पीछा करते हुए शादी समारोह में शामिल 25 वर्षीय भालचंद्र फल्ले गलती से 30 फुट गहरे सेप्टिक टैंक के गड्ढे में गिर गया और उसकी मौत हो गई।
बचाव अभियान और एक और दुर्घटना
सेप्टिक टैंक का यह गड्ढा लकड़ी और मेटल के तख्तों से ढका हुआ था और इसमें लगभग 5 फुट तक पानी भरा था। जब भालचंद्र गड्ढे में गिरा, तो शादी में आए अन्य लोग और साइट पर मौजूद 3 मजदूर उन्हें बचाने के लिए दौड़े। वे लोग टैंक को ढकने वाले अस्थायी तख्तों पर खड़े हो गए, लेकिन वजन बढ़ने के कारण तख्ते खिसक गए। नतीजतन, बचाव का प्रयास कर रहे लोग भी उस गहरे और गंदे पानी से भरे गड्ढे में जा गिरे।
रेस्क्यू ऑपरेशन
फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले ही मजदूरों और स्थानीय लोगों ने सीढ़ी की मदद से गड्ढे में गिरे लगभग 9 लोगों को बाहर निकाल लिया और उन्हें अस्पताल भेजा। सहायक मंडलीय अग्निशमन अधिकारी डी एम पाटिल, स्टेशन अधिकारी आशीष आधांगले और एम ए जाधव के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर गड्ढे में फंसे एक 43 वर्षीय व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
पानी निकालने की मशक्कत
गड्ढे में गंदा पानी भरा था और जगह बहुत संकरी थी, जिससे बचाव कार्य में काफी मुश्किल हुई। फायर ब्रिगेड और बीएमसी (BMC) वार्ड कार्यालय ने सबमर्सिबल पंप लगाकर शुक्रवार दोपहर 3 बजे तक पूरा पानी बाहर निकाला।
पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर (FIR)
पुलिस ने मृतक के एक रिश्तेदार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। इमारत का निर्माण कर रही कंपनी श्रद्धा डेवलपर्स के खिलाफ लापरवाही के कारण मौत का मामला दर्ज किया गया है। भांडुप पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 (1), 125, 125 (a), 125 (b), और 290 के तहत एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या कंस्ट्रक्शन साइट पर सुरक्षा में कोई लापरवाही बरती गई थी, और क्या मृतक को उस निर्माणाधीन इमारत के अंदर जाना चाहिए था या नहीं।
इस हादसे में कुल 11 लोग प्रभावित हुए। भालचंद्र फल्ले को अस्पताल लाते ही मृत घोषित कर दिया गया। श्रेयस सुर्वे (25) और हरिशंकर करवा (43) का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। अनिकेत कदम (26), जयदीप शाह (21), संकेत जुवाटकर (25), आदित्य अहेर (26), अनिकेत पाटिल (20), अंकित रोहित (19), जयवंत फरसाने (31) और रमन यादव (26) को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दई।




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