दहेज प्रताड़ना, दर्दभरे चैट्स और फरार पति... ट्विशा शर्मा के साथ क्या-क्या हुआ; मौत के बाद कई सवाल
ट्विशा शर्मा केस में उनकी मां के बीच हुई चैट अहम सबूत हैं। इन संदेशों में ट्विशा ने खुद को ससुराल में घुटन और मानसिक प्रताड़ना का शिकार बताया था। ट्विशा का शव 12 मई को फांसी के फंदे से लटका मिला था।

भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के बाद कई सवाल अनसुलझे हैं। नोएडा की ट्विशा का शव 12 मई को फांसी के फंदे से लटका मिला था। पुलिस इस मामले को आत्महत्या मानकर जांच कर रही है, लेकिन ट्विशा के परिवार ने मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, दहेज के लिए दबाव, सबूतों से छेड़छाड़ और प्रभाव का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार ने मामले की सीबीआई जांच और मध्य प्रदेश के बाहर दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
ट्विशा शर्मा की मुलाकात भोपाल के वकील समर्थ सिंह से एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। दोनों ने दिसंबर 2025 में शादी की थी। ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा का आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। उन्होंने कहा कि दहेज की मांग सीधे तौर पर नहीं की गई, लेकिन तानों और उम्मीदों के जरिए दबाव बनाया जाता था।
पिता के आरोप
उन्होंने कहा, “आज के समय में कोई सीधे दहेज नहीं मांगता, लेकिन ऐसा माहौल बना दिया जाता है कि सामने वाला खुद पैसे खर्च करे।” परिवार का आरोप है कि ट्विशा के नौकरी छूटने के बाद प्रताड़ना और बढ़ गई। पिता के मुताबिक उसे ताने दिए जाते थे कि “अब तुम्हें कैसे खिलाएंगे?”
भेड़ की खाल में भेड़िया है समर्थ
नवनीधि शर्मा ने दावा किया कि शादी के शुरुआती दिनों से ही रिश्ते में तनाव शुरू हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि हनीमून के दौरान एयरपोर्ट पर समर्थ सिंह ने हिंसक व्यवहार किया था, जिसके बाद ट्विशा ने अपने भाई से पूछा था कि “क्या मैंने गलत फैसला ले लिया?” उन्होंने समर्थ सिंह को “भेड़ की खाल में भेड़िया” बताते हुए कहा कि शादी से पहले किए गए वादे कभी पूरे नहीं हुए।
मां को भेजे मैसेज में ट्विशा का छलका दर्द
जांच में ट्विशा और उसकी मां के बीच हुई चैट भी अहम सबूत मानी जा रही है। इन संदेशों में ट्विशा ने खुद को ससुराल में घुटन और मानसिक प्रताड़ना का शिकार बताया था। एक मैसेज में उसने लिखा था, “मुझे बहुत ज्यादा घुटन हो रही है मां।” दूसरे मैसेज में उसने कहा, “मेरा जीवन नरक हो गया है मम्मी।” परिवार के अनुसार ट्विशा ने यह भी आरोप लगाया था कि उसका पति उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की पितृत्व पर सवाल उठा रहा था और गर्भपात के लिए दबाव बना रहा था। उसने अपनी मां को लिखा था, “मुझसे पूछ रहा है वो किसका बच्चा था… इसने घटियापन की हर हद पार कर दी है। मैं इसके साथ कैसे रहूं?”
7 मई को ट्विशा ने अपनी मां से भोपाल आकर उसे वापस ले जाने की गुहार लगाई थी। उसने लिखा था, “मां आप मुझे यहां से लेने आ जाओ प्लीज।” मौत से कुछ समय पहले ट्विशा ने इंस्टाग्राम पर अपने एक दोस्त को भी मैसेज भेजा था, “मैं फंस चुकी हूं, बस तू मत फंसना।”
12 मई की रात क्या हुआ?
पुलिस के मुताबिक, 12 मई की रात ट्विशा का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला। पति और सास उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से रात करीब 11 बजे पुलिस को सूचना दी गई। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। CCTV फुटेज में ट्विशा को मौत से कुछ देर पहले छत की ओर जाते हुए देखा गया था। बाद में उसके पति और दो अन्य लोग उसे नीचे लाते दिखाई दिए।
परिवार ने सवाल उठाया है कि अस्पताल ले जाने से पहले पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई। मामले की जांच कर रहे ACP रजनीश कश्यप ने बताया कि पुलिस CCTV फुटेज और घटनाक्रम की जांच कर रही है। उन्होंने यह भी माना कि घटनास्थल से मिले कथित फंदे को पोस्टमार्टम प्रक्रिया में समय पर जमा नहीं कराया गया, जो जांच में एक चूक मानी जा रही है।
समर्थ पर 10 हजार का इनाम
परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने समर्थ सिंह और उसकी मां, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की दहेज मृत्यु और दहेज प्रताड़ना से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय एसआईटी गठित किया गया है, जिसकी अगुवाई एसीपी रजनीश कश्यप कर रहे हैं। पुलिस ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद से वह फरार है और देश छोड़कर भागने से रोकने के लिए पासपोर्ट कार्यालय को भी सूचना भेजी गई है। भोपाल जिला अदालत ने समर्थ सिंह की अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, जबकि गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिल चुकी है।
परिवार ने जांच पर उठाए सवाल
ट्विशा के परिवार ने जांच और पोस्टमार्टम प्रक्रिया में गड़बड़ियों का आरोप लगाया है। परिवार चाहता है कि एम्स दिल्ली में दूसरा पोस्टमार्टम कराया जाए। ट्विशा के पिता ने आरोप लगाया कि आरोपी परिवार अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर मामले को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, “जज परिवार अपना प्रभाव इस्तेमाल कर रहा है। कानून लोगों के रसूख देखकर व्यवहार करता है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि FIR दर्ज कराने में भी परिवार को काफी संघर्ष करना पड़ा।
सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन
ट्विशा के रिश्तेदारों और दोस्तों ने भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की सीबीआई जांच और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। परिवार के करीबी कुणाल चौहान ने कहा, “हमें ट्विशा के लिए न्याय चाहिए। केस सीबीआई को सौंपा जाए। भोपाल में हमें न्याय नहीं मिलेगा।”
आरोपी पक्ष ने क्या दावा?
गिरिबाला सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा मानसिक रूप से अस्थिर थी और उसका मनोरोग संबंधी इलाज चल रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि ट्विशा ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी कराया था, जिसका उसे बाद में पछतावा था। हालांकि एसीपी रजनीश कश्यप ने कहा कि पुलिस को अब तक ड्रग्स सेवन या अन्य दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं।
समर्थ सिंह के वकील इनोश जॉर्ज कार्लो ने कहा कि आरोपी परिवार को न्यायपालिका और पुलिस जांच पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि यदि अदालत आदेश देती है तो उन्हें CBI जांच या दूसरे पोस्टमार्टम से कोई आपत्ति नहीं है।
कौन थीं ट्विशा शर्मा?
ट्विशा शर्मा नोएडा की रहने वाली 33 वर्षीय MBA ग्रेजुएट थीं। उन्होंने मार्केटिंग और कम्युनिकेशन क्षेत्र में काम किया था। वह ब्यूटी पेजेंट्स में भी हिस्सा ले चुकी थीं और मिस पुणे रह चुकी थीं। इसके अलावा उन्होंने तेलुगु फिल्म मुग्गुरु मोनागल्लू में भी काम किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्विशा खुद को सर्टिफाइड योग ट्रेनर और विपश्यना मेडिटेटर बताती थीं। उन्हें अभिनय और फिल्म निर्माण में भी रुचि थी।




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