न दिल्ली गया, न प्रदेश दफ्तर…; राज्यसभा टिकट मिलने पर भावुक रजनीश ने भाजपा आलाकमान को बताया देवतुल्य
मध्य प्रदेश में भी राज्यसभा के चुनाव होने हैं। भाजपा ने अपने दो उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। भाजपा नेता रजनीश अग्रवाल ने अपना नाम सामने आने पर भावुक प्रतिक्रिया देते हुए आलाकमान को देवतुल्य बता दिया है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विभिन्न राज्यों से राज्यसभा चुनाव के लिए 11 उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिये हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग मध्य प्रदेश से प्रत्याशी बनाये गये हैं। वहीं रजनीश अग्रवाल को भी इसी प्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है। उन्होंने पार्टी द्वारा खुदके चुने जाने पर अपनी भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा- न दिल्ली गया, न किसी बड़े नेता से मिला, न ही प्रदेश कार्यालय गया... इस तरह उन्होंने अपनी बात रखते हुए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को देवताओं के समान बताया है।
न दिल्ली गया, न किसी बड़े नेता से मिला…
रजनीश अग्रवाल ने एक निजी मीडिया चैनल से बात करते हुए कहा- “मैं घर पर था। न दिल्ली गया, न किसी बड़े नेता से मिला। ये मेरे लिए... पूरे...” इतना कहते-कहते रजनीश अग्रवाल भावुक हो गए और फिर भाजपा आलाकमान को अपने चुने जाने का धन्यवाद देने लगे। उन्होंने कहा- “माननीय नरेंद्र मोदी जी, माननीय अमित शाह जी, माननीय नितिन नबीन जी... हमारा पूरा राष्ट्रीय और प्रदेश का नेतृत्व माननीय मोहन यादव जी... ये सब भाजपा का नेतृत्व ही कर सकता है।”
भाजपा नेतृत्व को बताया देवतुल्य… हो गए भावुक
इतना कहते-कहते वो एक बार फिर भावुक हो गए। और फिर शीर्ष नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा- “ईश्वर साक्षी है कि मैं दिल्ली भी नहीं गया। ईश्वर साक्षी है कि मैं प्रदेश कार्यालय भी नहीं गया। मैं कहीं नहीं गया, लेकिन उन्होंने मेरे काम को, मेरी प्रतिबद्धता को, जो भी कहे... भाजपा का अद्भुत नेतृत्व है। देवतुल्य कार्यकर्ता तो देखे हैं, ये देवतुल्य नेतृत्व है। ये देवताओं के समान नेतृत्व है, जो इस तरह से आकलन करता है।”
कौन हैं रजनीश अग्रवाल, जानिए हर जरूरी बात
रजनीश अग्रवाल मध्य प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ संगठनात्मक नेताओं में गिने जाते हैं और वर्तमान में पार्टी के प्रदेश सचिव के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें भाजपा के भीतर बूथ प्रबंधन, संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति के विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता है। पार्टी के जमीनी ढांचे को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के नेटवर्क को सक्रिय रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल में भी बूथ प्रबंधन प्रभारी की जिम्मेदारी का उल्लेख मिलता है, जो संगठनात्मक कार्यों में उनकी विशेषज्ञता को दर्शाता है।
लंबे समय से भाजपा से जुड़े अग्रवाल प्रदेश स्तर पर कई अहम दायित्व निभा चुके हैं और चुनावों के दौरान संगठनात्मक समन्वय में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी पहचान ऐसे नेता के रूप में है जो सार्वजनिक मंचों की बजाय पर्दे के पीछे रहकर संगठन को मजबूत करने पर अधिक ध्यान देते हैं। भाजपा के चुनावी तंत्र, बूथ स्तर की रणनीति और कार्यकर्ता प्रबंधन में उनकी पकड़ को पार्टी की महत्वपूर्ण ताकत माना जाता है।
किन-किन राज्यों में होने हैं राज्यसभा चुनाव
मध्य प्रदेश में तीन सीटों के लिए मतदान कराया जाएगा। राज्य के तीन सदस्यों-दिग्विजय सिंह, सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन-का कार्यकाल 21 जून को पूरा हो रहा है। आज भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने अलग-अलग प्रदेशों में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है। इन प्रदेशों में अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश और मणिपुर का नाम शामिल है।




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