400 मकानों पर बुलडोजर का डर, उज्जैन में महिलाओं के आंसू और बीजेपी दफ्तर का घेराव
सड़क चौड़ीकरण परियोजना की जद में आ रहे करीब 400 मकानों को लेकर पिपली नाका और भैरवगढ़ इलाके के सैकड़ों रहवासियों ने स्थानीय विधायक का घेराव कर प्रदर्शन किया। इसके बाद बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे भाजपा कार्यालय पहुंच गए और जमकर नारेबाजी करते हुए समाधान की मांग की।

मध्य प्रदेश के उज्जैन में वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ मेले की तैयारियों के तहत चल रहे विकास कार्यों को लेकर गुरुवार को बड़ा विरोध देखने को मिला। सड़क चौड़ीकरण परियोजना की जद में आ रहे करीब 400 मकानों को लेकर पिपली नाका और भैरवगढ़ इलाके के सैकड़ों रहवासियों ने स्थानीय विधायक का घेराव कर प्रदर्शन किया। इसके बाद बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे भाजपा कार्यालय पहुंच गए और जमकर नारेबाजी करते हुए समाधान की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कई महिलाएं अपने घर टूटने के डर से रोती-बिलखती नजर आईं। लोगों ने विधायक से कहा कि उन्होंने वोट देकर उन्हें चुना, लेकिन अब उनके ही घरों को तोड़ने की तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क चौड़ीकरण के कारण कई मकानों का 10 से 20 फीट तक हिस्सा प्रभावित हो रहा है। इससे कई परिवारों की छत और रोजी-रोटी दोनों पर संकट खड़ा हो गया है।
दरअसल, उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए शहर में कई विकास कार्य चल रहे हैं। इनमें सड़क चौड़ीकरण, रोपवे और पुल निर्माण जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इसी कड़ी में पिपली नाका से भैरवगढ़ तक सड़क चौड़ीकरण के लिए नगर निगम की टीम ने कई मकानों पर निशान लगा दिए हैं। इसके विरोध में सैकड़ों लोग क्षेत्रीय विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के आगर रोड स्थित कार्यालय पहुंचे और घेराव कर विरोध जताया।
विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने प्रदर्शनकारियों की बात सुनने के बाद कलेक्टर रौशन सिंह से फोन पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को कलेक्टर से मिलवाया जाएगा और समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी।
विरोध यहीं नहीं रुका। इसके बाद रहवासी भाजपा कार्यालय पहुंच गए और सड़क पर बैठकर धरना देने लगे। इस दौरान लोगों ने छह लेन सड़क की जगह चार लेन बनाने की मांग की। उनका कहना था कि पहले से ही सड़क काफी चौड़ी है और यदि चौड़ाई कम की जाए तो कई मकानों को टूटने से बचाया जा सकता है। करीब एक घंटे तक कार्यालय के बाहर हंगामे की स्थिति बनी रही।
उधर, नगर निगम ने मंगलवार को पिपली नाका से गढ़कालिका मंदिर, ओखलेश्वर श्मशान और भैरवगढ़ जेल चौराहा तक के भवन मालिकों को नोटिस जारी किए थे। नोटिस में प्रभावित हिस्सों को सात दिन के भीतर खाली करने को कहा गया है।
निगम के एक अधिकारी के अनुसार पहले सड़क को 150 फीट चौड़ा करने का प्रस्ताव था, जिसे बाद में घटाकर 100 फीट कर दिया गया। वहीं स्थानीय लोग इसे 80 फीट तक सीमित रखने की मांग कर रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक मकानों को टूटने से बचाया जा सके। प्रदर्शन के दौरान कई महिलाओं ने रुंधे गले से कहा कि मजदूरी कर परिवार चलाती हैं और अब उनके सिर से छत छिनने का खतरा खड़ा हो गया है।




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