ट्विशा शर्मा केस: ना पुलिस, ना मौके पर जांच; अहम सबूत भी गायब! भोपाल कांड में खड़े हुए ये 3 बड़े सवाल
ट्विशा का शव भोपाल के कटरा हिल्स स्थित उसे ससुराल में फंदे से लटका मिला था। बताया जा रहा है कि ट्विशा को उस हालत में देखने के बाद उसकी सास रिटायर्ड जज गिरिबला सिंह और पति समर्थ उसे अस्पताल लेकर पहुंचे थे।

ट्विशा शर्मा की मौत का रहस्य गहराता जा रहा है। मामले में लगातार हो रहे खुलासे कई सवाल खड़े कर रहे हैं। ट्विशा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भोपाल पुलिस की एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है। भोपाल एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, जिस बेल्ट से ट्विशा के फांसी लगाने की बात कही जा रही है, पुलिस ऑटोप्सी के समय उसे डॉक्टरों के पास लेकर ही नहीं गई। इसी के चलते डॉक्टर इस बात का पता ही नहीं लगा पाए कि ट्विशा के गले पर मौजूद निशान उसी बेल्ट का है या नहीं। इस लापरवाही ने सबूतों से छेड़छाड़ को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जांच कर रही एसआईटी के प्रमुख और मिसरोद के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) रजनीश कश्यप ने जांच अधिकारी की इस बड़ी लापरवाही को स्वीकार किया है और कहा है कि बाद में इस बेल्ट को फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को सौंपकर एम्स भोपाल में जमा करा दिया गया था।
ट्विशा का शव भोपाल के कटरा हिल्स स्थित उसे ससुराल में फंदे से लटका मिला था। बताया जा रहा है कि ट्विशा को उस हालत में देखने के बाद उसकी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ उसे अस्पताल लेकर पहुंचे थे। हालांकि डॉक्टर ने ट्विशा को मृत घोषित कर दिया। इस बीच एक बड़ा सवाल ये भी उठ रहा है कि पुलिस को मौके पर बुलाए बिना ही ट्विशा के शव को अस्पताल क्यों ले जाया गया। इसके चलते मौके पर जांच भी नहीं हो सकी। इस पर एसीपी कश्यप ने बताया कि यह उनकी चल रही जांच का एक बेहद अहम बिंदु है। पुलिस मृतका के घर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और इस बात की गहराई से जांच की जा रही है कि किन परिस्थितियों में शव को अस्पताल पहुंचाया गया।
सास के आरोपों से उलझी गुत्थी
ट्विशा के माता-पिता ससुराल वालों पर ट्विशा की हत्या का आरोप लगा रहे हैं। उनका दावा है कि दहेज के चलते उसकी सास और पति ने उसे मार डाला। उन्होंने ये भी आरोप लगाया है कि रिटायर्ड जज अपने पद का इस्तेमाल करते हुए जांच कमजोर कर रही हैं। हालांकि कि अब सास ने भी ट्विशा और उसके माता-पिता पर गंभीर आरोप लगाए हैं जिससे इस मामले की गुत्थी और उलझ गई है। गिरिबाला सिंह का दावा है कि उनकी बहू ट्विशा को नशे की लत थी और उसके प्रेग्नेंसी के दौरान भी भारी मात्रा में नशा किया था। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि ट्विशा ने खुद डॉक्टर के सामने इस बात को कबूल किया था और इसी के चलते वह प्रेग्नेंसी टर्मिनेट करवाना चाहती थी। उन्होंने ये भी दावा किया कि बाद में ट्विशा को अपनी गलती का अहसास हुआ था और वह चाहती थी कि ऐसा ना हो। लेकिन मुझे पता था कि अब वापस नहीं लौट सकते। इसी के साथ उन्होंने ये भी दावा किया है कि ट्विशा मानसिक रूप बीमार थी। हाालंकि पुलिस का कहना है कि अब तक ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं जो इन दावों की पुष्टि करें।
दहेज के आरोपों पर क्या बोलीं रिटायर्ड जज
ट्विशा के परिवारवालों के दहेज के आरोपों के जवाब में गिरिबाला सिंह ने कुछ ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की पर्चियां भी पेश की और दावा किया कि वह ट्विशा को उसकी जरूरत की चीजों के लिए लगातार पैसे भेजती थीं। इन ट्रांसजेक्शन में 5 हजार से 50 हजार तक का लेनदेन शामिल है। इसी के साथ उन्होंने ये भी आरोप लगाया है कि पिछले पांच महीनों में एक बार भी ट्विशा के मां बाप उसे देखने या मिलने नहीं आए और आज जब वह इस दुनिया में नहीं है तो वे उसका अंतिम संस्कार भी नहीं होने दे रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि उसके परिजन ने बहुत कम उम्र में ही उसे ग्लैमर की दुनिया में धकेल दिया और शायद इसलिए वह मानसिक दबाव में रहती थी। गिरिबाला सिंह ने जिला अदालत में अपने बेटे के लिए दायर जमानत याचिका में आरोप लगाया गया है कि ट्विशा नशे की आदी थी और जब वह जब नशा नहीं कर पाती थी तो वह चिड़चिड़ी हो जाती थी और उसके हाथ पांव कांपने लगते थे। उन्होंने कहा कि ट्विशा की मौत उनके लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं है क्योंकि वह उनके परिवार का हिस्सा थी।
ट्विशा की चैट्स ने खोले कई राज
सोशल मीडिया पर ट्विशा की अपनी मां के साथ चैट्स के स्क्रीनशॉट भी सामने आए हैं। इनमें वह लगातार अपनी मां से उसे वापस ले जाने की गुहार लगाती नजर आ रही है। इसमें वह कहती है कि उसकी जिंदगी नर्क बन गई है और वह उसे यहां से लेकर जाएं। एक चैट में वह ये भी कहती है कि पति समर्थ उस पर शक कर रहा है और कह रहा है कि किसका बच्चा था जो अबॉर्ट कराया। उसने ये भी कहा कि वह ट्विशा के पापा से नाक रगड़ कर माफी मंगवाना चाहता है। इस बीच समर्थ अभी भी फरार बताया जा रहा है। उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज हो गई है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस ने उस पर इनाम की भी घोषणा की है।
रिश्तेदारों के मुताबिक, मौत वाले दिन रात करीब 10 बजे तक ट्विशा उनके संपर्क में थी, जिसके बाद 12 मई को उसका शव फंदे से लटका मिला।
ट्विशा की मौत मामले पर अब तक क्या अपडेट
ट्विशा का शव अभी भी भोपाल में स्थित एम्स के शवगृह में रखा है। उसके परिवार वाले दिल्ली के एम्स में फिर से पोस्टमार्टम किए जाने की मांग कर रहे हैं। समर्थ के लिए दायर अग्रिम जमानत याचिका में यह दावा भी किया गया है कि गर्भवती होने के बाद उसके ससुराल वालों के प्रति उसका रवैया बदल गया। इसमें यह भी कहा गया कि घटना के दिन उसका पति उसे ब्यूटी पार्लर ले गया था। याचिका में ट्विशा के गर्भपात का भी दावा किया गया है। समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत के लिए दायर इस याचिका की कॉपी सोशल मीडिया वायरल हो गई है।
ट्विशा की चचेरी बहन मीनाक्षी ने दावा किया कि ससुराल वालों की प्रताड़ना और मानसिक यातना के कारण उसका वजन 15 किलोग्राम कम हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह उत्पीड़न तब चरम पर पहुंच गया जब ट्विशा की नौकरी चली गई और गर्भवती हो गई। उन्होंने कहा कि उसके पति ने बच्चे को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।
इस बीच अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी ट्विशा की मौत के बाद दहेज उत्पीड़न, शारीरिक हमले और सबूत नष्ट करने की कोशिशों से जुड़े आरोपों की जांच करेगी। रविवार को ट्विशा शर्मा के परिवार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास के बाहर प्रदर्शन किया और दिल्ली में स्थित एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की।




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