ट्विशा शर्मा केस: CBI की पूछताछ से बेचैन हो उठीं गिरिबाला सिंह, कई सवालों पर रहीं चुप
गिरिबाला सिंह से भी ट्विशा और समर्थ के रिश्ते से लेकर उसकी प्रेग्नेंसी और ट्विशा के डिप्रेशन तक, कई सवाल पूछे गए। बताया जा रहा है कि इस दौरान गिरिबाला सिंह थोड़ी बेचैन नजर आई और कई सवालों पर चुप्पी साधे रखी।

ट्विशा शर्मा हत्याकांड मामले में सीबीआई की रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह से पूछताछ जारी है। दोनों पांच दिनों की पुलिस हिरासत में है। ऐसे में सीबीआई दोनों से पूछताछ कर इस बाता का पता लगाने में जुटी है कि शादी के पांच महीनों में ट्विशा के साथ क्या-क्या हुआ और 12 मई को उसकी मौत कैसे हुई। गिरिबाला सिंह से भी ट्विशा और समर्थ के रिश्ते से लेकर उसकी प्रेग्नेंसी और ट्विशा के डिप्रेशन तक, कई सवाल पूछे गए। बताया जा रहा है कि इस दौरान गिरिबाला सिंह थोड़ी बेचैन नजर आई और कई सवालों पर चुप्पी साधे रखी।
ट्विशा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने आवास में फंसे से लटकी पाई गई। बाद में गिरिबाला सिंह और समर्थ उसे अस्पताल लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ट्विशा के परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। वहीं उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी शरार पर कई चोट होने की बात भी सामने आई है। हालांकि गिरिबाला सिंह ने दावा किया था कि ट्विशा को नशे की लत थी और दिमागी तौर पर भी पर भी वह बीमार थी।
अंतरिम जमानत खारिज होने के बाद सीबीआई ने किया था गिरफ्तार
इन सब के बीच मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अंतरिम जमानत खारिज कर दी थी। इसके बाद सीबीआई उनके गर पहुंची और कई घंटों की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें 5 दिन की सीबीआई की हिरासत में भेज दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के दौरान पूछताछ के दौरान सीबीआई मे एफआईआर में मौजूद कई आरोपों पर गिरिबाला सिंह से सफाई मांगी। कई सवालों पर वह बैचेन हो उठीं, जबकि कई पर चुप्पी साधे रखी।
इससे पहले सेशन कोर्ट ने 15 मई को पूर्व जिला न्यायाधीश को अग्रिम जमानत दे दी थी। हालांकि, मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत बुधवार को रद्द कर दी थी। मामले में राज्य सरकार की ओर से दलील रखते हुए वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा और ट्विशा के परिजनों के वकील श्रीवास्तव ने अदालत से कहा कि आरोपी गिरिबाला सिंह एक रिटायर्ड न्यायिक अधिकारी हैं और उन्होंने साइबर अपराधों, साइबर फॉरेंसिक और डिजिटल सिग्नेचर तकनीक के साथ ही क्राइम सीन के प्रबंधन पर क्राइम सीन के प्रबंधन पर भी अच्छी समझ है। उन्होंने कहा कि ऐसे में गिरिबाला सिंह के क्राइम सीन से छेड़छाड़ करने की आशंका भी है।
वकीलों ने दलील दी कि भोपाल जिला अदालत ने गिरिबाला को 24 घंटे में जमानत दे दी थी जबकि मामला शुरुआती चरण में था और महत्वपूर्ण बयान ही दर्ज नहीं हुए थे। उन्होंने कहा कि ट्विशा के व्हाट्सऐप चैट और केस डायरी में प्रताड़ना का साफ जिक्र है लेकिन इन्हें भी नजरंदाज किया गया।सीबीआई ने सोमवार को ट्विशा शर्मा की मौत मामले की जांच अपने हाथों में ले ली थी। सीबीआई ने मामले को हाथ में लेने के बाद फिर से एफआईआर दर्ज की है, जिसमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी के रूप में नामजद किया गया है।




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