ट्विशा का दूसरा पोस्टमॉर्टम दिल्ली AIIMS में क्यों कराना चाहते थे परिजन, पहले वाले से क्या आपत्ति?
परिजनों ने दिल्ली AIIMS में दूसरा पोस्टमॉर्म कराने की मांग की थी। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है- आखिर परिजनों ने ऐसी मांग क्यों की? उन्हें किस बात का डर था कि उन्होंने भोपाल AIIMS में हुए पहले पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर पूरी तरह भरोसा न करते हुए दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की अर्जी लगाई।

Twisha Sharma Second Postmortem: ट्विशा शर्मा का दूसरा पोस्टमॉर्टम नहीं होगा। भोपाल की अदालत ने परिवार की इस मांग को खारिज कर दिया है। परिजनों ने दिल्ली AIIMS में दूसरा पोस्टमॉर्म कराने की मांग की थी। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है- आखिर परिजनों ने ऐसी मांग क्यों की? उन्हें किस बात का डर था कि उन्होंने भोपाल AIIMS में हुए पहले पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर पूरी तरह भरोसा न करते हुए दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की अर्जी लगाई। हालांकि, कोर्ट ने एक अन्य मांग को मांगते हुए राहत दी है। जानिए दूसरे पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की इनसाइड स्टोरी।
13 मई को हुआ था ट्विशा का पोस्टमॉर्टम
ट्विशा की मौत 12 मई को हुई थी। वह उस रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में मृत पाईं गई थीं। इसके बाद 13 मई को उनका भोपाल AIIMS में पोस्टमॉर्टम हुआ था। तब से उनका शव वहां के मुर्दाघर में रखा हुआ है। ट्विशा के माता-पिता ने उसके पति वकील समर्थ सिंह और उसकी सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया और तब से जांच और छानबीन जारी है।
पहले पोस्टमॉर्टम से परिवार को क्या आपत्ति
ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह रसूखदार शख्स हैं। वह सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा के वकील अंकुर पांडे ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि पीड़िता के परिवार ने जांच में खामियों की ओर इशारा किया है। अदालत को सूचित किया है कि FIR मौत के तीन दिन बाद दर्ज की गई। अर्जी में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर भी शंका जाहिर की गई है। पिता की तरफ से पेश वकील ने बताया- जांचकर्ताओं ने पोस्टमॉर्टम के दौरान कथित फंदे के लिए इस्तेमाल वस्तु उपलब्ध नहीं कराई।
दूसरे पोस्टमॉर्ट को दिल्ली AIIMS में क्यों…
इस आधार पर परिवार ने अदालत में दिल्ली AIIMS में दूसरी बार पोस्टमॉर्टम कराने का अनुरोध किया गया था। अर्जी में कहा गया- ट्विशा के माता-पिता को आशंका है कि उसकी सास गिरिबाला सिंह की बहन भोपाल में सर्जन हैं। इसलिए अगर शहर के किसी अस्पताल में शव का पोस्टमॉर्टम हुआ, तो वह रिपोर्ट को प्रभावित कर सकती हैं। वकील अंकुर पांडे ने दावा किया कि जब ट्विशा का पहली पोस्टमॉर्टम हुआ, तो सर्जन को एम्स भोपाल के पास देखा गया था। इस आधार पर परिजन दूसरे पोस्टमॉर्टम को भोपाल के बजाय दिल्ली AIIMS में कराना चाहते थे।
कोर्ट ने परिजनों की एक बात मानी, दी ये राहत
हमने शुरू में आपको बताया- कोर्ट ने एक अन्य मांग को मांगते हुए राहत दी है। दरअसल, ट्विशा के माता-पिता की तरफ से दो अर्जी लगाई गईं थीं। पहली- दूसरा पोस्टमॉर्टम कराना है। दूसरी- शव को सुरक्षित रखवाया जाए। दरअसल भोपाल AIIMS के मुर्दाघर में -80 डिग्री तापमान में शव को रखने की सुविधा नहीं है। इसके चलते शव खराब होने लगा है, क्योंकि वहां अभी -4 डिग्री तापमान में शव रखा हुआ है। इस अर्जी को स्वीकारते हुए कोर्ट ने पुलिस को तत्काल आदेश दिया। अदालत ने कहा- मध्य प्रदेश में जहां भी शव को सुरक्षित रखने के साधन हों, उसकी तुरंत लिखित में सूचना प्रदान की जाए और शव को सुरक्षित रखवाया जाए।




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