MP में दो दिन बारिश से राहत, फिर सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ, IMD ने जारी किया बारिश का अलर्ट
IMD से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटो के दौरान प्रदेश के जबलपुर संभाग के कुछ जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी दर्ज की गई एवं शेष सभी संभागों के जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। शाजापुर जिले के गिरवर में शीतल दिन दर्ज किया गया।
मध्य प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बीते दिनों हुई बारिश फिलहाल थम गई है और अब दो दिन तक लोगों के लिए राहत भरे रहेंगे। हालांकि इसके बाद रविवार से एकबार फिर बारिश का एक नया दौर शुरू हो जाएगा। इस बारे में जानकारी देते हुए मौसम विभाग ने बताया कि अभी राज्य के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने तथा तेज उत्तरी हवाओं के प्रभाव से तापमान में और गिरावट होने की संभावना है। लेकिन फिर एक के बाद एक दो नए पश्चिमी विक्षोभ बनने से 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच राज्य के कई जिलों में हल्की बारिश होने की उम्मीद है। ऐसे में विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है।
IMD से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटो के दौरान प्रदेश के जबलपुर संभाग के कुछ जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी दर्ज की गई एवं शेष सभी संभागों के जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। शाजापुर जिले के गिरवर में शीतल दिन दर्ज किया गया। सबसे घना कोहरा ग्वालियर में रहा, इस दौरान वहां अधिकतम 500 मीटर तक की विजिबिलिटी रही।
अगले दो दिन बारिश से राहत, फिर बिगड़ेगा मौसम
29 जनवरी (गुरुवार) के लिए मौसम विभाग ने प्रदेश के ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में कहीं-कहीं घना कोहरा, जबकि भोपाल, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, शहडोल, कटनी, दमोह, सागर जिलों में कहीं-कहीं मध्यम कोहरा छाने का अनुमान लगाया है।
30 जनवरी (शुक्रवार) के लिए मौसम विभाग ने प्रदेश के ग्वालियर, दतिया, भिंड, श्योपुर, मुरैना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिलों में कहीं-कहीं घना कोहरा, जबकि विदिशा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, शहडोल, कटनी, दमोह, सतना, पन्ना और सागर जिलों में कहीं-कहीं मध्यम कोहरा छाने का अनुमान लगाया है।
31 जनवरी (शनिवार) के लिए मौसम विभाग ने प्रदेश के श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में एकबार फिर मौसम बिगड़ने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान विभाग ने इन जिलों में आंधी-तूफान व गरज-चमक के साथ बारिश होने व बिजली गिरने की संभावना जताई है।
1 फरवरी (रविवार) को मौसम विभाग ने प्रदेश के श्योपुर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर, राजगढ़, विदिशा, सागर, शाजापुर, भोपाल, सीहोर, रायसेन, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिलों में आंधी-तूफान व गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान लगाया है। इस दौरान यहां बिजली भी गिर सकती है।
2 फरवरी सोमवार को मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ आंधी-तूफान व गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
बुधवार को कहां हुई बारिश, कहां पड़ी सबसे ज्यादा ठंड
बीते दिन यानि बुधवार के मौसम की बात करें तो प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस मंदसौर में रिकॉर्ड हुआ, जबकि सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 31.1 डिग्री सेल्सियस खंडवा में दर्ज किया गया। शाजापुर जिले के गिरवर में शीतल दिन रहा। बरसात की बात करें तो नरसिंहपुर के तेंदुखेड़ा में सबसे ज्यादा 3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
कोहरे की बात करें तो ग्वालियर जिले में सबसे घना कोहरा, वहीं रीवा और दतिया जिलो में मध्यम कोहरा, जबकि उज्जैन, भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम, राजगढ़, खजुराहो (छतरपुर), सतना जिलों में हल्का कोहरा दर्ज किया गया। इस दौरान दतिया और ग्वालियर में सबसे कम 200 से 500 मीटर विजिबिलिटी रही। इसके बाद उज्जैन और रीवा में 500 से 1000 मीटर विजिबिलिटी दर्ज की गई।
सिनोप्टिक मौसमी परिस्थितियां
एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पूर्वी ईरान के ऊपर माध्य समुद्र तल से 4.5 से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। उत्तर-पूर्व उत्तर-पूर्व भारत के ऊपर माध्य समुद्र तल से 12.6 किमी की ऊंचाई पर लगभग 241 किमी प्रति घंटा की गति से उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं बह रही हैं। एक अन्य नया पश्चिमी विक्षोभ के 2 फरवरी 2026 से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है।




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