ट्विशा शर्मा के शरीर पर मिले हाथापाई व चोट के निशान, सास व पति करते थे क्रूरता; HC में सरकार का बड़ा दावा
इसके साथ ही राज्य सरकार ने मृतका की सास गिरिबाला सिंह पर पुलिस जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप भी लगाया। सरकार ने कहा कि 13 और 14 मई को नोटिस दिए जाने के बावजूद उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया।

मध्य प्रदेश सरकार का कहना है कि पोस्टमार्टम के दौरान एक्टर व मॉडल ट्विशा शर्मा के शरीर पर मिले जख्म के निशान उनकी मौत से पहले के थे और पहले हुई किसी हाथापाई या संघर्ष के दौरान लगे हो सकते हैं। साथ ही सरकार ने मृतका की सास गिरिबाला सिंह व पति समर्थ सिंह पर भी यह आरोप भी लगाया कि उन्होंने ट्विशा के साथ क्रूरता की थी। राज्य सरकार ने यह आरोप बुधवार को ट्विशा शर्मा की मौत मामले में उनकी सास गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द करने से जुड़ी याचिकाओं पर बुधवार को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान लगाए। इसके साथ ही राज्य सरकार ने गिरिबाला सिंह पर जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप भी लगाया। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने हाईकोर्ट को बताया कि उसे आरोपी सास गिरिबाला सिंह से हिरासत में पूछताछ की जरूरत है, ऐसे में उनकी जमानत रद्द होनी चाहिए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हाई कोर्ट में हुई बहस के दौरान राज्य सरकार के वकील ने ट्विशा की कलाई, कोहनी और सिर पर लगी चोटों का जिक्र किया और बताया कि ट्विशा शर्मा को कथित तौर पर दहेज को लेकर ताने मारे जाते थे और उनसे कहा जाता था कि उनके परिवार ने शादी में जो रकम खर्च की थी, वह काफी नहीं थी।
'मौत से पहले के हैं ट्विशा के शरीर पर मिले निशान'
जब कोर्ट ने पूछा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर जिन चोटों का जिक्र किया गया है, क्या वो उसकी मौत से पहले की थीं, तो राज्य सरकार ने बताया कि हां ये चोटें मौत से पहले की थीं, साथ ही कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ऐसी चोटों का जिक्र है।
'किसी हाथापाई या संघर्ष के दौरान ही लगी थीं चोटें'
साथ ही इन चोटों के मौत के बाद फंदे से शव उतारते समय लगने के अनुमान को भी रिपोर्ट में खारिज कर दिया गया। सरकार ने बताया कि ये चोटें उस समय नहीं लगी थीं, जब मौत के बाद ट्विशा के शव को नीचे उतारा जा रहा था। राज्य सरकार ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के नतीजों से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि ये चोटें ट्विशा की मौत से पहले हुई किसी हाथापाई या संघर्ष के दौरान लगी हो सकती हैं।
मां और बेटे दोनों ही करते थे ट्विशा से क्रूरता
जांच के दौरान जांची गई चैट का हवाला देते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने यह भी आरोप लगाया कि गिरिबाला सिंह और उनके बेटे, दोनों ने ही ट्विशा के साथ क्रूरता की थी। राज्य सरकार ने कहा कि ट्विशा की प्रेग्नेंसी की वजह से परिवार के भीतर झगड़े शुरू हो गए थे और उनके खिलाफ बार-बार बेहद गंभीर व अपमानजनक टिप्पणियां की जाती थीं। जब कोर्ट ने पूछा कि क्या ये आरोप पति के खिलाफ हैं, सास के खिलाफ हैं, या दोनों के खिलाफ हैं, तो राज्य सरकार ने जवाब दिया कि दोनों ने ही उसके साथ क्रूरता की थी।
इसके साथ ही राज्य सरकार ने मृतका की सास गिरिबाला सिंह पर पुलिस जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप भी लगाया। सरकार ने कहा कि 13 और 14 मई को नोटिस दिए जाने के बावजूद उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया। सरकार ने कोर्ट को बताया कि जब पुलिस उनके घर गई, तो वह वहां मौजूद नहीं थीं। सरकार ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ वह समय नहीं होने की बात कहकर जांच में शामिल नहीं हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके पास अपने पक्ष में एक कहानी को गढ़ने के लिए पूरा समय है।




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