ट्विशा ने खुद जान दी या फिर उसे मारा गया, इन 7 सवालों में छिपा है राज
32 साल की ऐक्टर-मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत का राज गहरा चुका है। सीबीआई की जांच शुरू होने से पहले तक कई सवाल अब भी कायम हैं, जिनके जवाब नहीं मिले हैं।

नोएडा की ट्विशा शर्मा के साथ भोपाल में क्या हुआ? क्यों और किन हालातों में उसकी जान गई? एक तरफ जहां मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है तो दूसरी तरफ सीबीआई अब जांच की शुरुआत करने जा रही है। 32 साल की ऐक्टर-मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत का राज गहरा चुका है। एक रिटायर्ड जज की बहू और वकील की पत्नी ट्विशा की मौत का सही कारण पता लगाने के लिए दूसरी बार पोस्टमॉर्टम करके उसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन अब भी कई सवाल कायम हैं, जिनका जवाब सीबीआई को तलाशना है।
फंदे को लेकर क्या सवाल
ट्विशा की मौत के बाद परिवार की ओर से उठाए गए सबसे पहले सवालों में से एक उस नायलोन एक्सरसाइज बेल्ट को लेकर था, जिससे कथित तौर पर उसने फांसी लगाई। कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि इसे पहले पोस्टमॉर्टम परीक्षण के दौरान नहीं प्रस्तुत किया गया था और एक दिन बाद ही सामने आया था। इससे उन आरोपों को बल मिला कि सबूतों को ठीक से संभाला नहीं गया। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने बाद में एम्स दिल्ली की टीम को दोबारा पोस्टमॉर्टम करने को कहा।
2. क्या सीसीटीवी फुटेज को ठीक से संरक्षित किया गया?
इस केस में डिजिटल सबूतों को लेकर भी काफी विवाद है। ट्विशा के परिवार का आरोप है कि क्राइम सीन दो दिन तक आरोपियों के नियंत्रण में रहा। उसके बाद ही जांचकर्ताओं ने सबूत संरक्षित किए। उन्होंने सवाल उठाए कि यदि पुलिस ने डीवीआर सिस्टम को पहले ही जब्त कर लिया था तो कैसे कथित सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक हुए?
विवाद को और तूल इस बात से मिला कि ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने मजिस्ट्रेट कोर्ट में दावा किया कि सीसीटीवी सिस्टम में टेक्निकल दिक्कत थी और इसमें गलत टाइम दिखाता था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रिकॉर्डिंग की कॉपी लेते समय पुलिस ने आवश्यक जब्ती प्रक्रिया को नहीं अपनाया। रिपोर्ट्स से संकेत मिलता है कि जहां ट्विशा मृत पाई गई वहां 8 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। ट्विशा को मृत घषित किए जाने से ठीक पहले के कुछ मिनटों का घटनाक्रम जांच का मुख्य विषय है।
3. एफआईर दर्ज होने में देरी क्यों?
एफआईआर की टाइमिंग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ट्विशा की मौत 12 मई को हुई थी लेकिन उसके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ एफआईआर तब दर्ज हुई जब उसके परिवार ने लगातार आरोप लगाए। परिवार का आरोप है कि ऐक्शन में हुई देरी ने सबूतों और प्रभावशाली लोगों को जांच प्रभावित करने का मौका दिया। हालांकि, पुलिस का कहना है कि प्रोटोकॉल के तहत प्रक्रिया का पालन किया गया।
4. वॉट्सऐप चैट और ऑडियो क्लिप की भूमिका?
वॉट्सऐप पर हुई बातचीत, लीक ऑडियो रिकॉर्डिंग और कॉल डिटेल रिकॉर्ड केस में कई सवाल खड़े करते हैं। ट्विशा के परिवार ने चैट्स दिखाकर यह आरोप लगाया कि उसकी शादीशुदा जिदंगी में तनाव था। वहीं, ट्विशा की शास गिरिबाला का एक ऑडियो भी सामने आया जिसमें उन्होंने बहू के चरित्र पर सवाल उठाए। इस बीच अदालत में समर्थ ने दावा किया कि वायरल किए जा रहे चैट अधूरे हैं और एडिट किए गए हैं। परिवार ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड को संरक्षित करने की मांग की है। उनका आरोप है कि ट्विशा की मौत के बाद प्रभावशाली लोगों को फोन किया गया था जो जांच को प्रभावित कर सकते हैं।
5. यदि ट्विशा का फ्यूचर प्लान था तो क्या बदला?
जांचकर्ता यह भी पता लगा रहे हैं कि मौत से पहले ट्विशा की गतिविधियां क्या आत्महत्या की थ्योरी से मेल खाती है। अधिकारियों ने एचटी को बताया कि वह 15 मई को भाई मेजर हर्षित शर्मा के पास जाने का प्लान बना रही थी। उसके परिवार ने बार बार दलील दी है कि ट्रैवल प्लान, चोट के निशान और उसकी हालिया बातचीत मौत से पहले की परिस्थितियों को लेकर संदेह उत्पन्न करते हैं।
6. घटना के बाद समर्थ गायब क्यों हुआ?
एक और अनसुलझा सवाल यह है कि ट्विशा की मौत के बाद समर्थ क्यों गायब रहा। पुलिस को उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस निकालना पड़ा और नकद इनाम की घोषणा भी की गई। जांचकर्ता अब उससे पूछताछ करके पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं 12 मई की रात क्या-क्या हुआ।
7. क्या प्रभावशाली लोगों ने जांच पर असर डाला?
एक सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या रिटायर्ड जज के रूप में गिरिबाला के रिटायर्ड जज हने की वजह से जांच प्रभावित हुआ? इन्हीं सवालों की की वजह से राज्य सरकार को इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश करनी पड़ी।




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