भोपाल में फंदे पर झूली नोएडा की ट्विशा; रिटायर जज सास, पति पर मर्डर केस, SIT करेगी जांच
मध्य प्रदेश में पुलिस ने एक रिटायर महिला जज और पेशे से वकील उनके बेटे के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। जानें क्या है पूरा मामला?

मध्य प्रदेश में पुलिस ने एक पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके वकील बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ बहू ट्विशा शर्मा की दहेज हत्या और उत्पीड़न के मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। दिसंबर 2025 में विवाह के बाद, 12 मई को 33 वर्षीय ट्विशा का शव भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उनके घर में फंदे से लटका मिला था। मृतका के परिजनों ने ससुराल वालों पर प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया है।
डेटिंग ऐप के जरिए मुलाकात, फिर शादी
पुलिस के अनुसार, 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए ट्विशा शर्मा की मुलाकात भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी। इसके बाद दोनों ने दिसंबर 2025 में विवाह कर लिया था। 12 मई को 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा का शव कटारा हिल्स इलाके स्थित पति के घर में फंदे से लटका मिला। समर्थ सिंह और उनकी मां सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह, ट्विशा को अस्पताल लेकर पहुंचे थे जहां चिकित्सकों ने ट्विशा को मृत घोषित कर दिया।
नोएडा लौटना चाहती थी ट्विशा
अस्पताल प्रबंधन ने रात करीब 11 बजे पुलिस को घटना की सूचना दी थी। रिश्तेदारों का दावा है कि ट्विशा मंगलवार रात करीब 10 बजे तक फोन पर उनके संपर्क में थी। वह भोपाल छोड़कर नोएडा लौटना चाहती थी। पुलिस जांच से असंतुष्ट परिजनों ने दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया, जहां उन्हें निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा मिला।
समर्थ, उसके पिता और मां गिरिबाला पर केस
कटारा हिल्स पुलिस थाने के वरिष्ठ अधिकारी सुनील कुमार दुबे ने कहा कि नोएडा की निवासी ट्विशा के परिवार ने रिटायर जज गिरिबाला सिंह और उनके पुत्र समर्थ सिंह पर ट्विशा की हत्या का आरोप लगाया है। एसआईटी के प्रमुख बनाए गए सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रजनीश कश्यप ने शनिवार को बताया कि दहेज हत्या और उत्पीड़न से संबंधित भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत समर्थ सिंह, उसके पिता और मां गिरिबाला सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पति समर्थ का पता लगा रही पुलिस
समर्थ सिंह का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। एसआईटी दहेज उत्पीड़न, शारीरिक प्रताड़ना और शर्मा की मौत के बाद सबूतों को नष्ट करने के कथित प्रयासों समेत विभिन्न पहलुओं से जांच करेगी। इस बीच भोपाल की अदालत ने शुक्रवार को रिटायर जज को अग्रिम जमानत दे दी जबकि समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई 18 मई को होगी। बीते पांच दिन से ट्विशा की डेड बॉडी भोपाल एम्स के शवगृह में रखी है जो अब गलने लगी है।
सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन, क्या मांग?
न्याय की मांग को लेकर रविवार दोपहर को ट्विशा के परिजन ने दोबारा पोस्टमार्टम करवाए जाने की मांग करते हुए सीएम आवास के बाहर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री आवास में अधिकारियों से बात की। मृतक के पिता और भाई ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन मिला है। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने बेटी के शव का दोबारा पोस्टमार्टम दिल्ली में स्थित एम्स में कराने और मामले की सुनवाई राज्य की किसी अन्य अदालत में ट्रांसफर करने की मांग की।




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