वो जब भी मायके जाती थी उसका व्यवहार बदल जाता था; MP हाई कोर्ट पहुंचा ट्विशा शर्मा की मौत का मामला
हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाते हुए समर्थ सिंह के वकील ने दावा किया कि परिवार में ट्विशा, उनके पति और सास साथ रहते थे तथा उनके अच्छे संबंध थे। उन्होंने कहा कि नई शादी होने और अलग-अलग पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण सामान्य वैवाहिक नोकझोंक होती रहती थी।

नोएडा की रहने वाली पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की भोपाल स्थित ससुराल में हुई मौत का मामला इन दिनों लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। अब इस मामले को लेकर दोनों ही पक्ष मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में पहुंच गए हैं। इस दौरान जहां ट्विशा के पति व अधिवक्ता समर्थ सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है, जबकि मृतका के परिवार ने समर्थ की मां गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को चुनौती देने का फैसला किया है। गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार समर्थ सिंह की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होने की संभावना है, जबकि ट्विशा के परिवार की याचिका पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है। आरोपी पक्ष का कहना है कि शादी के बाद ट्विशा पांच बार मायके गई थी और हर बार लौटने पर उनका व्यवहार बदल जाता था।
इस बारे में जानकारी देते हुए ट्विशा के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने बताया कि वे गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत का विरोध करेंगे। क्योंकि गिरिबाला को जमानत देने के दौरान निचली अदालत ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए), 2023 की धारा 118 के तहत दहेज हत्या से जुड़े मामलों में लागू होने वाले प्रावधानों और साक्ष्यों की अनदेखी की है।
'निचली अदालत ने की महत्वपूर्ण प्रावधान की अनदेखी'
उन्होंने बताया कि इस प्रावधान के अनुसार, यदि किसी महिला की मृत्यु शादी होने के सात साल के भीतर अप्राकृतिक परिस्थितियों में होती है, साथ ही यह साबित हो जाता है कि मृत्यु से ठीक पहले उसे दहेज को लेकर पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा प्रताड़ित किया गया था, तो अदालत यह मान सकती है कि आरोपी उसकी दहेज हत्या का जिम्मेदार है।
खारिज हो गई थी समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत
इससे पहले भोपाल की एक अदालत ने ट्विशा की सास और उसकी मौत मामले की आरोपी गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी, जबकि समर्थ सिंह की याचिका को खारिज कर दिया था। इस बीच, समर्थ सिंह की ओर से हाईकोर्ट में दायर अग्रिम जमानत याचिका में कहा गया है कि उनका परिवार जांच एजेंसियों के साथ लगातार सहयोग कर रहा है, इसलिए हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत नहीं है।
‘ट्विशा के परिवार की कहानी कल्पना पर आधारित’
अपने भाई सिद्धार्थ सिंह के माध्यम से एकल पीठ के समक्ष दायर विविध आपराधिक याचिका (MCRC) में आरोपी समर्थ ने दावा किया कि अभियोजन पक्ष की पूरी कहानी कल्पना और अनुमानों पर आधारित है तथा मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण सामग्री पहले ही जब्त की जा चुकी है। अपने आवेदन में समर्थ सिंह ने दावा किया है कि शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत वॉट्सऐप चैट छेड़छाड़ की हुई और अधूरी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चैट के साथ छेड़छाड़ की गई है और उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता। समर्थ ने ट्विशा को भेजी गई रकम से संबंधित कुछ स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं और दहेज प्रताड़ना के आरोपों को निराधार बताया।
सहानुभूति की खातिर रची गई काल्पनिक कहानी
उधर समर्थ के वकील ने महिला के परिजनों पर सहानुभूति बटोरने के लिए नई कहानी गढ़ने का आरोप लगाया। समर्थ के अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने इस बारे में 'पीटीआई-वीडियो' से बातचीत में आरोप लगाया कि घटना के बाद सहानुभूति हासिल करने के लिए मृतका के परिजनों की ओर से नई कहानी गढ़ी जा रही है, जिसमें कोई सच्चाई नहीं है।
ससुराल पक्ष का दावा- मायके से लौटने पर बदल जाता था व्यवहार
मृगेंद्र ने दावा किया कि परिवार में ट्विशा, उनके पति और सास साथ रहते थे तथा उनके संबंध अच्छे थे। उन्होंने कहा कि नई शादी होने और अलग-अलग पारिवारिक पृष्ठभूमि के कारण सामान्य वैवाहिक नोकझोंक होती रहती थी। मृगेंद्र सिंह ने आरोपी पक्ष के दावों का हवाला देते हुए कहा कि शादी के बाद ट्विशा पांच बार मायके गई थीं और हर बार लौटने पर उनका व्यवहार बदल जाता था। उन्होंने कहा कि मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने के लिए भी अदालत में आवेदन दिया गया है। बता दें कि ट्विशा और समर्थ सिंह की शादी दिसंबर 2025 में हुई थी।
बता दें कि ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। जिसके बाद ट्विशा (33) के परिवार ने उसके ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। जबकि सिंह परिवार ने दावा किया कि ट्विशा नशीले पदार्थों की आदी थीं।
इस मामले में पुलिस ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए नकद इनाम की घोषणा की है। साथ ही, उसका पासपोर्ट निरस्त कराने के लिए अदालत का रुख भी किया गया है।




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