अच्छा किया; ट्विशा शर्मा केस में क्यों सुप्रीम कोर्ट ने की MP सरकार की तारीफ
मध्य प्रदेश सरकार ने ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। त्वरित ऐक्शन के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की सराहना भी की।

मध्य प्रदेश के भोपाल में शादी के कुछ महीनों के भीतर ही संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाली ट्विशा शर्मा की मौत का राज अब केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को खोलना है। इस बीच सोमवार को जब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई तो सर्वोच्च अदालत ने भरोसा जताया कि सीबीआई निष्पक्ष तरीके से इस केस को सुलझाएगी। सर्वोच्च अदालत में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की अगुआई वाली बेंच ने मध्य प्रदेश सरकार की तारीफ भी की।
सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने मध्य प्रदेश सरकार की सराहना करते हुए कहा कि इसने केस को सीबीआई के हवाले करने में देरी नहीं की। बेंच ने कहा, 'हमें इस बात में संदेह नहीं है कि सीबीआई निष्पक्ष जांच करेगी। जैसे ही संस्थागत पक्षपात का नैरेटिव बनाया गया, राज्य सरकार ने जांच को सीबीआई को सौंपने का सही कदम उठाया।' अदालत को बताया गया कि राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है। सोमवार को ही केंद्रीय एजेंसी ने मुकदमा भी दर्ज कर लिया।
अदालत ने और क्या कहा?
देश की सबसे बड़ी अदालत ने सुनवाई करते हुए कहा कि वह सुनिश्चित करेगी कि इस मामले की जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और पूर्वाग्रह रहित हो। पीठ ने कहा, 'हम पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ-साथ आरोपियों के परिवार के सदस्यों से भी कहना चाहेंगे कि वे सार्वजनिक रूप से या मीडिया मंचों पर बयान देने के बजाय जांच एजेंसी के समक्ष अपनी बात दर्ज कराएं, ताकि जारी जांच पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े और कोई पूर्वाग्रह नहीं हो।' साथ ही मीडिया को भी दोनों पक्षों से अभी बात ना करने की सलाह दी।
12 मई की रात हुई ट्विशा शर्मा की मौत
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ को बताया कि वह संबंधित अधिकारियों से कहेंगे कि सीबीआई बिना किसी देरी जांच शुरू करे। 33 साल की ऐक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की 12 मई की रात उसके ससुराल में मौत हो गई थी। नोएडा की रहने वाली ट्विशा ने पूर्व जज गिरिबाला के वकील बेटे समर्थ से लव मैरिज की थी। दोनों की मुलाकात एक डेटिंग ऐप पर हुई थी। ट्विशा के मायकेवालों का आरोप है कि उसे दहेज और अन्य वजहों से प्रताड़ित किया जा रहा था।
समर्थ से हुई पूछताछ
सीबीआई ने ट्विशा के पति और सास के खिलाफ केस दर्ज किया है। ट्विशा का पति समर्थ घटना के बाद से ही फरार था और अदालत से अग्रिम जमानत की याचिका खारिज होने के बाद उसने पुलिस के सामने सरेंडर किया। सीबीआई ने समर्थ से तीन घंटे तक पूछताछ की है। जल्द ही ट्विशा की सास से भी केंद्रीय जांच एजेंसी पूछताछ कर सकती है। समर्थ सिंह का परिवार अदालती और कानूनी कामकाज से जुड़ा हुआ है।




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