एमपी में 22 Km ‘टाइगर कॉरिडोर’ बनेगा 4-लेन हाईवे, 758 करोड़ से बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से इटारसी-बैतूल क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलेंगी।

मध्य प्रदेश के इटारसी-बैतूल सेक्शन में स्थित 22 किलोमीटर लंबे ‘टाइगर कॉरिडोर’ को अब चार लेन हाईवे में विकसित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए 758 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी और विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से इटारसी-बैतूल क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलेंगी।
NH-46 को मिलेगी स्पीड
राष्ट्रीय राजमार्ग-46 (NH-46) के इस हिस्से को चार लेन में अपग्रेड करने से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से न केवल आम लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि कृषि और खनिज आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह इलाका कोयला, तांबा, ग्रेफाइट और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, जिससे माल ढुलाई तेज और सुरक्षित हो सकेगी।
जानिए कहां से कहां को जुड़ेगा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, इस परियोजना के तहत 11 विशेष अंडरपास और ओवरपास बनाए जाएंगे, जिससे वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित किया जा सके। इससे सड़क दुर्घटनाओं और जानवरों की मौत में कमी आने की संभावना है।
यह कॉरिडोर बैतूल को आगे नागपुर से जोड़ेगा, जिससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच संपर्क और बेहतर होगा। इसके अलावा, ग्वालियर-बैतूल कॉरिडोर के इस शेष हिस्से के चार लेन बनने से पूरा मार्ग हाई-स्पीड कनेक्टिविटी वाला बन जाएगा।
समय की होगी बचत
परियोजना के पूरा होने से न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी। साथ ही सतपुरा टाइगर रिजर्व, महादेव नेशनल पार्क और रातापानी वाइल्डलाइफ सेंचुरी जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।




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