कांग्रेस को झटका, MP राज्यसभा चुनाव में पार्टी की इकलौती उम्मीदवार का नामांकन रद्द; क्या वजह?
Meenakshi Natarajan nomination cancelled: मध्य प्रदेश से कांग्रेस की इकलौती उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर ने रद्द कर दिया है। इसके साथ ही कांग्रेस एमपी में राज्यसभा रेस से बाहर हो गई है। नामांकन रद्द होने की क्या वजह है, जानिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ।

Meenakshi Natarajan nomination cancelled: मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को अपना उम्मीदवार बनाया था। लेकिन उनकी एक गलती के चलते कांग्रेस राज्यसभा चुनाव से बाहर हो गई है। दरअसल, मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को रिटर्निंग ऑफिसर ने रद्द कर दिया है। इसके चलते भारतीय जनता पार्टी की बल्ले-बल्ले हो गई है और कांग्रेस को वोटिंग और रिजल्ट आने से पहले ही हार का स्वाद चखना पड़ा है। अब सबसे बड़ा सवाल है- आखिर उनका नामांकन रद्द क्यों हुआ है? आइए जानते हैं पूरी बात, लाइव हिन्दुस्तान के साथ।
आखिर क्यों रद्द हुआ नामांकन?
कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन पर आरोप है कि उन्होंने अपने नामांकन फॉर्म में हैदराबाद की एक अदालत में लंबित आपराधिक मामले की जानकारी कथित तौर पर छुपाई थी। इसी के चलते रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन रद्द कर दिया है। अब कांग्रेस मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की रेस से बाहर हो गई है, क्योंकि नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 8 जून थी।
मंगलवार शाम को अपने आदेश में रिटर्निंग अधिकारी अरविंद शर्मा ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद यह पाया गया कि मीनाक्षी नटराजन ने नामांकन के साथ जमा किए गए फॉर्म 26 में "उक्त न्यायालय परिवाद का उल्लेख नहीं करके अपना शपथ पत्र अपूर्ण प्रस्तुत किया है।"
9 जून की शाम तक जवाब देने का था समय
भाजपा ने इस विषय में शिकायत की थी। इसके बाद रिटर्निंग आफिसर ने उन्हें नोटिस देकर 9 जून को शाम 5:30 बजे तक जवाब देने के लिए कहा था। लेकिन, कोई जवाब नहीं देने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने अपनी जांच में जानकारी को छिपाने का दोषी पाने के बाद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन तकनीकी आधार पर रद्द कर दिया है। इसके साथ ही कांग्रेस मध्य प्रदेश में राज्यसभा की रेस से बाहर हो गई है।
कांग्रस ने बताया लोकतंत्र की हत्या, कोर्ट जाने का ऐलान
इस पूरे मामले पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- ये लोकतंत्र की हत्या है। कानून और नियमों को ताक पर रखकर नामांकन रद्द किया गया है। सुप्रीम कोर्ट का नियम है कि जो केस दर्ज हुआ है, उसकी आपको जानकारी देनी होगी, लेकिन इस मामले में केवल शोकॉज का नोटिस मिला था। फिर भी नियमों को ताक पर रखकर एक्शन लिया गया है। उन्होंने कहा कि अब हम अदालत जाएंगे और जनता के बीच भी संघर्ष करेंगे।
भाजपा की कैसे हुई बल्ले-बल्ले
बल्ले-बल्ले की कहानी समझने से पहले एमपी विधानसभा का चुनावी गणित समझिए। एमपी में कुल 230 विधानसभा सदस्य हैं। राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द है, इसलिए एक सीट खाली होने के चलते कुल प्रभावी सदस्य 229 हैं। इस हिसाब से 3 सीटें जीतने के लिए एक उम्मीदवार को 58 वोट चाहिए थे।
पहले भाजपा के तीसरे उम्मीदवार की जीत मुश्किल थी
भाजपा ने तीन उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। उसके पास विधायक 164 हैं। ऐसे में दो सीटें तो आराम से जीत सकती थी। 58+58 = 116 करके। लेकिन तीसरे उम्मीदवार को जिताने के लिए 10 वोट कम पड़ रहे थे। ऐसे में कहा जा रहा था कि भाजपा कांग्रेस खेमे के विधायक तोड़ सकती है।
नामांकन रद्द होने से कांग्रेस रेस से बाहर
लेकिन अब कांग्रेस की इकलौती उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो गया है। कांग्रेस का दूसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं है। आ भी नहीं सकता, क्योंकि नामांकन दाखिल करने की लास्ट डेट खत्म हो गई है। इसलिए तीसरी सीट पर मुकाबला ही खत्म हो गया है। अब मैदान में भाजपा के केवल तीन उम्मीदवार बचते हैं। तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट। अब ऐसी स्थिति में तीनों सीटों पर भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध जीत जाएंगे।




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